अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास किया है, जिससे यह मुद्रा युग्म 0.6950 के मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास पहुंच गया। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई गिरावट और फेडरल रिजर्व के रुख के कारण ग्रीनबैक पर बने दबाव ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा दिया है। इसके बावजूद, घरेलू मोर्चे पर रोजगार के कमजोर आंकड़ों और तकनीकी चार्ट पर उभर रहे मंदी के संकेतों के कारण बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस मुद्रा में आने वाली किसी भी बड़ी तेजी पर दबाव बना रह सकता है। ट्रेडर्स अब 0.6900 के महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं, जो आने वाले दिनों में इसकी दिशा तय करने में निर्णायक साबित हो सकता है।
कमजोर अमेरिकी डॉलर से ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को मिला तात्कालिक सहारा
वैश्विक मुद्रा बास्केट में शुक्रवार के कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर पर बिकवाली का असर देखा गया। प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर इंडेक्स गिरकर लगभग दो सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक समूह की वार्षिक बैठकों के दौरान अपने संबोधन में कहा कि वह मूल्य स्थिरता हासिल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। हालांकि, उन्होंने भविष्य में ब्याज दरों के संभावित रास्ते को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया। इस अनिर्णायक टिप्पणी के बाद अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी देखी गई, जिससे डॉलर पर दबाव बढ़ा और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जैसी जोखिम से जुड़ी मुद्राओं को चढ़ने का मौका मिला।
बाजार में जोखिम उठाने की क्षमता में सुधार भी देखने को मिला है। एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 0.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ 7,750 के निकट कारोबार कर रहे हैं। वहीं 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड फिसलकर 5.07 प्रतिशत के करीब आ गई है, जो गुरुवार को दर्ज किए गए 5.04 प्रतिशत के तीन सप्ताह से अधिक के निचले स्तर के बेहद करीब है। बॉन्ड यील्ड में इस नरमी ने अन्य वैश्विक परिसंपत्तियों को भी प्रभावित किया। जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर 158.00 के स्तर से नीचे फिसल गया, जबकि सोने की कीमतों में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में खरीदारी दर्ज की गई, हालांकि यह कीमती धातु अभी भी अपने दो सप्ताह के सीमित दायरे में कारोबार कर रही है।
ऑस्ट्रेलिया के कमजोर रोजगार आंकड़ों ने बढ़ाई चिंताएं
मुद्रा की इस तकनीकी रिकवरी के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था के बुनियादी आंकड़े चिंता पैदा कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई श्रम बाजार से आए हालिया आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे हैं, जिससे केंद्रीय बैंक की आगामी नीतिगत बैठकों में ब्याज दरों पर विचार को लेकर परिदृश्य बदल गया है। रैबोबैंक के विश्लेषकों ने इस पर अपनी विस्तृत टिप्पणी देते हुए रेखांकित किया कि देश में बेरोजगारी दर बढ़कर 4.6 प्रतिशत पर पहुंच गई है। इसके साथ ही अर्थव्यवस्था में लगभग 40 हजार नौकरियों का नुकसान हुआ है, जिसने जुलाई के दौरान हासिल की गई रोजगार वृद्धि को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
