उदयपुर: राजस्थान का उदयपुर अपने महलों और खूबसूरती के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है, जहां हर साल बड़ी संख्या में देश और विदेश से सैलानी पहुंचते हैं। हालांकि, हाल ही में इस खूबसूरत शहर के एक प्रतिष्ठित पांच सितारा होटल में ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक टूरिस्ट बिना भुगतान किए ही गायब हो गया।
दिल्ली के रहने वाले अनुराग यादव अपने परिवार के साथ उदयपुर घूमने पहुंचे थे। उन्होंने अपने ठहरने के लिए शहर के प्रसिद्ध 5 स्टार होटल द ओबरॉय उदय विलास का चयन किया। इस परिवार में अनुराग यादव के अलावा उनकी पत्नी और दो बच्चे भी शामिल थे।
योजना के मुताबिक, यह पूरा परिवार होटल में पूरे 10 दिनों तक रुका और वहां मिलने वाली सभी प्रकार की आलीशान सुविधाओं, खानपान और सेवाओं का आनंद लिया। लेकिन जब चेक-आउट का समय आया, तो कुल 5.74 लाख रुपये का भारी-भरकम बिल चुकाने से बचने के लिए वे चुपचाप वहां से निकल भागे।
अंबामाता थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर
इस धोखाधड़ी के सामने आने के बाद होटल प्रबंधन हरकत में आया। होटल के लायजनिंग मैनेजर रविन्द्र सिंह ने उदयपुर शहर के अंबामाता थाने में इस पूरे मामले की औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस थाने में दी गई रिपोर्ट में सामने आया है कि 12 अगस्त को मेकर बाहा ट्रेवल एजेंसी के माध्यम से ई-मेल के जरिए इस बुकिंग को कंफर्म किया गया था। इसके बाद अनुराग यादव अपने परिवार के साथ 14 अगस्त से 23 अगस्त तक होटल के मेहमान रहे।
चेक-आउट के दिन हुआ विवाद और ट्रेवल एजेंसी की भूमिका
जब 24 अगस्त को होटल छोड़ने का वक्त आया और भुगतान की बारी आई, तो टूरिस्ट ने बिल का भुगतान करने से साफ इनकार कर दिया। आरोपी ने तर्क दिया कि यह सारा खर्च संबंधित ट्रेवल एजेंसी द्वारा उठाया जाएगा।
हालांकि, जब पुलिस और होटल प्रबंधन ने ट्रेवल एजेंसी से संपर्क किया, तो उन्होंने इस तरह की किसी भी वित्तीय डील से साफ इनकार कर दिया। एजेंसी का कहना था कि बुकिंग के समय ऐसा कोई अनुबंध नहीं हुआ था जिसमें ठहरने और सेवाओं का पूरा खर्च वे वहन करेंगे।
प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे टूरिस्ट और ट्रेवल एजेंसी के नाम पर किसी बड़ी मिलीभगत या सुनियोजित धोखाधड़ी का मामला मान रही है। आरोपी अनुराग यादव दिल्ली में किसी निजी कंपनी में नौकरी करता है और पुलिस अब उसकी तलाश में जुटी हुई है।



















