देश के कई हिस्सों में कल यानी 26 अगस्त को शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश रहने वाला है। इस दिन स्कूलों के बंद रहने के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े त्योहार और कई जगहों पर खराब मौसम की स्थिति है। एक तरफ जहां ईद-ए-मिलाद-उन-नबी का पर्व मनाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ केरल में ओणम की धूम है। इसके अलावा देश के अलग-अलग राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश, बाढ़ और जलभराव की वजह से भी प्रशासन को एहतियातन स्कूल बंद रखने का कदम उठाना पड़ा है। छात्रों और अभिभावकों को अपने स्थानीय स्तर पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए आधिकारिक सर्कुलर देखने की सलाह दी जाती है।
दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में क्या है स्थिति
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद में भी ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के अवसर पर शिक्षण संस्थानों में छुट्टी रहेगी। इसके साथ ही इस क्षेत्र में इन दिनों लगातार बारिश, बादलों की गड़गड़ाहट, सड़कों पर जलभराव और भारी ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की तरफ से इस पूरे इलाके में बारिश का दौर जारी रहने की चेतावनी दी गई है। मौसम के इस बिगड़े मिजाज को देखते हुए पढ़ाई और स्कूलों के सामान्य संचालन पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।
गुरुग्राम प्रशासन की ओर से क्या निर्देश आए हैं
अगर बात गुरुग्राम की करें तो हालिया दौर में यहां हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। जलभराव और यातायात जाम की गंभीर समस्या के कारण आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी है। जिला प्रशासन ने पिछले दिन यानी 25 अगस्त को दफ्तरों और स्कूलों को वर्क फ्रॉम होम या ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प चुनने की सलाह दी थी। हालांकि, 26 अगस्त के लिए जिला प्रशासन या संबंधित स्कूलों की ओर से कोई अंतिम आदेश नहीं आया है, इसलिए अभिभावकों और बच्चों को स्थानीय प्रशासन या स्कूल के आधिकारिक मैसेज का इंतजार करने को कहा गया है ताकि किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति न रहे।
ओडिशा में बारिश और बाढ़ का असर
ओडिशा राज्य में भी मूसलाधार बारिश और बाढ़ के हालात ने शिक्षण व्यवस्था को प्रभावित किया है। पिछले दिन नबरंगपुर जिले के तमाम स्कूल बंद रखे गए थे, जबकि भद्रक जिले के लगभग 89 अति संवेदनशील स्कूलों में भी ताले लटके रहे। बाढ़ की विभीषणता से जूझ रहे इन जिलों के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से अनुरोध किया गया है कि वे स्कूल खुलने या आगे भी बंद रहने को लेकर जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी होने वाली घोषणाओं पर लगातार नजर बनाए रखें।
पश्चिम बंगाल के इन जिलों में भी शिक्षण संस्थान बंद
पश्चिम बंगाल के अनेक जिलों में भी भारी वर्षा के चलते 26 अगस्त को स्कूल नहीं खुलेंगे। इन जिलों में बांकुड़ा, झाड़ग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर, पूर्व मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना के नाम शामिल हैं। इसके अलावा उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी जैसे क्षेत्रों से भी स्कूल बंद रखने के समाचार मिले हैं। हालांकि, कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में बारिश और जलभराव की आशंका जरूर है, लेकिन पूरे पश्चिम बंगाल राज्य स्तर पर सभी स्कूलों को एक साथ बंद रखने का कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है।
केरल में ओणम के पर्व पर अवकाश
केरल में 26 अगस्त का दिन ओणम के पावन पर्व के कारण छुट्टियों में शुमार रहेगा। ओणम मुख्य रूप से मलयाली समुदाय का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण त्योहार है। इस पर्व को पौराणिक राजा महाबली के स्वागत और फसल कटाई के मौसम की खुशी में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। केरल के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी जहां मलयाली समुदाय के स्कूल हैं, वहां भी इस अवसर पर अवकाश हो सकता है। फिर भी, अभिभावकों को अपने बच्चों के स्कूल के अकादमिक कैलेंडर या ऑफिशियल सर्कुलर से इस बात की पुष्टि अवश्य कर लेनी चाहिए।
छुट्टी की प्रामाणिकता जांचने के लिए क्या करें
यह साफ है कि 26 अगस्त को मिलने वाली छुट्टी की वजह हर राज्य और जिले के हिसाब से अलग-अलग है। कहीं यह पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिवस यानी ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के कारण है, तो कहीं अतिवृष्टि, बाढ़ या ओणम त्योहार इसकी वजह बना है। इसलिए किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए छात्रों और अभिभावकों को यह सलाह दी जाती है कि वे अपने संबंधित स्कूल द्वारा भेजे गए आधिकारिक नोटिस, मैसेज या जिला प्रशासन की ताजा एडवाइजरी को जरूर जांच लें।





















