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छोटे फ्लैट के लिए बेस्ट हैं ये 7 ट्रेंडी मंदिर डिजाइंस, घर में आएगी डिवाइन वाइब्सजीवनशैली
25 अग॰ 2026, 10:20 pm (1 घंटे पहले)· 2

छोटे फ्लैट के लिए बेस्ट हैं ये 7 ट्रेंडी मंदिर डिजाइंस, घर में आएगी डिवाइन वाइब्स

मेट्रो शहरों के छोटे अपार्टमेंट्स में पूजा स्थल की जगह तलाश रहे लोगों के लिए ये 7 स्मार्ट और कॉम्पैक्ट मंदिर डिजाइंस बेहद काम के हैं। इनसे फर्श की जगह बचेगी और घर में पॉजिटिव एनर्जी बनी रहेगी।

क्या आप किसी कॉम्पैक्ट फ्लैट में रहते हैं और घर में एक खूबसूरत पूजा स्थल बनाने के लिए जूझ रहे हैं? आज के समय में आधुनिक अपार्टमेंट्स और छोटे 1 BHK या 2 BHK घरों में जगह की कमी आम बात है। लेकिन इसका यह बिल्कुल मतलब नहीं है कि आप अपनी रोजाना की पूजा-पाठ और आध्यात्मिक आदतों से कोई समझौता करें। जरा सी समझदारी दिखाते हुए आप अपने छोटे से आशियाने में भी एक शानदार और शांत पूजा कॉर्नर तैयार कर सकते हैं। आज के दौर में कई ऐसे स्मार्ट और स्टाइलिश मंदिर आइडियाज चलन में हैं, जो फर्श कीमती जगह को घेरे बिना आपके घर को बेहतरीन लुक देते हैं। वॉल-शेल्फ से लेकर फोल्डेबल यूनिट्स और जालीदार डिजाइनों तक, ये सभी विकल्प सादगी से भरे, सुकून देने वाले और वास्तु के नियमों के अनुकूल हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही 7 शानदार मंदिर डिजाइनों के बारे में जो छोटे घरों के लिए एकदम सटीक बैठते हैं।

1. वॉल-माउंटेड पूजा शेल्फ

अगर आपके फ्लैट में फर्श पर मंदिर रखने के लिए इंच भर भी जगह खाली नहीं है, तो दीवार पर लगने वाली शेल्फ यानी वॉल-माउंटेड विकल्प आपके लिए एकदम सही साबित होगा। इसके लिए दीवार पर लकड़ी के दो मजबूत पाटे या शेल्फ कसवा लें और वहां अपने आराध्य देवी-देवताओं की सुंदर मूर्तियां या तस्वीरें सजाएं। इस पूजा कॉर्नर को और अधिक आकर्षक रूप देने के लिए इसके ठीक पीछे या नीचे की तरफ एक पतली सी एलईडी स्ट्रिप लाइट लगाई जा सकती है। इससे पूरा पूजा क्षेत्र बहुत ही सादगी भरा और आधुनिक नजर आने लगेगा। शेल्फ के नीचे का फर्श पूरी तरह खाली रहने से वहां झाड़ू लगाना और पोंछा मारना बेहद आसान हो जाता है। अगर आपकी इच्छा हो तो नीचे एक छोटा सा दराज भी बनवा सकते हैं, जिसमें धूपबत्ती, कपूर, माचिस और पूजा-पाठ से जुड़ा अन्य जरूरी सामान आसानी से छिपाकर रखा जा सके।

