फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति बैठक से पहले वैश्विक बाजारों में पसरी सतर्कता के बीच यूरो में गिरावट दर्ज की गई है। EUR/USD की यह जोड़ी फिसलकर 1.1362 के अपने मासिक निचले स्तर के करीब पहुंच गई है। यूरोपीय सत्र की शुरुआत के साथ ही इस मुद्रा जोड़ी पर लगातार अमेरिकी डॉलर की मजबूत मांग का दबाव बना हुआ है, जिससे व्यापारी किसी भी तरह के आक्रामक और बड़े सौदे करने से बच रहे हैं। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी FOMC की दो दिवसीय बैठक के नतीजों का इंतजार करते हुए बाजार के प्रतिभागी बेहद सावधानी से कदम उठा रहे हैं।
जर्मनी और यूरोक्षेत्र के आंकड़ों पर निवेशकों की नजर
इस मौजूदा कारोबारी माहौल में निवेशकों का ध्यान केवल अमेरिकी नीतियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वे क्षेत्रीय आर्थिक संकेतकों पर भी बारीकी से नजर गड़ाए हुए हैं। बाजार के तमाम प्रतिभागी जुलाई महीने के लिए जर्मनी और पूरे यूरोक्षेत्र के शुरुआती HICP (हार्मोनलाइज्ड इंडेक्स ऑफ कंज्यूमर प्राइसेस) आंकड़ों के जारी होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। ये आंकड़े आने वाले समय में यूरोपीय सेंट्रल बैंक यानी ECB की अगली रणनीतियों और दिशा तय करने में एक अहम भूमिका निभाएंगे, जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकेगा कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था किस दिशा में आगे बढ़ रही है।
ईसीबी के काजिमिर की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की वकालत
क्षेत्रीय स्तर पर मौद्रिक रुख को लेकर चर्चाएं तेज हैं। यूरोपीय सेंट्रल बैंक के अधिकारी काजिमिर ने बढ़ती हुई महंगाई के ऊंचे दबावों के बीच यह जोरदार वकालत की है कि अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए कम से कम एक और ब्याज दर में बढ़ोतरी की सख्त जरूरत है। जब तक मुद्रास्फीति तय लक्ष्यों के दायरे में वापस नहीं आती, तब तक केंद्रीय बैंकों के सामने नीतिगत मोर्चे पर कड़े कदम उठाने का दबाव बना रहता है, और यही बात यूरोपीय नीति निर्माताओं के बयानों में भी साफ तौर पर झलक रही है।
अमेरिकी डॉलर सूचकांक और अन्य प्रमुख मुद्राओं की स्थिति
लिखे जाने के समय अमेरिकी डॉलर सूचकांक यानी DXY, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले ग्रीनबैक की चाल को मापता है, अपने मासिक उच्च स्तर 101.59 के बेहद करीब मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक इस हफ्ते अमेरिकी डॉलर ने अधिकांश प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले मजबूती दिखाई है, जिसमें न्यूजीलैंड डॉलर के खिलाफ डॉलर सबसे मजबूत स्थिति में उभरा है। इसके विपरीत, GBP/USD की जोड़ी एशियाई सत्र के दौरान बढ़त के साथ खुलने के बाद मामूली गिरावट के साथ 1.3290 के आसपास कारोबार करती नजर आई।
फेड की अगली बैठक और ब्याज दरों की संभावनाएं
शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज यानी CME के FedWatch टूल के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में होने वाली अगली नीतिगत बैठक में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी किए जाने की संभावना अब बढ़कर 80.8% हो गई है। बाजार में इन उम्मीदों का गहरा असर देखा जा रहा है। महंगाई के आंकड़े और केंद्रीय बैंकों के रुख सीधे तौर पर विदेशी मुद्रा बाजारों की दिशा तय कर रहे हैं, जहां निवेशक हर एक आर्थिक आंकड़े का बारीकी से विश्लेषण कर रहे हैं।
सोने की चाल और अन्य परिसंपत्तियों का हाल
कीमती धातुओं के बाजार में भी सुस्ती का दौर जारी है। एशियाई सत्र के दौरान सोना 4,050 डॉलर के ठीक नीचे कारोबार करता दिखा और दिनभर में इसमें 0.85% की गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले सोमवार को यह धातु 4,100 डॉलर के स्तर को पार करने में नाकामयाब रही थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि फिलहाल बाजार में सोने के लिए नीचे की राह ही सबसे आसान बनी हुई है। इसके अलावा, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी दबाव का रुख है जहां Ripple और Stellar में पिछले सत्र में क्रमशः 4% और 5% से अधिक की गिरावट देखने को मिली।



















