यूरोपीय वित्तीय हलकों में बढ़ती महंगाई को काबू में करने के लिए कड़े मौद्रिक कदमों की तैयारी चल रही है, वहीं अटलांटिक के दूसरी तरफ वाशिंगटन में सत्ता संतुलन को लेकर बनी अनिश्चितता ने दुनिया भर की मुद्राओं, बॉन्ड यील्ड और कमोडिटी बाजारों में नया उतार-चढ़ाव पैदा कर दिया है। नॉर्डिया के आकलन के अनुसार अक्टूबर महीने में यूरो क्षेत्र की हेडलाइन मुद्रास्फीति बढ़कर 4.0 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो यूरोपीय सेंट्रल बैंक के तय लक्ष्य से दोगुनी है। इस उछाल के पीछे ऊर्जा कीमतों में भारी इजाफा और खाद्य लागत में दोबारा दर्ज की गई तेजी मुख्य कारक बनकर उभरे हैं। केंद्रीय बैंक के दो प्रतिशत के मानक की तुलना में यह दर लगातार ऊंची बनी हुई है, जिससे नीति निर्माताओं के सामने ब्याज दरों में चरणबद्ध तरीके से बढ़ोतरी जारी रखने के अलावा बहुत कम विकल्प नजर आ रहे हैं।
यूरो क्षेत्र में महंगाई का दबाव और ऊर्जा क्षेत्र की भूमिका
यूरो क्षेत्र में मूल्य वृद्धि की रफ्तार लगातार तेज बनी हुई है। सितंबर में दर्ज 3.8 प्रतिशत की तुलना में अक्टूबर का प्रारंभिक आंकड़ा 4.0 प्रतिशत रहा, जो बाजार की आम सहमति के बिल्कुल अनुरूप है। आंकड़ों का विश्लेषण दिखाता है कि महंगाई को भड़काने में ऊर्जा की कीमतों ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई है। ऊर्जा की लागत में सालाना आधार पर 20.8 प्रतिशत का भारी उछाल दर्ज किया गया है, जिसका हेडलाइन महंगाई के लगभग आधे हिस्से पर सीधा असर है। इसके अलावा तीसरी तिमाही में अप्रत्याशित रूप से निचले स्तर पर रहने के बाद खाद्य कीमतों की महंगाई दर अक्टूबर में दोबारा उछलकर 1.6 प्रतिशत पर पहुंच गई है। विश्लेषकों का मानना है कि खाद्य लागत में यह ताजा बढ़त महंगी ऊर्जा के अप्रत्यक्ष प्रभावों यानी सेकंड-राउंड इफेक्ट्स का शुरुआती संकेत हो सकती है।
कोर इन्फ्लेशन और यूरोपीय सेंट्रल बैंक की आगामी नीतियां
ऊर्जा और खाद्य जैसी अस्थिर मदों को अलग रखने पर सामने आने वाली कोर मुद्रास्फीति अक्टूबर में 2.5 प्रतिशत पर स्थिर रही, जो विश्लेषकों के 2.5 प्रतिशत के अनुमान से मेल खाती है। हालांकि इसके आंतरिक घटकों में मिला-जुला रुख देखने को मिला है। गैर-ऊर्जा औद्योगिक वस्तुओं की महंगाई दर 1.2 प्रतिशत रही, जबकि सेवा क्षेत्र की महंगाई बढ़कर 3.3 प्रतिशत पर पहुंच गई। कई सदस्य देशों ने परिवहन सेवाओं में अधिक मूल्य वृद्धि की जानकारी दी है, लेकिन समग्र उपलब्ध विवरण संकेत देते हैं कि सेवा क्षेत्र में व्यापक सेकंड-राउंड प्रभाव अभी भी बेहद सीमित हैं। वित्तीय स्थितियों में कड़ाई और कमजोर होती आर्थिक गतिविधियों के कारण बुनियादी परिदृश्य पर नकारात्मक जोखिम जरूर बने हैं, मगर नॉर्डिया का मानना है कि यूरोपीय सेंट्रल बैंक द्वारा आगामी समय में दो और दर वृद्धि किए जाने का आधार पूरी तरह मजबूत बना हुआ है। केंद्रीय बैंक का मानना है कि कीमतों का दबाव धीरे-धीरे अर्थव्यवस्था के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है, जो क्रमिक मौद्रिक सख्ती का समर्थन करता है।
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव और कमजोर पड़ता डॉलर