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2. कॉर्नर पूजा स्पेस

क्या आपके लिविंग रूम या ड्राइंग हॉल का कोई कोना बिना किसी इस्तेमाल के यूं ही खाली पड़ा है? उस मृत पड़े स्पेस को बेकार जाने देने के बजाय आप उसे एक प्यारे से पूजा कॉर्नर में बदल सकते हैं। इस कोने में आसानी से फिट हो जाने वाला तिकोना यानी ट्रायंगल शेप का लकड़ी का मंदिर बहुत कम जगह घेरता है और दिखने में भी काफी स्टाइलिश लगता है। इसके निचले हिस्से में एक छोटा कैबिनेट या बॉक्स बनवाया जा सकता है, जहां सारा पूजा का सामान व्यवस्थित ढंग से रखा जा सके। यदि आप पूजा के वक्त थोड़ी एकांतता और प्राइवेसी पसंद करते हैं, तो मंदिर के ठीक सामने एक हल्का सा पर्दा टांग सकते हैं। इसके बैकग्राउंड में हल्की पीली रोशनी या वार्म लाइट लगाएं, जिससे पूरा कोना शांत और दैवीय ऊर्जा से भर जाएगा।

3. फोल्डेबल पूजा कैबिनेट

बहुत ही कम जगह वाले छोटे अपार्टमेंट्स में रहने वालों के लिए फोल्डेबल पूजा कैबिनेट एक बेहद समझदारी भरा चुनाव साबित होता है। जब यह बंद रहता है, तो यह किसी स्लिम अलमारी या पतले बक्से जैसा दिखाई देता है और जैसे ही आप इसे खोलते हैं, एक पूरा पूजा सेटअप सामने आ जाता है। पूजा खत्म होने के बाद आप इसे वापस बंद कर सकते हैं, जिससे भगवान की मूर्तियों और अंदर रखे सामान पर धूल-मिट्टी भी बहुत कम जमेगी। इस कैबिनेट के अंदर ही छोटी-छोटी पटरियां या शेल्फ बनवाई जा सकती हैं, जहां छोटे दीये, धूप, फूल और पूजा की अन्य सामग्री करीने से सजाई जा सके। इस तरह बहुत ही कम स्पेस में आपको एक पूरी तरह से व्यवस्थित मंदिर मिल जाता है।

4. वुडन जाली पार्टीशन

यदि आप पूरे कमरे के एक हिस्से को घेरकर कोई अलग से पूजा कमरा नहीं बनाना चाहते हैं, तो लकड़ी की जाली यानी वुडन जाली का पार्टीशन एक बहुत बढ़िया विकल्प है। सीएनसी तकनीक से बनी जाली की मदद से लिविंग रूम के एक निश्चित कोने को बड़ी खूबसूरती के साथ एक पवित्र पूजा स्पेस में तब्दील किया जा सकता है। इस डिजाइन की सबसे बड़ी खूबी यह है कि जाली के बारीक छेदों से रोशनी और ताजी हवा आसानी से आती-जाती रहती है। यही वजह है कि जगह छोटी होने के बावजूद वह हिस्सा बिल्कुल भी घुटन भरा या बंद-बंद महसूस नहीं होता है। इसके नीचे एक छोटा सा चबूतरा और पीछे की तरफ सटल लाइटिंग का इंतजाम करें, जिससे पूजा कॉर्नर पर्सनल भी लगेगा और घर के इंटीरियर का एक बेहतरीन हिस्सा भी बन जाएगा।

5. दीवार के अंदर बना आला मंदिर

यदि आपके घर की किसी दीवार में पहले से ही कोई छोटा सा आला या गर्त बना हुआ है, तो आप बिना किसी संकोच के उसका इस्तेमाल मंदिर के रूप में कर सकते हैं। इस तरीके में आपको बाहर से कोई अलग फर्नीचर रखने की कोई आवश्यकता नहीं पड़ती है, जिसके चलते फर्श की सारी जगह पूरी तरह सुरक्षित बची रहती है। इस आले के भीतर आप हल्का गोल्डन, पीला या केसरिया रंग करवा सकते हैं। मूर्तियां करीने से स्थापित करने के लिए इसमें संगमरमर की एक छोटी सी पट्टी लगवाएं और ठीक ऊपर एक फोकस लाइट या स्पॉटलाइट फिट कर दें। इतने साधारण और सरल सेटअप के बावजूद यह मंदिर देखने में बेहद कुलीन और प्रीमियम लुक देता है।

