वैश्विक वित्तीय बाजारों में बुधवार के कारोबारी सत्र के दौरान हलचल तेज रही, जहाँ अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने कई प्रमुख संपत्तियों और मुद्राओं पर दबाव बना दिया। निवेशक और कारोबारी इस समय वॉशिंगटन में होने वाली एक ऐतिहासिक बैठक पर टकटकी लगाए बैठे हैं, जहाँ संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आमने-सामने बातचीत करने वाले हैं। दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव में पिछले कुछ महीनों से नरमी देखी जा रही थी, लेकिन इस बैठक के नतीजे यह तय करेंगे कि दुनिया की दो सबसे बड़ी महाशक्तियाँ आपसी शांति समझौते को आगे बढ़ाएंगी या फिर वैश्विक कारोबार एक बार फिर अनिश्चितता के दौर में प्रवेश करेगा। इस बड़े घटनाक्रम से पहले बाजार सहभागियों ने जोखिम वाली संपत्तियों से दूरी बनाते हुए सतर्क रुख अख्तियार कर लिया है, जबकि हाल ही में पूरी हुई अमेरिका और ईरान की अप्रत्यक्ष वार्ता को बाजारों ने काफी हद तक नजरअंदाज कर दिया है।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दोहरी मार और पीएमआई का झटका
एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर नए सिरे से बिकवाली का दबाव देखा गया, जिसके चलते एयूडी/यूएसडी (AUD/USD) मुद्रा जोड़ी 0.7100 के अहम स्तर का परीक्षण करती नजर आई। इस गिरावट के पीछे ऑस्ट्रेलिया के घरेलू आर्थिक आंकड़े भी एक प्रमुख वजह रहे। ऑस्ट्रेलिया के ताजा फ्लैश पीएमआई (PMI) आंकड़ों ने संकेत दिया कि वहां का विनिर्माण क्षेत्र संकुचन यानी मंदी के दायरे में फिसल गया है। इसके साथ ही सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर भी लगातार दूसरे महीने धीमी दर्ज की गई है। कमजोर आर्थिक आंकड़ों के साथ-साथ मजबूत अमेरिकी डॉलर ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की राह में गंभीर अड़चनें पैदा कर दी हैं। निवेशक अब ट्रंप और शी की गुरुवार को होने वाली बैठक के रुख को समझने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि चीन की अर्थव्यवस्था में होने वाले किसी भी बदलाव का सीधा प्रभाव ऑस्ट्रेलियाई कारोबार पर पड़ता है।
फेडरल रिजर्व के रुख से सोने की चमक फीकी
सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली कीमती धातु सोने को भी डॉलर की तेजी के चलते तगड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ा। सोना 4,300 डॉलर प्रति औंस के निचले स्तर से पिछले सत्र में मिले उछाल को बरकरार रखने में नाकाम रहा और एशियाई कारोबार में दोबारा बिकवाली की चपेट में आ गया। फेडरल रिजर्व के आक्रामक यानी सख्त रुख के संकेतों के बाद अमेरिकी डॉलर लगातार बढ़त बनाए हुए है और इसने 30 जुलाई के बाद के अपने नए उच्चतम स्तर को छू लिया है। डॉलर इंडेक्स में आ रही यह तेजी बिना ब्याज वाली संपत्ति सोने की मांग को काफी नुकसान पहुंचा रही है, जिससे सर्राफा बाजारों में लिवाली कमजोर पड़ गई है।
बैंक ऑफ जापान की दर वृद्धि और येन का मिजाज
दूसरी तरफ, जापानी मुद्रा के मोर्चे पर यूएसडी/जेपीवाई (USD/JPY) जोड़ी एशियाई कारोबार में 157.00 के मध्य स्तर के करीब मंडराती रही, जो पिछले शुक्रवार को छुए गए दो सप्ताह के उच्चतम स्तर के नजदीक है। बैंक ऑफ जापान (BoJ) ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर के लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। मौद्रिक नीति को सामान्य करने की दिशा में यह कदम उठाया गया है और यह कई हफ्तों से लगाई जा रही बाजार की उम्मीदों के बिल्कुल अनुरूप रहा। हालांकि, इस दर वृद्धि के बावजूद केंद्रीय बैंक का रुख नरम माना गया, जिसने जापानी येन को कमजोर बनाए रखा। इसके समानांतर, फेडरल रिजर्व के कड़े रुख से डॉलर को मिल रहे समर्थन ने इस मुद्रा जोड़ी को ऊंचा बनाए रखा है, भले ही जापानी अधिकारियों द्वारा मुद्रा हस्तक्षेप की आशंकाओं ने येन की गिरावट पर थोड़ी सीमा लगा रखी हो।
क्रिप्टो बाजार में कार्डानो की 14 फीसदी की छलांग
पारंपरिक मुद्राओं और धातुओं में सुस्ती के विपरीत, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में कार्डानो (ADA) ने शानदार तेजी का प्रदर्शन किया। कार्डानो 0.262 डॉलर के ऊपर कारोबार करता दिखा, जिसमें इस सप्ताह अब तक 14% से अधिक की तेजी दर्ज की जा चुकी है। इस उछाल को बढ़ते ओपन इंटरेस्ट (OI), सकारात्मक फंडिंग दरों और बड़े निवेशकों यानी व्हेल वॉलेट्स द्वारा की जा रही सक्रिय खरीदारी से मजबूत सहारा मिला है। कार्डानो के डेरिवेटिव्स आंकड़े भी बाजार की मजबूत स्थितियों की पुष्टि कर रहे हैं। यदि बाजार में यह खरीदारी आगे भी जारी रहती है, तो यह टोकन अपनी मौजूदा रैली को और विस्तार देते हुए नए उच्च स्तरों को छू सकता है।


















