सोमवार को विदेशी मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में खासी मजबूती दर्ज की गई, जहां यह 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ मनोवैज्ञानिक रूप से अहम 0.7000 के स्तर के बेहद करीब पहुंच गया। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान AUD/USD की जोड़ी लगातार दूसरे दिन खरीदारी आकर्षित करते हुए 0.6980 के आसपास कारोबार कर रही थी। मौजूदा समय में लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार यह जोड़ी 0.6978 पर कारोबार कर रही है, जो पिछले 0.6919 के बंद स्तर के मुकाबले 0.87 प्रतिशत की शानदार बढ़त दर्शाता है। ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा में यह तेजी मुख्य रूप से घरेलू केंद्रीय बैंक के कड़े बयानों और चीन की मजबूत आर्थिक वृद्धि के दोहरे समर्थन से संचालित हो रही है।
चीन की मजबूत आर्थिक वृद्धि ने दी नई ऊर्जा
ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार चीन के ताजा आर्थिक आंकड़ों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के पक्ष में माहौल तैयार किया है। चीन का सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर 4.5 प्रतिशत की दर से बढ़ा। यह प्रदर्शन न केवल बाजार की अपेक्षाओं से बेहतर रहा, बल्कि पिछली तिमाही में दर्ज 4.3 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि के मुकाबले भी तेज रफ्तार दिखाता है। इसके साथ ही सितंबर महीने के गतिविधि आंकड़े भी खासे उत्साहजनक रहे हैं।
लगातार आर्थिक चुनौतियों के बावजूद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था द्वारा अपनी वृद्धि की गति बनाए रखना वैश्विक कमोडिटी बाजार के लिए बड़ा सकारात्मक कारक है। ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था और उसकी मुद्रा काफी हद तक चीनी मांग पर निर्भर है, विशेष रूप से लौह अयस्क यानी आयरन ओर के भारी निर्यात के कारण। चीनी औद्योगिक गतिविधि और मांग में लचीलापन ऑस्ट्रेलियाई निर्यात को सीधा सहारा देता है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को वैश्विक निवेशकों की ओर से लगातार समर्थन मिल रहा है।
रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के कड़े रुख का असर
मुद्रा की इस छलांग के पीछे घरेलू मौद्रिक नीति से जुड़े संकेत भी बेहद अहम रहे हैं। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यानी आरबीए के सहायक गवर्नर क्रिस केंट के सख्त बयानों ने बाजार में यह उम्मीद पुख्ता कर दी है कि केंद्रीय बैंक लंबे समय तक प्रतिबंधात्मक मौद्रिक नीति जारी रख सकता है। तटस्थ ब्याज दर वह स्तर होती है जिस पर मौद्रिक नीति आर्थिक गतिविधियों को न तो अनावश्यक रूप से तेज करती है और न ही संकुचित करती है। ऐसे में यदि यह तटस्थ दर ऊपर बनी रहती है, तो केंद्रीय बैंक के पास मुद्रास्फीति के दबाव को दोबारा भड़काए बिना ब्याज दरों में ढील देने या कटौती करने की गुंजाइश काफी घट जाती है।
आरबीए के इस कड़े दृष्टिकोण और चीनी मांग के तालमेल ने ऑस्ट्रेलियाई परिसंपत्तियों को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बना दिया है। ऊंची दरों का लंबा दौर पूंजी प्रवाह को बनाए रखने में मदद करता है। निवेशक अब आगामी आर्थिक संकेतकों और केंद्रीय बैंक के बयानों पर नजर रख रहे हैं ताकि यह परखा जा सके कि क्या मौजूदा अनुकूल परिस्थितियां इस तेजी को लंबे समय तक टिकाए रख सकती हैं।
तकनीकी स्तर और चार्ट की चाल
चार्ट विश्लेषण के अनुसार AUD/USD जोड़ी के लिए तत्काल प्रतिरोध स्तर 0.6995 की क्षैतिज बाधा पर स्थित है। यदि खरीदार इस स्तर के पार गति बनाए रखने में सफल रहते हैं, तो अगला बड़ा प्रतिरोध 0.7014 के स्तर पर देखा जा रहा है। लाइव तकनीकी आंकड़ों के मुताबिक पिवट स्तर 0.6974 पर है, जबकि पहला प्रतिरोध R1 0.6999 और दूसरा प्रतिरोध R2 0.7020 पर स्थित है। 14-दिवसीय आरएसआई 45 के स्तर पर तटस्थ है, जबकि एमएसीडी हिस्टोग्राम 0.00 पर बुलिश संकेत दे रहा है। इसके साथ ही एडीएक्स 39 पर एक मजबूत ट्रेंडिंग बाजार की पुष्टि कर रहा है।
गिरावट की स्थिति में शुरुआती समर्थन 200-अवधि के एसएमए पर 0.6964 और फिर 100-अवधि के एसएमए पर 0.6961 के आसपास मौजूद है। तकनीकी स्तरों में S1 समर्थन 0.6953 और S2 समर्थन 0.6928 पर आंका गया है। इसके अलावा 0.6950 और 0.6932 के क्षैतिज स्तरों पर भी मजबूत सुरक्षा उपलब्ध है, जहां किसी भी गहरे पुलबैक के दौरान दोबारा लिवाली देखने की उम्मीद की जा सकती है। मुद्रा का 52-सप्ताह का दायरा 0.6422 से 0.7277 के बीच रहा है।
वैश्विक बाजारों और अन्य मुद्राओं का हाल
व्यापक वित्तीय बाजारों में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में हालिया गिरावट के चलते अमेरिकी डॉलर दो सप्ताह के निचले स्तर के पास दबाव में दिखा। इसके चलते USD/JPY जोड़ी एशियाई सत्र में 158.00 के करीब रक्षात्मक रुख अपनाए रही। बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काजुओ उएदा के सख्त बयानों और बाजार में हस्तक्षेप के जोखिमों ने जापानी येन को सहारा दिया है। हालांकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दर वृद्धि के दांव और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं डॉलर के नुकसान को सीमित रख सकती हैं। अमेरिका में हालिया सीपीआई आंकड़े उम्मीद से अधिक मजबूत आए थे, जिससे 9 दिसंबर को ब्याज दर वृद्धि की संभावना फिर से बढ़ गई है, भले ही 28 अक्टूबर को होने वाली बैठक में दरों को स्थिर रखे जाने की उम्मीद बनी हुई है।
कमोडिटी और क्रिप्टो बाजार की बात करें तो सोने की कीमतों में शुक्रवार की गिरावट का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा और पीली धातु 4,150 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के नीचे फिसल गई। अमेरिकी डॉलर के संभलने और ट्रेजरी यील्ड में उछाल ने सोने पर दबाव बनाए रखा। वहीं डिजिटल एसेट बाजार में पिछले सप्ताह ईटीएफ से लगभग 229 मिलियन डॉलर की निकासी के बावजूद बिटकॉइन 82,000 डॉलर के ऊपर टिकते हुए मजबूत ढांचागत समर्थन बना रहा है। दूसरी ओर एथेरियम 2,400 डॉलर के ऊपर संभलने में कामयाब रहा, जहां खरीदार मोमेंटम संकेतकों में सुधार के साथ तेजी का रुझान दोबारा हासिल करने की कोशिश में जुटे हैं।





















