वैश्विक वित्तीय बाजार गुरुवार को जारी होने वाले अमेरिका के इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट (ISM) सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) आंकड़ों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। भारतीय समयानुसार यह डेटा गुरुवार शाम 14:00 GMT पर प्रकाशित किया जाएगा। अर्थशास्त्रियों और बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि अगस्त के लिए सर्विसेज PMI सूचकांक मामूली बढ़कर 54.3 पर पहुंच सकता है, जो जुलाई में 54.1 दर्ज किया गया था। यदि यह आंकड़ा अनुमान के अनुरूप आता है, तो यह अमेरिकी सेवा क्षेत्र में लगातार विस्तार और व्यापक अर्थव्यवस्था में मजबूती का ठोस संकेत देगा। हालांकि, मुख्य आंकड़ों के भीतर छिपा मुख्य आर्थिक परिदृश्य मुद्रास्फीति के दबाव, श्रम बाजार में नरमी और केंद्रीय बैंक की नीतियों को लेकर कई तरह की चुनौतियां पेश करता है। फॉरेक्स बाजार, कमोडिटी, बॉन्ड यील्ड और क्रिप्टोकरेंसी में निवेशक अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के साथ-साथ मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा बाजार के संकट पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
अमेरिकी सर्विसेज PMI का विश्लेषण: विकास की गति और महंगाई की चुनौती
जुलाई महीने के ISM सर्विसेज रिपोर्ट के आंकड़ों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मिली-जुली तस्वीर पेश की थी। जुलाई में एम्प्लॉयमेंट इंडेक्स (रोजगार सूचकांक) घटकर 47.4 पर आ गया था, जो जून में 51.2 पर था। रोजगार सूचकांक में 50 से नीचे की यह गिरावट सेवा क्षेत्र में नई भर्तियों की गति धीमी होने का संकेत देती है। दूसरी ओर, न्यू ऑर्डर्स इंडेक्स (नए ऑर्डर का सूचकांक) बढ़कर 57.2 पर पहुंच गया, जो यह दर्शाता है कि उपभोक्ता और व्यावसायिक मांग मजबूत बनी हुई है। हालांकि, केंद्रीय बैंक और मौद्रिक नीति निर्माताओं के लिए सबसे बड़ी चिंता प्राइसेस पेड इंडेक्स (कीमत भुगतान सूचकांक) का उछलकर 70.3 पर पहुंच जाना रहा। लागत दरों में इस बढ़ोतरी ने साबित किया कि सेवा क्षेत्र में मुद्रास्फीति का दबाव अभी भी बना हुआ है।
यदि अगस्त का सर्विसेज PMI आंकड़ा अनुमान के मुताबिक 54.3 पर स्थिर रहता है, तो यह अमेरिकी डॉलर (USD) की विनिमय दर में बहुत बड़ा बदलाव नहीं लाएगा। बाजार पहले से ही यह मानकर चल रहा है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था सख्त ब्याज दरों के बावजूद टिकाऊ बनी हुई है। लेकिन अगर PMI आंकड़ा उम्मीद से कमजोर आता है, तो इससे निवेशकों का भरोसा डगमगा सकता है। ऐसी स्थिति में आर्थिक सुस्ती की आशंका के चलते निवेशक अमेरिकी डॉलर में अपनी होल्डिंग्स घटा सकते हैं, जिससे डॉलर पर बिकवाली का दबाव बन सकता है।
फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति, टैरिफ और भू-राजनीतिक अनिश्चितता
अमेरिका में मुद्रास्फीति की दर अभी भी फेडरल रिजर्व (फेड) के 2 प्रतिशत के आधिकारिक लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। यही वजह है कि नीति निर्माता मौद्रिक नीति में ढील देने को लेकर बेहद सतर्क हैं। इसके अलावा, वैश्विक परिस्थितियां भी अनिश्चित बनी हुई हैं। मध्य पूर्व में जारी संकट और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा कीमतों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। साथ ही, अमेरिकी व्यापार नीतियों के तहत लगाए गए टैरिफ का पूरा असर अभी अर्थव्यवस्था और उपभोक्ता कीमतों पर दिखना बाकी है।
