जर्मनी के राजनीतिक गलियारों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां ओपिनियन पोल्स के अनुसार एएफडी देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में उभर कर सामने आई है। इस राजनीतिक परिदृश्य के पीछे कई महत्वपूर्ण राजनीतिक और आर्थिक समीकरण काम कर रहे हैं, जिन पर निवेशकों और व्यावसायिक समुदाय को बेहद करीब से ध्यान देने की आवश्यकता है। जानकारों का मानना है कि इस राजनीतिक बदलाव के दूरगामी परिणाम यूरोपीय अर्थव्यवस्था और बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
आर्थिक नीतियों को लेकर अस्पष्टता
जब बात आर्थिक नीतियों की आती है, तो एएफडी का एजेंडा अब तक काफी हद तक अस्पष्ट और विरोधाभासी बना हुआ है। पार्टी की तरफ से इस मोर्चे पर बहुत कम दस्तावेज या ठोस योजनाएं सार्वजनिक की गई हैं। इस साल की शुरुआत में पार्टी के संसदीय समूह ने आर्थिक नीति पर एक श्वेत पत्र या पोजीशन पेपर जारी जरूर किया था, लेकिन जब इसकी तुलना 2025 के घोषणापत्र से की जाती है, तो कई अहम प्रस्तावों और बातों को हटा दिया जाना ही मुख्य चर्चा का विषय बन जाता है। वित्तपोषण के सवालों को अगर फिलहाल किनारे भी रख दिया जाए, तो भी यह पूरी तरह से धुंधला है कि यदि एएफडी सत्ता में आती है, तो देश को किस प्रकार की आर्थिक नीति का सामना करना पड़ेगा।
प्रमुख मुद्राओं और विदेशी मुद्रा बाजार का हाल
व्यापक आर्थिक और भू-राजनीतिक मोर्चे पर विदेशी मुद्रा बाजारों में भी लगातार हलचल बनी हुई है। GBP/USD मुद्रा जोड़ी मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी अपने कंसोलिडेशन के दौर में बनी रही और 1.3600 के स्तर के ऊपर एक सीमित दायरे में ऊपर-नीचे होती रही। इस दौरान अमेरिकी डॉलर में स्थिरता देखी गई, क्योंकि निवेशक ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों का आकलन कर रहे थे। इसके साथ ही, कूटनीतिक प्रयास भी धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे हैं, और ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई हैं कि पाकिस्तान ईरान के सामने घेराबंदी रोकने और समझौता ज्ञापन के तहत प्रतिबंध हटाने का कोई प्रस्ताव लेकर पहुंचा है।
दूसरी ओर, EUR/USD मुद्रा जोड़ी रिकवरी की गति हासिल करने में संघर्ष करती नजर आई और मंगलवार के सत्र के दूसरे भाग में 1.1700 के नीचे कारोबार कर रही थी। मध्य पूर्व में सामने आ रहे नए घटनाक्रमों को देखते हुए निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं, जिसका सीधा फायदा अमेरिकी डॉलर को मिल रहा है। हालांकि, अमेरिका से आए निराशाजनक उपभोक्ता भावना डेटा ने इस मुद्रा जोड़ी को थोड़ा बहुत संभलने में जरूर मदद की है।
कमोडिटी और क्रिप्टो बाजार की चाल
कीमती धातुओं के बाजार में, सोना यानी XAU/USD ने अमेरिकी ट्रेडिंग घंटों के दौरान अपनी दिन की शुरुआती गिरावट को और बढ़ा दिया। इससे पहले सत्र के शुरुआती हिस्से में सोने ने 4,697 डॉलर का नया तीन महीने का उच्च स्तर छू लिया था। वहीं दूसरी ओर, डिजिटल करेंसी बाजार में बिटकॉइन यानी BTC मंगलवार को 80,000 डॉलर से ऊपर के स्तर पर कारोबार कर रहा था। मई के मध्य के बाद से यह इस क्रिप्टोकरेंसी का सबसे ऊंचा स्तर है, जो निवेशकों के बीच जोखिम लेने की बढ़ती क्षमता, लिक्विडिटी की स्थिति और तकनीकी मोर्चे पर सकारात्मक बदलाव को साफ तौर पर दर्शाता है।
कॉर्पोरेट कमाई और अमेरिकी ट्रेजरी के फैसले
एसएंडपी 500 कंपनियों के लिए 2026 की दूसरी तिमाही का अर्निंग सीजन लगभग समाप्ति की ओर है और इस बार कंपनियों के वित्तीय परिणाम काफी सकारात्मक रहे हैं। हालांकि इस हफ्ते सभी की निगाहें एआई सेगमेंट की दिग्गज कंपनी NVIDIA (NVDA) पर टिकी हुई हैं, जिसके नतीजे मैगनिफिसेंट सेवन समूह के इस रिपोर्टिंग चक्र को पूर्ण विराम देंगे। इसके साथ ही, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बुधवार को अपने नियमित कैलेंडर से हटकर एक बड़ा कदम उठाया। ठीक 12:32 GMT पर विभाग ने घोषणा की कि वह 10-वर्ष से 20-वर्ष और 20-वर्ष से 30-वर्ष के सेक्टरों में लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक ऑपरेशंस के आकार को कम से कम दोगुना कर देगा। इसके तहत प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है, जो 9 सितंबर से प्रभावी होकर 4 नवंबर तक चलेगा।



















