भारतीय सर्राफा बाजार में गुरुवार, 24 सितंबर को सोने और चांदी की कीमतों पर एक बार फिर दबाव देखने को मिला। पिछले कारोबारी सत्र में दिखी मामूली बढ़त के बाद सर्राफा बाजार में यह गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा अपनी सख्त मौद्रिक नीति को लंबे समय तक जारी रखने की आशंकाओं के चलते कीमती धातुओं के भाव गिरे हैं। बाजार में 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने के दाम 152 रुपये प्रति ग्राम घटकर 15,268 रुपये के स्तर पर आ गए, जबकि आभूषणों में इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने की कीमत 140 रुपये टूटकर 13,995 रुपये प्रति ग्राम रह गई।
इस ताजा गिरावट के चलते 24 कैरेट शुद्धता वाले 100 ग्राम सोने की कीमत में एक ही दिन के भीतर 15,200 रुपये की भारी कमी दर्ज की गई है, जिससे कीमती धातुओं के बाजार में उतार-चढ़ाव और बढ़ गया है। सोने के साथ-साथ चांदी के भाव भी नीचे आए हैं। औद्योगिक मांग और निवेश में काम आने वाली चांदी की कीमत 245 रुपये प्रति ग्राम यानी 2,45,000 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई।
वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और ब्याज दरों का दबाव
कीमती धातुओं पर बने इस ताजा दबाव की मुख्य वजह अमेरिका से आए उम्मीद से बेहतर आर्थिक आंकड़े हैं। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मजबूती के संकेतों और फेडरल रिजर्व के एक नीति निर्माता द्वारा दिए गए सख्त बयानों ने यह संभावना बढ़ा दी है कि केंद्रीय बैंक लंबे समय तक सख्त मौद्रिक नीति बनाए रख सकता है। ऊंची ब्याज दरों की संभावनाओं ने अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड को ऊपर की तरफ धकेल दिया, जिसके कारण बॉन्ड बाजार में तेज बिकवाली देखी गई। बॉन्ड यील्ड बढ़ने से सोने जैसी बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों के प्रति निवेशकों का आकर्षण घट जाता है, जिसका सीधा असर इसके अंतरराष्ट्रीय और घरेलू भावों पर पड़ा।
इसके साथ ही, अमेरिका और ईरान के बीच किसी राजनयिक समझौते की उम्मीदों के कमजोर पड़ने से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का एक और दौर शुरू हो गया है। निवेशक वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रमों और ब्याज दरों के इस दोहरे दबाव के बीच सावधानी बरत रहे हैं।
24 कैरेट सोने की नई दरें
घरेलू बाजार में 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने की कीमत अब 15,268 रुपये प्रति ग्राम पर है, जो पिछले दिन के 15,420 रुपये के स्तर से 152 रुपये कम है। यदि 8 ग्राम के मानक वजन की बात करें, तो इसका भाव 1,216 रुपये घटकर 1,22,144 रुपये पर आ गया है। वहीं खुदरा खरीदारी में सबसे ज्यादा प्रचलित 10 ग्राम सोने की दर 1,520 रुपये की गिरावट के साथ 1,52,680 रुपये रह गई है। बड़े खरीदारों और थोक व्यापारियों के लिए 100 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 15,26,800 रुपये पर पहुंच गई है, जिसमें एकल कारोबारी दिन में 15,200 रुपये की बड़ी कमी आई है।
22 कैरेट और 18 कैरेट के ताजा भाव
गहने बनाने के लिए सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले 22 कैरेट सोने के भाव में 140 रुपये प्रति ग्राम की कटौती हुई है। इस गिरावट के बाद 22 कैरेट का प्रति ग्राम भाव पिछले सत्र के 14,135 रुपये से गिरकर 13,995 रुपये हो गया है। इसके तहत 8 ग्राम सोने की नई कीमत 1,120 रुपये की कमी के साथ 1,11,960 रुपये दर्ज की गई। वहीं 10 ग्राम 22 कैरेट सोना 1,400 रुपये फिसलकर 1,39,950 रुपये पर आ गया है। 100 ग्राम की मात्रा में 22 कैरेट सोने का भाव 14,000 रुपये घटकर 13,99,500 रुपये दर्ज किया गया।
हल्के गहनों और आधुनिक डिजाइन में इस्तेमाल होने वाले 18 कैरेट सोने के दाम भी कमजोर पड़े हैं। 18 कैरेट सोने की कीमत में प्रति ग्राम 114 रुपये की गिरावट आई है, जिससे इसका भाव 11,451 रुपये प्रति ग्राम हो गया। 8 ग्राम 18 कैरेट सोने की कीमत 912 रुपये घटकर 91,608 रुपये पर आ गई है। 10 ग्राम के लिए उपभोक्ताओं को 1,14,510 रुपये चुकाने होंगे, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 1,140 रुपये कम है। इसके 100 ग्राम के सौदे के लिए दर 11,400 रुपये कम होकर 11,45,100 रुपये तय की गई है।
चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट
सर्राफा बाजार में केवल सोना ही नहीं, बल्कि चांदी की चमक भी फीकी पड़ी है। खुदरा और थोक दोनों स्तरों पर चांदी के खरीदारों को राहत मिली है। 100 ग्राम चांदी की कीमत 500 रुपये टूटकर 24,500 रुपये पर आ गई, जो पिछले सत्र में 25,000 रुपये थी। इसी तरह, 1 किलोग्राम चांदी का भाव पिछले कारोबारी दिन के 2,50,000 रुपये से गिरकर 2,45,000 रुपये रह गया है, जो एक दिन में 5,000 रुपये की सीधी गिरावट दर्शाता है।
बाजार विश्लेषकों का नजरिया और भू-राजनीतिक कारक
रिद्धिसिद्धि बुलियंस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और आईबीजेए के अध्यक्ष पृथ्वीराज कोठारी के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में यह नरमी इसलिए आई है क्योंकि बाजार महंगाई पर काबू पाने के लिए केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने की संभावना के लिए तैयार हो रहे हैं। यह स्थिति तब भी बनी हुई है जब अगस्त तक चीन का सोने का आयात पूरे वर्ष 2025 के स्तर को पहले ही पार कर चुका है।
ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनावों के दोहरे असर पर बात करते हुए पृथ्वीराज कोठारी ने कहा कि ट्रंप ने ईरानी दूतों के साथ बातचीत को बेहद अच्छा बताया और तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का प्रस्ताव रखा, फिर भी ट्रंप ने यह चेतावनी भी दी कि यदि कोई समझौता नहीं होता है तो संभावित सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। इस तरह के परस्पर विरोधी बयानों और वैश्विक नीतिगत रुख ने धातु बाजार को भारी अस्थिरता के बीच ला खड़ा किया है।
















