वैश्विक मुद्रा बाजार में यूरो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.1100 के करीब बने हालिया निचले स्तरों से उबरने में कामयाब रहा है, हालांकि यह 1.1200 के प्रमुख स्तर से ऊपर अपनी तेजी को बनाए रखने के लिए कड़े संघर्ष का सामना कर रहा है। मुद्रा जोड़े ने गुरुवार को लगभग 18 महीने का निचला स्तर छुआ था, जिसके बाद आई यह सुधारात्मक प्रतिक्रिया बाजार के मौजूदा तकनीकी ढांचे में तेजी के मोमेंटम को अभी भी कमजोर दर्शा रही है। यूरो क्षेत्र के अक्टूबर महीने के मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स में किए गए ऊपर की ओर संशोधनों ने यूरो को नई मजबूती प्रदान की है। इसके अतिरिक्त, मंगलवार को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के संभावित नतीजों को लेकर निवेशकों के बीच बनी चिंताओं का फायदा भी यूरो को मिला है। हालांकि, फ्रांस के कर्ज से जुड़ी चिंताओं का भारी दबाव यूरो पर लगातार बना हुआ है, जिससे इसकी ऊपर की चाल सीमित हो रही है।
तकनीकी स्तर और यूरो का डाउनसाइड जोखिम
यूरो और अमेरिकी डॉलर की चाल का तकनीकी ढांचा यह संकेत देता है कि हालिया उछाल महज एक सुधारात्मक प्रतिक्रिया भर है और जब तक स्पष्ट बढ़त नहीं दिखती, तब तक जोखिम नीचे की ओर बना रहेगा। यदि यह मुद्रा जोड़ी शुक्रवार के 1.1104 के निचले स्तर से नीचे फिसलती है, तो बिकवाली करने वाले ट्रेडर्स मई 2025 के 1.1050 के आसपास के निचले स्तरों की ओर रुख कर सकते हैं। इसके बाद 1.1000 का मनोवैज्ञानिक दायरा एक बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण समर्थन क्षेत्र के रूप में सामने आएगा, जिस पर बाजार की पैनी नजरें टिकी हुई हैं। दूसरी ओर, जब तक 1.1200 से ऊपर निरंतर मजबूती नहीं दर्ज की जाती, तब तक किसी भी नए अपट्रेंड की पुष्टि करना मुश्किल होगा। प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले दैनिक उतार-चढ़ाव में यूरो ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले सबसे ज्यादा मजबूती दिखाई है, जिससे क्रॉस-करेंसी मोर्चे पर इसका मिलाजुला प्रदर्शन रेखांकित होता है।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और येन के मोर्चे पर गतिविधियां
अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने सोमवार को एशियाई कारोबारी सत्र की अपनी शुरुआती गिरावट को पलट दिया। अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक प्रयासों को लेकर दोबारा जगी उम्मीदों ने निवेशकों के भरोसे को बढ़ावा दिया है, जिससे सुरक्षित ठिकाना माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना और जोखिम से जुड़े ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को समर्थन मिला। हालांकि, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के आगामी महत्वपूर्ण फैसले से पहले खरीदार नई पोजीशन लेने से बच रहे हैं, जिस वजह से हाजिर भाव पिछले गुरुवार को छुए गए एक महीने के उच्च स्तर से नीचे बने हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ, अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी ने नए कारोबारी हफ्ते की मजबूत शुरुआत की है। बैंक ऑफ जापान के नीतिगत फैसले के बाद शुक्रवार को 157.00 से नीचे के स्तर तक लुढ़कने के बाद यह जोड़ी उबरते हुए एशियाई सत्र के दौरान 158.00 के आसपास पहुंच गई। जापान की वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा की ओर से मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप की नई चेतावनी दिए जाने के बावजूद यह तेजी अप्रभावित रही।
सोने में सुधारात्मक रुख और कच्चे तेल का असर
कमोडिटी बाजार की बात करें तो सोने ने सोमवार को अमेरिकी कारोबारी घंटों के दौरान अपना सकारात्मक रुख बरकरार रखा। इससे पहले शुक्रवार को कीमती धातु गिरकर 3,870 डॉलर के नए वार्षिक निचले स्तर तक चली गई थी और अक्टूबर महीने का समापन 6.87 प्रतिशत की तेज गिरावट के साथ हुआ था। अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक वार्ताओं के चलते कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने सोने की कीमतों को कुछ सहारा दिया है। इसके बावजूद, मौजूदा बुनियादी आर्थिक पृष्ठभूमि निरंतर और स्थायी रिकवरी पर संदेह पैदा कर रही है, जिसके चलते सोने का यह हालिया उछाल ठोस दृढ़ता प्रदर्शित नहीं कर पा रहा है। निवेशक अभी भी मुद्रास्फीति और वैश्विक बॉन्ड यील्ड्स के रुख पर अपनी नजर बनाए हुए हैं।
क्रिप्टोकरेंसी और डॉगकॉइन की कमजोरी
डिजिटल परिसंपत्तियों के क्षेत्र में डॉगकॉइन सोमवार को 0.075 डॉलर के आसपास मंडराता दिखाई दिया। सितंबर के अंत से यह इसकी लगातार पांचवें हफ्ते की गिरावट दर्ज की जा रही है। सेंटिमेंट के आंकड़ों से पता चलता है कि बड़े टोकन धारकों की गतिविधियों में गहरा विभाजन देखने को मिल रहा है। बड़े व्हेल निवेशक अपने निवेश को घटा रहे हैं, जबकि अपेक्षाकृत छोटे व्हेल वॉलेट्स टोकनों को जमा करने में जुटे हुए हैं। इसके साथ ही, ऑन-चेन मैट्रिक्स में आ रही कमजोरी और लगातार बिगड़ता तकनीकी परिदृश्य यह स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि डॉगकॉइन आगे भी अतिरिक्त गिरावट के प्रति संवेदनशील बना रह सकता है, जिससे टोकन पर दबाव और बढ़ सकता है।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था और वॉल स्ट्रीट का बदलता नजरिया
मैक्रोइकॉनॉमिक मोर्चे पर अमेरिकी अर्थव्यवस्था 3.4 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ी है, लेकिन इसके बावजूद अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स में गिरावट देखी गई। वहीं दूसरी ओर, नैस्डैक ने मार्च 2025 के बाद से अपना सबसे खराब मासिक प्रदर्शन करते हुए अक्टूबर का समापन किया। वित्तीय बाजार अब कंपनियों के पूंजीगत खर्च को सिर्फ इसलिए पुरस्कृत नहीं कर रहे हैं कि वह आर्थिक विकास का समर्थन करता है। इसके बजाय, निवेशक अब बारीकी से इस बात की परीक्षा ले रहे हैं कि क्या यह भारी पूंजीगत खर्च वास्तविक नकदी प्रवाह उत्पन्न कर सकता है और पूंजी की लागत से अधिक रिटर्न देने में सक्षम है। विकास और वास्तविक रिटर्न के बीच का यह कड़ा मूल्यांकन वैश्विक बाजारों के बदलते रुख को दर्शाता है।

