इन मुद्रास्फीति कारकों को देखते हुए वित्तीय बाजारों में फेड द्वारा सितंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी या सख्त रुख बनाए रखने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। निवेशकों का मानना है कि यदि महंगाई पर समय रहते काबू नहीं पाया गया तो यह दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता के लिए खतरा बन सकती है। यही कारण है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारी श्रम बाजार और सेवा क्षेत्र के आंकड़ों को अपनी नीतिगत प्राथमिकताओं के केंद्र में रख रहे हैं।
EUR/USD तकनीकी परिदृश्य: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के प्रमुख स्तर
विदेशी मुद्रा बाजार में EUR/USD करेंसी पेयर पर कारोबार करने वाले ट्रेडर्स प्रमुख तकनीकी स्तरों की निगरानी कर रहे हैं। बाजार विश्लेषक पियोवानो के अनुसार, EUR/USD के लिए नीचे की तरफ 100-दिनों के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के पास 1.1570 पर एक अनंतिम सपोर्ट मौजूद है। यदि इस स्तर से नीचे गिरावट होती है, तो 13 अगस्त को बने 1.1511 के निचले स्तर पर अगला सपोर्ट देखा जा सकता है। इससे भी अधिक गिरावट की स्थिति में 55-दिनों का SMA 1.1490 के आसपास एक अंतरिम सपोर्ट के रूप में कार्य करेगा।
दूसरी ओर, यदि EUR/USD में तेजी आती है और यह पेयर अपने 200-दिनों के SMA को पार करने में सफल रहता है, तो यह 21 अगस्त को दर्ज किए गए 1.1711 के शिखर की तरफ बढ़ने का प्रयास कर सकता है। मोमेंटम संकेतकों के विश्लेषण से पता चलता है कि निकट भविष्य में कुछ और पुलबैक देखने को मिल सकते हैं। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) घटकर 52 के स्तर पर आ गया है, जो तटस्थ से सतर्क रुझान दर्शाता है। वहीं, एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स (ADX) 37 के करीब बना हुआ है, जो यह स्पष्ट करता है कि मौजूदा बाजार रुझान काफी मजबूत है।
लेबर मार्केट का प्रभाव और केंद्रीय बैंकों के जनादेश की तुलना
किसी भी देश के श्रम बाजार की स्थिति उसकी अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य और करेंसी के मूल्य का आकलन करने का मुख्य जरिया होती है। उच्च रोजगार दर या कम बेरोजगारी से उपभोक्ता खर्च को प्रोत्साहन मिलता है, जिससे आर्थिक विकास की गति तेज होती है और घरेलू मुद्रा मजबूत होती है। लेकिन जब श्रम बाजार बहुत ज्यादा तंग (टाइट लेबर मार्केट) हो जाता है, अर्थात खुले पदों की तुलना में योग्य कर्मचारियों की कमी होती है, तो कंपनियों को अधिक वेतन की पेशकश करनी पड़ती है। वेतन वृद्धि का यह चक्र अंततः उपभोक्ता वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों को बढ़ा देता है, जिससे मुद्रास्फीति का खतरा पैदा होता है।
केंद्रीय बैंकों के लिए वेतन वृद्धि दर एक महत्वपूर्ण पैमाना है क्योंकि वेतन में बढ़ोतरी से बनी मुद्रास्फीति टिकाऊ होती है। ऊर्जा या खाद्य पदार्थों की कीमतों की तरह वेतन आसानी से कम नहीं होते। जब परिवारों की आय बढ़ती है, तो उनकी खरीदारी क्षमता बढ़ती है और कंपनियां कीमतें बढ़ाने में सक्षम हो जाती हैं। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक इसी कारण वेतन आंकड़ों पर कड़ी नजर रखते हैं। जहां अमेरिकी फेडरल रिजर्व का दोहरा जनादेश (अधिकतम रोजगार और मूल्य स्थिरता) है, वहीं यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) का एकमात्र जनादेश मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखना है। इसके बावजूद, दोनों केंद्रीय बैंक लेबर मार्केट डेटा को बेहद गंभीरता से लेते हैं।
वैश्विक मुद्रा बाजार: जापानी येन में मजबूती और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की स्थिति
