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GIC में सरकार की हिस्सेदारी बिक्री शुरू, OFS खुलते ही 6.37% लुढ़का शेयर, निवेशकों को 10% तक की छूटबाज़ार
16 जून 2026, 1:13 pm (45 दिन पहले)· 0

GIC में सरकार की हिस्सेदारी बिक्री शुरू, OFS खुलते ही 6.37% लुढ़का शेयर, निवेशकों को 10% तक की छूट

सरकार ने General Insurance Corporation of India में 5 फीसदी तक हिस्सेदारी बेचकर करीब 3,000 करोड़ रुपये जुटाने का अभियान शुरू किया है, लेकिन OFS खुलते ही कंपनी का शेयर 6.37 फीसदी टूट गया।

सरकारी बीमा कंपनी General Insurance Corporation of India (GIC) में हिस्सेदारी बेचने की कवायद शुरू होते ही निवेशकों में हड़कंप मच गया। सरकार ने जैसे ही मंगलवार को खुली बिक्री पेशकश (OFS) के जरिये इस कंपनी के शेयर बाजार में उतारे, इसकी कीमत तेजी से नीचे आने लगी और देखते ही देखते 6.37 फीसदी की गिरावट दर्ज हो गई।

आखिर सरकार चाहती क्या है

सरकार ने GIC में 5 फीसदी तक हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया छेड़ी है। इसके पीछे मकसद साफ है, सरकारी खजाने में करीब 3 हजार करोड़ रुपये पहुंचाना। फिलहाल कंपनी ने पक्के तौर पर 2 फीसदी इक्विटी बेचने की तैयारी कर ली है, और अगर मांग रही तो ग्रीन शू विकल्प के तहत 3 फीसदी अतिरिक्त हिस्सेदारी भी बेची जा सकती है। यानी कुल मिलाकर बिक्री का दायरा 5 फीसदी तक जा सकता है।

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इस पूरी बिक्री में सरकार 352 रुपये प्रति शेयर की न्यूनतम कीमत पर 8.77 करोड़ से ज्यादा शेयर बेच रही है। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो इससे सरकारी खजाने को करीब 3,000 करोड़ रुपये की कमाई होगी।

छूट के बावजूद क्यों टूटा शेयर

दिलचस्प बात यह है कि सरकार ने निवेशकों को लुभाने के लिए शेयरों को 10 फीसदी डिस्काउंट पर पेश किया था। यह छूट इतनी थी कि 387 रुपये के बाजार भाव के मुकाबले शेयर करीब 35 रुपये सस्ते दाम पर रखे गए। मंगलवार को जब ट्रेडिंग शुरू हुई तो निवेशकों के लिए कीमत 352 रुपये तय की गई।

लेकिन सस्ती कीमत भी सेंटिमेंट को नहीं संभाल पाई। सरकार के हिस्सेदारी बेचने की खबर ने ही निवेशकों को सतर्क कर दिया और उन्होंने बिकवाली शुरू कर दी। नतीजा यह हुआ कि दोपहर 12 बजे तक GIC का शेयर 6.37 फीसदी गिरकर 362.60 रुपये के स्तर पर आ गया।

खुदरा निवेशकों का नंबर कब

यह OFS दो दिन तक चलने वाली प्रक्रिया है। मंगलवार को सबसे पहले संस्थागत निवेशकों के लिए ट्रेडिंग खोली गई, जबकि आम यानी खुदरा निवेशकों को इसमें पैसा लगाने का मौका बुधवार को मिलेगा। हालांकि एक चेतावनी भी है, क्योंकि जब तक खुदरा निवेशकों की बारी आएगी, तब तक कंपनी के शेयर में और गिरावट देखने को मिल सकती है।

सरकार के विनिवेश का बड़ा गणित

निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव अरुणिश चावला के मुताबिक, इस ऐलान से ठीक पहले सोमवार को BSE पर GIC का शेयर 2.55 फीसदी की बढ़त के साथ 388.35 रुपये पर बंद हुआ था। लेकिन मंगलवार को बिक्री शुरू होते ही गिरावट का दौर शुरू हो गया। बता दें कि सरकार चालू वित्त वर्ष में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) में हिस्सेदारी बेचकर अब तक 13,389 करोड़ रुपये जुटा चुकी है।

शेयर का अब तक का रिकॉर्ड

लंबी अवधि में देखें तो GIC के शेयर ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। पिछले तीन साल में इसमें 92.09 फीसदी का जोरदार उछाल आया है। लेकिन हाल का प्रदर्शन इसके उलट रहा है। बीते एक साल में शेयर 5.81 फीसदी गिर चुका है और सालाना आधार पर भी इसमें 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट है। सबसे ज्यादा दबाव तो पिछले एक हफ्ते में दिखा, जब इसकी कीमत 6 फीसदी से ज्यादा टूट गई।

सवाल-जवाब

सरकार GIC में कितनी हिस्सेदारी बेच रही है?
सरकार ने पक्के तौर पर 2 फीसदी इक्विटी बेचने की तैयारी की है और ग्रीन शू विकल्प के तहत 3 फीसदी अतिरिक्त, यानी कुल 5 फीसदी तक हिस्सेदारी बेची जा सकती है।
खुदरा निवेशक GIC के शेयर कब खरीद सकेंगे?
मंगलवार को संस्थागत निवेशकों के लिए OFS खुला, जबकि खुदरा निवेशकों के लिए यह बुधवार को खुलेगा।
शेयर किस कीमत पर बेचे जा रहे हैं?
सरकार 352 रुपये प्रति शेयर की न्यूनतम कीमत पर 8.77 करोड़ से ज्यादा शेयर बेच रही है, जो 387 रुपये के बाजार भाव से करीब 10 फीसदी सस्ता है।
इस बिक्री से सरकार को कितना पैसा मिलेगा?
इस OFS से सरकारी खजाने को करीब 3,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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