मंगलवार को एशियाई सत्र के दौरान EUR/JPY मुद्रा जोड़ी में स्थिरता देखी जा रही है। लगातार दो सत्रों की गिरावट के बाद इस क्रॉस ने रिकवरी की है और यह 186.20 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है। तकनीकी मोर्चे पर यह मुद्रा जोड़ी नौ-दिवसीय और 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज दोनों से ऊपर बनी हुई है, जिससे इसका शॉर्ट-टर्म बुलिश रुझान मजबूत बना हुआ है और इसका बड़ा अपट्रेंड भी सुरक्षित है।
तकनीकी संकेतक और आरएसआई की स्थिति
इस करेंसी क्रॉस का 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 57.46 के स्तर पर है। यह रीडिंग हल्की तेजी की ओर इशारा करती है, हालांकि यह ओवरबॉट जोन में नहीं पहुंची है। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में खरीदारों की पकड़ अभी भी बनी हुई है और तेजी की रफ्तार मध्यम बनी हुई है। इसके बावजूद, यदि दैनिक चार्ट का तकनीकी विश्लेषण किया जाए तो यह क्रॉस एक राइजिंग वेज पैटर्न के भीतर ट्रेड कर रहा है, जो मंदी के दौर में संभावित उलटफेर का कड़ा जोखिम पैदा करता है।
अपर बाउंड्री और ऑल-टाइम हाई का लक्ष्य
मौजूदा रुझान को देखते हुए यह क्रॉस राइजिंग वेज की ऊपरी सीमा यानी 18.90 के लक्ष्य की तरफ बढ़ सकता है। यदि इसमें और अधिक तेजी दर्ज की जाती है, तो यह करेंसी क्रॉस 17 अप्रैल को दर्ज किए गए अपने ऑल-टाइम हाई 187.95 के स्तर को निशाना बना सकता है। बाजार के विश्लेषक इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि क्या खरीदार इस ऊपरी दायरे को पार करने में सफल होते हैं या नहीं।
डाउनसाइड पर प्रमुख सपोर्ट स्तर
यदि बाजार में गिरावट का रुख बनता है, तो सबसे पहले नौ-दिवसीय EMA के 186.01 के स्तर पर शुरुआती सपोर्ट मिलेगा। इसके बाद राइजिंग वेज की निचली सीमा करीब 185.50 और 50-दिवसीय EMA 185.33 के आसपास अगला सपोर्ट मौजूद है। यदि यह मुद्रा जोड़ी इस महत्वपूर्ण सपोर्ट ज़ोन से नीचे फिसलती है, तो इससे मंदी का नया दौर शुरू हो सकता है। ऐसे में बिकवाली का दबाव बढ़ने से यह क्रॉस 16 मार्च को दर्ज किए गए पांच महीने के निचले स्तर 181.87 और सात महीने के निचले स्तर 180.81 की तरफ आ सकता है।
अन्य प्रमुख मुद्राओं का प्रदर्शन
विभिन्न प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले यूरो के प्रदर्शन को देखें तो आज यह ऑस्ट्रेलियन डॉलर के खिलाफ सबसे मजबूत मुद्रा बनकर उभरी है। मुद्रा बाजार में हीट मैप के जरिए यह साफ होता है कि अलग-अलग जोड़ियों में किस तरह का उतार-चढ़ाव चल रहा है। बायीं तरफ बेस करेंसी और ऊपर की कतार में कोट करेंसी को रखकर यह गणना की जाती है कि किस करेंसी ने कितना प्रतिशत बदलाव दर्ज किया है।
वैश्विक बाजारों का व्यापक परिदृश्य
व्यापक मुद्रा बाजार में अन्य जोड़ियों का हाल भी सुस्त और सतर्क नजर आ रहा है। मंगलवार को एशियाई कारोबार के दौरान GBP/USD शुरुआती बढ़त के बावजूद थोड़े निचले स्तर पर खिसक गया और यह 1.3290 के आसपास कारोबार कर रहा है। अमेरिकी डॉलर के संभलने के कारण इस जोड़ी पर दबाव बना हुआ है क्योंकि व्यापारी बुधवार को आने वाले फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले का इंतजार कर रहे हैं। इसी तरह, EUR/USD यूरोपीय सुबह के समय 1.1300 के आसपास निचले दायरे में बना हुआ है क्योंकि डॉलर की मांग लगातार बनी हुई है और एफओएमसी की दो दिवसीय बैठक के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है।
कमोडिटीज और क्रिप्टोकरेंसी बाजार का हाल
कमोडिटी बाजार में सोने की चाल सुस्त बनी हुई है और एशियाई सत्र के दौरान यह 0.85% की गिरावट के साथ 4,050 डॉलर के ठीक नीचे ट्रेड कर रहा है। सोने की कीमतें पिछले दिन 4,100 डॉलर से ऊपर टिकने में असफल रहीं, जिससे यह संकेत मिलता है कि बुलियन में फिलहाल बिकवाली का दबाव ज्यादा है। इसके अलावा, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी कमजोरी दिख रही है जहां पिछले सत्र में रिपल और स्टेलर में क्रमशः 4% और 5% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई थी। कमजोर मोमेंटम इंडिकेटर्स और डेरिवेटिक्स के आंकड़े बताते हैं कि विक्रेताओं का दबदबा बना हुआ है।



