विदेशी मुद्रा बाजार में गुरुवार के यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान USD/JPY में तेज बिकवाली देखी गई और यह 157.00 के स्तर से नीचे फिसल गया। अमेरिका के कमजोर ADP प्राइवेट एम्प्लॉयमेंट डेटा ने डॉलर पर भारी दबाव डाला। हालांकि, जापानी येन को बैंक ऑफ जापान (BoJ) की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों और जापानी सरकार द्वारा मुद्रा बाजार में संभावित हस्तक्षेप के जोखिम से भी मजबूती मिल रही है।
दूसरी तरफ, AUD/USD एशियाई सत्र के दौरान 0.7150 के ऊपर सीमित दायरे में कारोबार करता दिखा। ऑस्ट्रेलिया के निराशाजनक व्यापार आंकड़ों ने जहां मुद्रा पर दबाव बनाया, वहीं चीन के रेटिंगडॉग सर्विसेज PMI के सकारात्मक आंकड़ों ने निचले स्तरों पर सहारा दिया। हालांकि, अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और फेड द्वारा सितंबर में दरें बढ़ाने की तेज होती अटकलों के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त सीमित बनी हुई है।
कमोडिटी और ऊर्जा बाजार: सोने की चमक और डीजल क्रैक स्प्रेड का रिकॉर्ड
कीमती धातुओं में सोना (XAU/USD) यूरोपीय सत्र की शुरुआत में $4,450 के स्तर के नीचे मजबूती के साथ कारोबार करता नजर आया। सोना हाल ही में चार सप्ताह के निचले स्तर से उबरने में कामयाब रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और कमजोर ADP आंकड़ों ने सोने को सहारा दिया है। हालांकि, फेड द्वारा दरों में बढ़ोतरी की आशंका और ऊर्जा की बढ़ती कीमतों से पैदा होने वाला महंगाई का खतरा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को समर्थन दे रहा है, जिससे सोने की तेजी पर अंकुश लगा हुआ है।
ऊर्जा क्षेत्र में, कच्चे तेल का बाजार भले ही शांत दिख रहा हो, लेकिन डीजल बाजार में अप्रत्याशित तेजी देखी जा रही है। अमेरिका में अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स और WTI क्रूड ऑयल के बीच का अंतर यानी डीजल क्रैक स्प्रेड इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल के पार निकल गया। कारोबार के दौरान इसने $102.00 प्रति बैरल से अधिक का रिकॉर्ड इंट्राडे ऑल-टाइम हाई बनाया। रिफाइनिंग क्षमता की सीमाओं और डीजल की वैश्विक मांग के कारण यह स्प्रेड लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार: रिपल (XRP) और स्टेलर (XLM) का तकनीकी विश्लेषण
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में प्रमुख ऑल्टकॉइन्स का रुख अलग-अलग नजर आ रहा है। स्टेलर (XLM) में कमजोरी देखी जा रही है और यह अपने एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) क्लस्टर से नीचे गिर चुका है, जिससे इसमें और गिरावट की संभावना बनी हुई है।
इसके विपरीत, रिपल (XRP) ने एक महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन बनाया है। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, XRP इस समय $1.37 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर $1.35 की तुलना में +1.38 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाता है। पिछले 52 हफ्तों में XRP की कीमत $0.9884 से $2.41 के दायरे में रही है। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 14-दिवसीय RSI 60 पर है, जो सकारात्मक रुझान का संकेत देता है। MACD 0.07 पर है जबकि सिग्नल लाइन 0.08 पर है, जिससे हिस्टोग्राम -0.01 के मामूली मंदी के संकेत दे रहा है। XRP वर्तमान में अपने EMA20 ($1.31), EMA50 ($1.22) और SMA50 ($1.16) से ऊपर कारोबार कर रहा है, हालांकि EMA50 अभी भी EMA200 ($1.38) के नीचे है जो डेथ क्रॉस का ढांचा बनाता है। ADX 42 के स्तर पर है जो एक मजबूत ट्रेंड को दर्शाता है, जबकि बोलिंगर बैंड $0.9563 से $1.66 के बीच स्थित हैं। ट्रेडर्स के लिए daily pivot $1.36 पर है, पहला रेजिस्टेंस R1 $1.38 और R2 $1.40 पर है, जबकि पहला सपोर्ट S1 $1.35 और S2 $1.33 पर बना हुआ है।



















