देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक एचडीएफसी बैंक के शेयरों में 20 जुलाई को कारोबार की शुरुआत के साथ ही तेज गिरावट दर्ज की गई। बाजार खुलते ही यह बैंकिंग स्टॉक 4% से ज्यादा फिसल गया और 781 रुपये के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह बैंक की ओर से जारी पहली तिमाही (Q1) के नतीजे बताए जा रहे हैं।
बाजार खुलते ही दिखा दबाव
हफ्ते के कारोबारी सत्र की शुरुआत में ही एचडीएफसी बैंक के शेयर पर बिकवाली का दबाव साफ नजर आया। ओपनिंग के साथ ही स्टॉक में 4% से अधिक की गिरावट आई और भाव 781 रुपये तक पहुंच गया। किसी भी बड़े बैंकिंग शेयर में इतनी तेज एकतरफा गिरावट पूरे बैंकिंग इंडेक्स और निवेशकों की धारणा पर असर डालती है, क्योंकि एचडीएफसी बैंक की बाजार में हिस्सेदारी काफी बड़ी है।
गिरावट की असली वजह
शेयर में आई इस तेज गिरावट की सबसे बड़ी वजह बैंक के तिमाही नतीजे रहे। जब देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक जैसे किसी हैवीवेट स्टॉक के नतीजे बाजार की उम्मीदों के मुताबिक नहीं आते, तो निवेशक तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं और शेयर में बिकवाली तेज हो जाती है। यही वजह है कि नतीजे आने के तुरंत बाद स्टॉक दबाव में आ गया।
निवेशकों के लिए क्या मायने
एचडीएफसी बैंक का शेयर देश के करोड़ों छोटे और बड़े निवेशकों के पोर्टफोलियो का हिस्सा है और यह कई प्रमुख इंडेक्स में भारी वेटेज रखता है। ऐसे में इस तरह की गिरावट सिर्फ एक शेयर तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसका असर व्यापक बाजार धारणा पर भी पड़ता है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि तिमाही नतीजों की पूरी तस्वीर सामने आने के बाद यह स्टॉक किस दिशा में जाता है और खरीदारी लौटती है या दबाव बना रहता है।



















