मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन के क्रॉस-पेयर में मजबूती का नया दौर देखा जा रहा है। तकनीकी चार्ट पर एक क्लासिक फॉलिंग वेज पैटर्न की ऊपरी रुकावट रेखा यानी रेजिस्टेंस ट्रेंडलाइन को पार करने के बाद खरीदारों का रुझान तेज हुआ है। सोमवार के कारोबारी सत्र के दौरान उत्तरी अमेरिकी बाजार में यह जोड़ी 0.88 प्रतिशत की बढ़त हासिल करने में सफल रही। दिन के निचले स्तर 109.86 को छूने के बाद तेज खरीदारी लौटी और भाव उछलकर 110.64 के स्तर तक पहुंच गया, जिससे आने वाले कारोबारी दिनों में और ऊंची कीमतों की जमीन तैयार होती दिख रही है।
बाजार के ताजा तकनीकी संकेत बताते हैं कि भाव में यह तेजी अभी और आगे बढ़ सकती है। मौजूदा चाल को देखते हुए पहला सीधा अवरोध 111.13 के स्तर पर मौजूद है, जो 14 अक्टूबर का उच्चतम स्तर रहा है। यह स्तर बाजार के लिए एक चुंबक की तरह काम कर सकता है और कीमतों को ऊपर खींचने की क्षमता रखता है। यदि खरीदारी का यही दबाव बना रहा, तो अगला बड़ा इम्तिहान 50-दिवसीय और 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज यानी एसएमए के संगम पर होगा, जो 111.64 से 111.71 के दायरे में केंद्रित है। तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, इस रुकावट वाले क्षेत्र को पार करते ही 112.00 का मनोवैज्ञानिक आंकड़ा सामने आ जाएगा, जिसके बाद 112.19 पर स्थित 100-दिवसीय एसएमए का स्तर परीक्षण के दायरे में आ सकता है।
गिरावट की स्थिति में सपोर्ट के अहम आंकड़े
ऊपर चढ़ते इस बाजार में नीचे की दिशा में भी कुछ बेहद अहम रक्षात्मक स्तर बने हुए हैं। यदि बिकवाली का दबाव लौटता है, तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम येन के लिए 110.00 का मनोवैज्ञानिक आंकड़ा पहला ठोस सहारा यानी सपोर्ट साबित होगा। अगर भाव इस आंकड़े से नीचे फिसलता है, तो पुरानी रेजिस्टेंस ट्रेंडलाइन जो अब नए सपोर्ट में तब्दील हो चुकी है, 109.00 से 109.30 के दायरे में कीमतों को संभालने का काम कर सकती है। इस दायरे के टूटने पर 109.00 का सीधा स्तर और उसके बाद 15 अक्टूबर का निचला स्तर 108.64 अगला महत्वपूर्ण पड़ाव होगा, जहां खरीदार दोबारा सक्रिय होने की कोशिश कर सकते हैं।
वर्तमान में उपलब्ध लाइव तकनीकी आंकड़े भी इस तेजी के रुख की पुष्टि करते हैं। 110.64 के भाव पर इसका 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 50 पर तटस्थ स्थिति में है, जो बताता है कि तेजी के बावजूद बाजार में अभी जरूरत से ज्यादा खरीदारी का दबाव नहीं है। वहीं मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी एमएसीडी -0.36 पर है जो -0.46 की सिग्नल लाइन से ऊपर है और इसका 0.10 का हिस्टोग्राम साफ तौर पर तेजी का संदेश दे रहा है। 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी ईएमए 111.18 पर है और 200-दिवसीय ईएमए 110.04 पर है, जिससे गोल्डन क्रॉस की संरचना बरकरार है। 20-दिवसीय बोलिंजर बैंड 109.01 से 111.58 के बीच फैला है और मौजूदा भाव इस दायरे के भीतर सुरक्षित चल रहा है। 14-दिवसीय एवरेज ट्रू रेंज 0.97 पर दर्ज की गई है, जो दैनिक उतार-चढ़ाव के प्रबंधन के लिए एक उपयोगी पैमाना है।
जापानी येन की दिशा तय करने वाले बुनियादी कारक
वैश्विक विदेशी मुद्रा कारोबार में जापानी येन दुनिया की सबसे सक्रिय मुद्राओं में गिनी जाती है। इसका मूल्य व्यापक रूप से जापान की घरेलू अर्थव्यवस्था की सेहत पर निर्भर करता है, लेकिन इसके दैनिक उतार-चढ़ाव में बैंक ऑफ जापान की नीतियां, अमेरिकी और जापानी सरकारी बॉन्ड यील्ड का फासला, और बाजार का समग्र जोखिम रुझान सबसे निर्णायक भूमिका निभाते हैं। जापानी मुद्रा को परंपरागत रूप से सुरक्षित निवेश का साधन माना जाता रहा है। जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वित्तीय या भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, निवेशक अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए येन की तरफ रुख करते हैं, जिससे यह अन्य जोखिम भरी मुद्राओं की तुलना में मजबूत होने लगती है।