यूरोप में नीतिगत बदलावों के बीच वैश्विक मुद्रा बाजार अमेरिकी मध्यावधि चुनाव की मतगणना से प्रभावित हो रहा है। संसद के दोनों सदनों यानी प्रतिनिधि सभा और सीनेट में डेमोक्रेट्स की जीत के रुझानों ने वाशिंगटन में राजनीतिक गतिरोध की संभावना पैदा कर दी है। इस राजनीतिक अनिश्चितता ने अमेरिकी डॉलर पर भारी दबाव बनाया है और ग्रीनबैक एक महीने के निचले स्तर पर फिसल गया। दूसरी तरफ निवेशकों द्वारा सुरक्षित संपत्तियों का रुख करने से अमेरिकी सरकारी बॉन्ड की प्रतिफल दरों यानी बॉन्ड यील्ड में नई गिरावट दर्ज की गई। यील्ड में आई इस कमी ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा संभावित दर वृद्धि के अनुमानों के असर को बेअसर कर दिया, जिससे डॉलर की कमजोरी और गहरी हो गई।
विदेशी मुद्रा बाजार में मुद्राओं की स्थिति
कमजोर डॉलर के दौर में एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान बुधवार को जापानी येन के मुकाबले डॉलर भारी बिकवाली के घेरे में आ गया। यूएसडी/जेपीवाई (USD/JPY) टूटकर 158.00 के स्तर से नीचे आ गया। इसी तरह ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने दो सप्ताह के निचले स्तर के ऊपर अपनी पकड़ बनाए रखी और एयूडी/यूएसडी (AUD/USD) 0.6965 के आसपास कारोबार करता दिखा। हालांकि ऑस्ट्रेलिया के रिजर्व बैंक के कम आक्रामक रुख ने ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा की बढ़त को एक सीमित दायरे में बांधे रखा, जिससे डॉलर की कमजोरी का पूरा लाभ इस मुद्रा को नहीं मिल सका।
सोने में भारी उछाल और नई साप्ताहिक ऊंचाई
राजनीतिक अस्थिरता और घटती बॉन्ड यील्ड के सीधे असर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने को जबरदस्त सहारा मिला है। यूरोपीय कारोबारी सत्र के पहले हिस्से में सोना अपनी मजबूत इंट्राडे बढ़त को आगे बढ़ाते हुए नई साप्ताहिक ऊंचाइयों की श्रृंखला बनाने में कामयाब रहा। पीली धातु के भाव चढ़कर 4,050 डॉलर प्रति औंस के बेहद करीब पहुंच गए। वाशिंगटन में राजनीतिक खींचतान की आशंका और डॉलर की कमजोरी ने सुरक्षित ठिकाने के तौर पर कीमती धातु की मांग में तेज उछाल पैदा कर दिया है।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में जोखिम उठाने की धारणा
वित्तीय बाजारों में आए इस बदलाव का असर डिजिटल संपत्तियों पर भी सकारात्मक दिखाई दिया। बुधवार को क्रिप्टोकरेंसी बाजार में समग्र रूप से सुधार देखने को मिला। बिटकॉइन 78,000 डॉलर के स्तर से ऊपर कारोबार करता रहा, जिससे व्यापक बाजार में धारणा मजबूत हुई। इथेरियम भी बिटकॉइन की इस तेजी का अनुसरण करते हुए 2,300 डॉलर के पार बना रहा। वहीं रिपल ने लगातार दूसरे दिन तेजी का रुख बनाए रखा और यह 1.28 डॉलर के स्तर से ऊपर हाथ बदलता नजर आया।
अमेरिकी रोजगार आंकड़ों पर बाजार की नजर
व्यापक आर्थिक मोर्चे पर अब निवेशकों की निगाहें ऑटोमैटिक डेटा प्रोसेसिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट की ओर से बुधवार को जारी होने वाली निजी क्षेत्र की रोजगार रिपोर्ट पर टिकी हैं। बाजार की आम सहमति अक्टूबर में रोजगार सृजन में मध्यम गति की गिरावट का अंदेशा जता रही है। उम्मीद की जा रही है कि एडीपी रोजगार परिवर्तन के तहत अक्टूबर में निजी क्षेत्र में 69,000 नए रोजगार जोड़े जाएंगे, जबकि सितंबर के महीने में यह आंकड़ा 90,000 दर्ज किया गया था। इस रिपोर्ट से अमेरिकी अर्थव्यवस्था की आंतरिक मजबूती और श्रम बाजार की वास्तविक स्थिति का ताजा संकेत मिलने की संभावना है।



