6. फ्लोटिंग मंदिर डिजाइन

छोटे घरों के मालिकों के बीच आजकल फ्लोटिंग यानी हवा में तैरते हुए दिखने वाले मंदिर काफी ज्यादा ट्रेंड में चल रहे हैं। इसमें पूजा का मुख्य पाटा या प्लेटफॉर्म सीधे दीवार के साथ कस दिया जाता है और उसके ठीक नीचे छोटे-छोटे दराज या कैबिनेट दिए जाते हैं। इन गुप्त खानों में आप अगरबत्ती, मिट्टी के दीये, रुई की बत्तियां, पवित्र धार्मिक किताबें और अन्य जरूरी वस्तुएं संभालकर रख सकते हैं। फर्श पर किसी तरह का ढांचा न होने के कारण कमरा पहले से कहीं अधिक खुला-खुला और बड़ा नजर आता है। इसके अलावा, नीचे का पूरा फर्श खाली रहने के कारण साफ-सफाई करने में भी कोई मशक्कत नहीं करनी पड़ती है।

7. ग्लास डोर वाला कॉम्पैक्ट मंदिर

यदि आपके घर में धूल बहुत जल्दी उड़कर आती है और सामान गंदा हो जाता है, तो कांच के दरवाजे वाला छोटा मंदिर आपके लिए सबसे उत्तम रहेगा। इसमें पारदर्शी कांच के पल्ले लगे होते हैं, जिसके कारण अंदर रखी मूर्तियां धूल-कणों से काफी हद तक सुरक्षित रहती हैं और बाहर से भी बिल्कुल साफ दिखाई देती हैं। मंदिर के भीतर यदि वार्म टोन वाली लाइट लगा दी जाए तो इसकी खूबसूरती और भी ज्यादा बढ़ जाती है। इसे घर के मुख्य दरवाजे के पास किसी खाली कोने में या रसोई घर के आसपास जहां भी सही जगह मिले, आसानी से स्थापित किया जा सकता है। मंदिर तैयार करते समय इस बात का खास ख्याल रखें कि पूजा स्थल हमेशा साफ-सुथरा और सुव्यवस्थित रहे। वास्तु नियमों को मानने वाले लोग आमतौर पर उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन छोटे फ्लैटों में ऐसा हमेशा मुमकिन नहीं होता, इसलिए अपनी सुविधा के अनुसार ही चुनाव करें। अनावश्यक सजावट से बचें और मिनिमल लुक अपनाएं।

सवाल-जवाब

छोटे फ्लैटों में मंदिर के लिए कौन सी दीवार सबसे अच्छी होती है?
वास्तु के अनुसार ईशान यानी उत्तर-पूर्व कोण को सबसे उत्तम माना जाता है, लेकिन जगह की कमी होने पर अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी साफ और सुरक्षित कोने का चयन किया जा सकता है।
फर्श की जगह बचाने के लिए किस तरह का मंदिर सबसे सही है?
छोटे घरों के लिए वॉल-माउंटेड पूजा शेल्फ, फ्लोटिंग मंदिर या कॉर्नर शेप के लकड़ी के मंदिर सबसे बेहतरीन विकल्प हैं क्योंकि इनसे फर्श खाली रहता है।
मंदिर में धूल-मिट्टी से मूर्तियों को कैसे बचाएं?
मूर्तियों को धूल से सुरक्षित रखने के लिए ग्लास डोर वाला कॉम्पैक्ट मंदिर या फोल्डेबल पूजा कैबिनेट का इस्तेमाल किया जा सकता है।
कम जगह में पूजा का सामान कहां स्टोर करें?
मंदिर के नीचे दिए गए छोटे दराज या कैबिनेट का उपयोग करके अगरबत्ती, दीये और पूजा का अन्य सामान आसानी से व्यवस्थित किया जा सकता है।
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