अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर लगातार मुखर रहने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर को न्यायिक प्रक्रिया के तहत बड़ी राहत प्राप्त हुई है। हरिद्वार की अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने अभिनेत्री की जमानत याचिका को शर्तों के साथ स्वीकार कर लिया है। अदालत ने इस मामले की सुनवाई पूरी करते हुए पचास हजार रुपये के निजी मुचलके और दो स्थानीय जमानतदारों की शर्त पर रिहाई का आदेश जारी किया है। इस कानूनी फैसले के बाद उनके जेल से बाहर आने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
रानीपुर कोतवाली में दर्ज हुआ था आपराधिक मुकदमा
इस पूरे कानूनी विवाद की शुरुआत 25 अक्टूबर को हुई थी, जब हरिद्वार के रानीपुर कोतवाली क्षेत्र में अभिनेत्री के खिलाफ एक आपराधिक प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। यह शिकायत एक पूर्व विधायक की बेटी द्वारा दर्ज कराई गई थी, जिसमें उर्मिला सनावर पर विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत गंभीर आरोप लगाए गए थे। मामला हाई-प्रोफाइल होने और राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़े होने के कारण पुलिस प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया और जांच प्रक्रिया को तेज कर दिया था।
सहारनपुर से गिरफ्तारी और हरिद्वार जेल में रवानगी
शिकायत दर्ज होने के बाद हरिद्वार पुलिस की एक टीम ने त्वरित कार्रवाई को अंजाम दिया था। पुलिस दल ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर पहुंचकर उर्मिला सनावर के आवास पर दबिश दी और उन्हें हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए अभिनेत्री को न्यायिक हिरासत में हरिद्वार जिला कारागार भेज दिया गया था। तभी से वह कारागार में बंद थीं और अपनी कानूनी टीम के जरिए नियमित रूप से जमानत के प्रयास कर रही थीं।
कागजी औपचारिकताओं के बाद रिहाई की तैयारी
अदालत में अभिनेत्री का पक्ष रखने वाली अधिवक्ता प्रीति सिंह चौहान ने कानूनी स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि न्यायिक दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। अधिवक्ता के अनुसार, मंगलवार को अदालत के समक्ष आवश्यक दस्तावेज और औपचारिकताएं प्रस्तुत की जाएंगी। अदालत से जरूरी परवाना जेल प्रशासन तक पहुंचने और कागजी प्रक्रिया संपन्न होते ही उर्मिला सनावर को हरिद्वार जिला जेल से रिहा कर दिया जाएगा।
चर्चाओं में रहा है अभिनेत्री का नाम
उर्मिला सनावर पूर्व में उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड के दौरान सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय रही थीं। उस समय उन्होंने इस संवेदनशील मामले को लेकर कई वीडियो और बयानों के जरिए अपनी बात रखी थी, जिसके चलते वह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी थीं। हालांकि, हालिया घटनाक्रम में पूर्व विधायक की पुत्री द्वारा दर्ज कराए गए आपराधिक मुकदमे के बाद वह स्वयं कानूनी जांच और न्यायिक हिरासत के घेरे में आ गई थीं। इस प्रकरण ने स्थानीय प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खासा ध्यान खींचा है।



















