अमरीका में केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा को लेकर वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता और सरगर्मी तेज हो गई है। हाल ही में फेड चेयरमैन केविन वॉश द्वारा दिए गए आक्रामक वक्तव्य के बाद सितंबर मध्य में होने वाली बैठक में ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना बढ़कर लगभग 70 प्रतिशत तक पहुंच गई है। हालांकि, नीति निर्माताओं और निवेशकों के लिए अंतिम फैसला आने वाले प्रमुख आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगा। बाजारों की निगाहें मुख्य रूप से शुक्रवार को जारी होने वाले रोजगार आंकड़ों और उसके बाद आने वाली अगस्त महीने की महंगाई दर पर टिकी हुई हैं, जो अमरीकी डॉलर की भविष्य की चाल तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
फेड नीति का दृष्टिकोण और ब्याज दर वृद्धि का बढ़ता दबाव
पिछले शुक्रवार को फेड चेयरमैन केविन वॉश के भाषण के बाद से बाजार की उम्मीदों में बड़ा बदलाव आया है। वित्तीय वायदा बाजारों में सितंबर की बैठक के दौरान ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की दर लगभग 70 प्रतिशत तक आंकी जा रही है। आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि यद्यपि शुक्रवार को आने वाली अमरीकी रोजगार रिपोर्ट बाजार में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव ला सकती है, लेकिन यह ब्याज दर निर्णय के लिए सबसे प्राथमिक कारक नहीं होगी। चूंकि फेड नेतृत्व का मानना है कि अमरीकी अर्थव्यवस्था में पूर्ण रोजगार की स्थिति पहले से बनी हुई है, इसलिए श्रम बाजार के आंकड़े नीतिगत रुख को मोड़ने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकते हैं।
अगस्त के मुद्रास्फीति आंकड़े साबित होंगे निर्णायक
सितंबर मध्य की एफओएमसी बैठक के लिए सबसे महत्वपूर्ण कड़ी अगले शुक्रवार को जारी होने वाले अगस्त महीने के मुद्रास्फीति आंकड़े होंगे। जुलाई में उपभोक्ता कीमतों में केवल मामूली बढ़ोतरी देखी गई थी, जिससे फेड द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले को बल मिला था। हालांकि, अगस्त के दौरान ऊर्जा कीमतों में आई नई तेजी के कारण मुद्रास्फीति दर में दोबारा उछाल आने की प्रबल आशंका जताई जा रही है। पिछली दर-निर्धारण बैठक में एफओएमसी के तीन सदस्यों ने दर वृद्धि के पक्ष में मतदान किया था। अब मुख्य सवाल यह बना हुआ है कि क्या अगस्त की महंगाई दर इतनी अधिक होगी कि वह अन्य सदस्यों तथा चेयरमैन केविन वॉश को भी ब्याज दरों में बढ़ोतरी के लिए सहमत कर सके।
विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की मजबूती और अन्य मुद्राओं पर दबाव
फेड के आक्रामक रुख और मध्य पूर्व में जारी नए भू-राजनीतिक तनावों के कारण वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमरीकी डॉलर को सुरक्षित संपत्ति के रूप में मजबूत समर्थन मिल रहा है। इसके विपरीत, अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राएं दबाव में आ गई हैं। बुधवार को यूरोपीय कारोबारी सत्र की शुरुआत में ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले अमरीकी डॉलर मजबूत हुआ और GBP/USD जोड़ी गिरकर 1.3500 के स्तर के पास आ गई। इसी तरह, EUR/USD जोड़ी भी कमजोरी दर्ज करते हुए 1.1575 के स्तर के समीप पहुंच गई। विदेशी मुद्रा व्यापारी अब शुक्रवार को आने वाले अमरीकी रोजगार आंकड़ों के साथ-साथ यूरोज़ोन के खुदरा बिक्री आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।
बॉन्ड यील्ड में ऐतिहासिक उछाल और सोने की कीमतों में गिरावट
अमरीकी ट्रेजरी यील्ड में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के कारण बहुमूल्य धातुओं, विशेषकर सोने पर भारी दबाव देखा जा रहा है। बुधवार को एशियाई व्यापार के दौरान 10-वर्षीय अमरीकी ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.81 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई, जो नवंबर 2023 के बाद का उच्चतम स्तर है। बॉन्ड यील्ड में इस तेज उछाल और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण सोने की वैश्विक कीमतों में बुधवार को गिरावट का सिलसिला जारी रहा। इसके अतिरिक्त, निवेशक अमरीका के अगस्त महीने के एडीपी रोजगार परिवर्तन आंकड़ों पर भी नजर बनाए हुए हैं, जो श्रम बाजार की निजी क्षेत्र में स्थिति को दर्शाएंगे।
ऊर्जा बाजार में तेजी और डीजल क्रैक स्प्रेड का नया रिकॉर्ड
कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार तेजी का रुख देखा जा रहा है। अमरीकी बेंचमार्क वैस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट यानी WTI क्रूड की कीमतों में लगातार तीसरे दिन बढ़त दर्ज की गई। पिछले छह कारोबारी दिनों में से पांच दिनों में सकारात्मक रुख दिखाते हुए WTI क्रूड एशियाई सत्र के दौरान 24 जुलाई के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। ऊर्जा बाजार में सबसे बड़ा उछाल रिफाइंड उत्पादों में देखा गया, जहां अमरीकी डीजल क्रैक स्प्रेड यानी WTI के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल वायदा का प्रीमियम इतिहास में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया और इंट्राडे के दौरान 102.00 डॉलर का रिकॉर्ड स्तर छू लिया।
अगस्त की रैली के बाद क्रिप्टोकरेंसी बाजार में मंदी के संकेत
डिजिटल परिसंपत्तियों के बाजार में अगस्त महीने के दौरान आई जोरदार तेजी के बाद अब कमजोरी के लक्षण दिखने लगे हैं। बिटकॉइन, एथेरियम और रिपल जैसी शीर्ष तीन क्रिप्टोकरेंसी तकनीकी संकेतकों पर शुरुआती मंदी के संकेत दे रही हैं। बिटकॉइन में बिकवाली का दबाव बढ़ रहा है, जबकि एथेरियम 2,500 डॉलर के प्रतिरोध स्तर से टकराकर नीचे आया है। वहीं रिपल अपने महत्वपूर्ण समर्थन स्तरों से नीचे कारोबार कर रहा है। आने वाले दिनों में अमरीकी ब्याज दर निर्णय और डॉलर की मजबूती इन डिजिटल संपत्तियों की आगे की दिशा निर्धारित करने में बेहद महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।



