रैबोबैंक के अनुसार, सितंबर के यह आंकड़े नीतिगत चर्चाओं के लिए एक नरम पृष्ठभूमि तैयार कर रहे हैं। शुरुआती महीनों में दर्ज की गई बढ़त के बाद श्रम बाजार अब अपनी रफ्तार खोता दिखाई दे रहा है। जब घरेलू रोजगार के आंकड़े इस तरह कमजोर होते हैं, तो रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया पर ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाने का दबाव कम हो जाता है। यही कारण है कि अमेरिकी डॉलर की कमजोरी के बावजूद व्यापारी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में आक्रामक रूप से लंबी पोजीशन बनाने से बच रहे हैं, क्योंकि आर्थिक बुनियादी ढांचे की कमजोरी मुद्रा के लंबे समय तक टिकने वाले उछाल को रोक सकती है।
चार्ट पर हेड एंड शोल्डर्स पैटर्न और तकनीकी संकेत
दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो मुद्रा युग्म का रुझान अब भी मंदी की ओर झुका हुआ नजर आ रहा है। दैनिक चार्ट पर हेड एंड शोल्डर्स फॉर्मेशन उभर रहा है, जिसे पारंपरिक तकनीकी विश्लेषण में एक प्रमुख रिवर्सल और मंदी का संकेतक माना जाता है। ताजा बाजार आंकड़ों के अनुसार, यह मुद्रा 0.6949 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद स्तर 0.6919 से 0.44 प्रतिशत ऊपर है। हालांकि, यह स्तर 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी ईएमए (0.6994) के नीचे बना हुआ है। जब तक कीमत इस महत्वपूर्ण अल्पकालिक मूविंग एवरेज के नीचे बनी रहती है, तब तक ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव बना रहेगा।
अन्य तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 40 पर स्थित है, जो 50 के मध्य स्तर से नीचे बना हुआ है। यह स्थिति दर्शाती है कि बाजार में बिकवाली का दबाव अब भी प्रभावी है और निकट भविष्य में किसी तेज सुधार की संभावना सीमित है। 50-दिवसीय ईएमए 0.7037 और 200-दिवसीय ईएमए 0.6972 पर स्थित हैं। हालांकि 50-दिवसीय ईएमए और 200-दिवसीय ईएमए के बीच गोल्डन क्रॉस की स्थिति बनी हुई है, लेकिन मौजूदा मूल्य दोनों लंबी अवधि के मूविंग एवरेज के आसपास संघर्ष कर रहा है। बोलिंजर बैंड की सीमाएं 0.6886 से 0.7090 के बीच फैली हैं, जिसके मध्य बैंड का स्तर 0.6988 है। इसके साथ ही एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स 40 पर बना हुआ है, जो बाजार में मजबूत ट्रेंडिंग गति का संकेत देता है।
विश्लेषकों का नजरिया और प्रमुख कारोबारी स्तर
सिंगापुर स्थित यूओबी के मुद्रा विश्लेषकों का मानना है कि मुद्रा में नीचे की ओर गति बढ़ तो रही है, लेकिन फिलहाल यह बहुत अधिक आक्रामक नहीं है। बैंक के विश्लेषकों के अनुसार, समग्र रुझान नीचे की ओर बना हुआ है, हालांकि किसी भी संभावित गिरावट के दौरान यह जून के निचले स्तर 0.6865 तक शायद ही पहुंचे। इसके विपरीत, यदि ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ऊपरी स्तरों पर 0.6980 के स्तर को पार करने में सफल रहता है, तो यह संकेत मिलेगा कि इसमें आगे बड़ी गिरावट आने के बजाय यह एक सीमित दायरे में कारोबार करने की ओर बढ़ सकता है।
ट्रेडिंग के नजरिए से देखें तो 0.6946 का स्तर एक महत्वपूर्ण दैनिक पिवट बिंदु के रूप में कार्य कर रहा है। ऊपरी स्तरों पर पहला प्रतिरोध 0.6973 और दूसरा प्रतिरोध 0.6997 पर स्थित है, जो 20-दिवसीय ईएमए के काफी करीब है। नीचे की ओर, पहला समर्थन 0.6922 और दूसरा मजबूत समर्थन 0.6895 पर मौजूद है, जो 20-दिवसीय समर्थन सीमा और 0.6900 के मनोवैज्ञानिक स्तर से मेल खाता है। इसके अलावा 52-सप्ताह का दायरा 0.6422 से 0.7277 के बीच फैला हुआ है, जबकि दैनिक वोलैटिलिटी दर्शाने वाला एवरेज ट्रू रेंज 0.01 पर है। विदेशी मुद्रा बाजार के जानकारों का कहना है कि जब तक यह जोड़ी 0.6980 से 0.7000 के प्रतिरोध क्षेत्र को पार नहीं कर लेती, तब तक प्रत्येक उछाल पर बिकवाली का जोखिम बना रहेगा।