बैंक ऑफ जापान के बुनियादी दायित्वों में मुद्रा का स्थायित्व और नियंत्रण शामिल है, इसलिए इस केंद्रीय बैंक का हर कदम येन के लिए अत्यंत संवेदनशील होता है। अतीत में केंद्रीय बैंक ने अपनी मुद्रा के अत्यधिक मजबूत होने पर उसके मूल्य को घटाने के लिए प्रत्यक्ष विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप भी किए हैं, यद्यपि प्रमुख व्यापारिक साझेदारों की राजनीतिक चिंताओं के कारण ऐसा कदम बार-बार नहीं उठाया जाता। वर्ष 2013 से 2024 के बीच बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनाई गई बेहद ढीली मौद्रिक नीति ने येन पर भारी दबाव बनाए रखा, क्योंकि उस दौरान अमेरिकी फेडरल रिजर्व और अन्य बड़े केंद्रीय बैंकों ने अपनी ब्याज दरों में भारी बढ़ोतरी की थी। इस नीतिगत अलगाव की वजह से 10-वर्षीय अमेरिकी और जापानी बॉन्ड यील्ड का अंतर बहुत चौड़ा हो गया था, जिससे अमेरिकी डॉलर के मुकाबले येन काफी कमजोर पड़ा।
हालांकि, वर्ष 2024 में बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी अत्यधिक ढीली मौद्रिक नीति को धीरे-धीरे समेटने के फैसले और अन्य बड़े केंद्रीय बैंकों में ब्याज दरों में कटौती की शुरुआत ने इस यील्ड अंतर को कम करना शुरू किया है। इस नीतिगत बदलाव से येन को कुछ सहारा मिला है। हाल ही में बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काज़ुओ उएदा के सख्त बयानों ने भी बाजार में हस्तक्षेप के जोखिमों को जीवित रखा है, जिसने अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन को एशियाई सत्र में 158.00 के इर्द-गिर्द दबाव में बनाए रखा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में हालिया गिरावट के चलते डॉलर अपने दो सप्ताह के निचले स्तर के पास संघर्ष करता दिखा।
वैश्विक आर्थिक आंकड़े और व्यापक मुद्रा रुझान
वैश्विक बाजार के अन्य मोर्चों पर भी मुद्रा और कमोडिटी के समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर की जोड़ी ने सप्ताह की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ की है और यह 0.7000 के महत्वपूर्ण आंकड़े के करीब पहुंच रही है। इस बढ़त को चीन से आए अपेक्षा से बेहतर जीडीपी आंकड़ों से बड़ा समर्थन मिला, जिससे चीनी अर्थव्यवस्था पर निर्भर रहने वाले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के प्रति निवेशकों का भरोसा बढ़ा। हालांकि, पिछले सप्ताह की गिरावट के बाद अमेरिकी डॉलर में भी कुछ सुधार देखा गया है, फिर भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अपनी बढ़त बचाने में सफल रहा है।
उधर, अमेरिका में हालिया उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई रिपोर्ट उम्मीद से अधिक मजबूत दर्ज की गई है, जिसने दिसंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं को फिर से बल दे दिया है। हालांकि फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष वॉर्श ने 28 अक्टूबर की आगामी बैठक में ब्याज दरों को स्थिर रखने की संभावनाओं को दोहराया है, लेकिन बाजार अब दो चरणों वाले घटनाक्रम की तैयारी कर रहा है, जिसमें 28 अक्टूबर को संभावित ठहराव के बाद 9 दिसंबर को दर वृद्धि का फैसला आ सकता है। इन व्यापक आर्थिक अपेक्षाओं और बॉन्ड यील्ड में सुधार के कारण सोने की कीमतों पर भी दबाव बना रहा, जहां पीली धातु सोमवार को 4,150 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के आंकड़े से नीचे फिसल गई। कुल मिलाकर, जहां एक तरफ फेड की संभावित चाल डॉलर को थामे हुए है, वहीं दूसरी तरफ बॉन्ड यील्ड और चीन के विकास आंकड़े ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन के इस पूरे समीकरण को दिलचस्प बना रहे हैं।

















