अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में यूरो और जापानी येन की जोड़ी (EUR/JPY) बुधवार को एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान 179.10 के आसपास कारोबार करती नजर आई। लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज करने के बावजूद दैनिक चार्ट पर यह मुद्रा जोड़ी एक गिरते हुए चैनल के भीतर सीमित बनी हुई है, जिससे बाजार का समग्र दृष्टिकोण मंदड़ियों के पक्ष में दिखाई दे रहा है। ताजा लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, यह जोड़ी 179.53 पर कारोबार कर रही है, जो पिछले 179.20 के बंद स्तर की तुलना में 0.19 प्रतिशत की मजबूती दर्शाती है। हालांकि, तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि जब तक यह जोड़ी प्रमुख प्रतिरोध स्तरों को निर्णायक रूप से पार नहीं करती, तब तक ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव बना रह सकता है।
तकनीकी संकेतकों से मंदी के संकेत और प्रमुख प्रतिरोध स्तर
दैनिक मूल्य चार्ट का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर स्पष्ट होता है कि यूरो-येन जोड़ी निकट अवधि में मंदी के रुझान के अधीन है। इसका मुख्य कारण यह है कि भाव 9-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 179.69 और 50-दिवसीय EMA 183.00 दोनों के नीचे बना हुआ है। जब भी कीमतें इन दोनों मूविंग एवरेज से नीचे टिकती हैं, तो हर तेजी में बिकवाली उभरने की आशंका अधिक रहती है। हालिया तकनीकी आंकड़ों में 20-दिवसीय EMA 180.88, 50-दिवसीय EMA 182.69 और 200-दिवसीय EMA 182.83 पर स्थित है, जहां 50-दिवसीय और 200-दिवसीय EMA के बीच मंदी का क्रॉसओवर यानी डेथ क्रॉस देखने को मिल रहा है। इसके साथ ही 50-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) 183.48 और 200-दिवसीय SMA 184.17 पर बना हुआ है, जो लंबी अवधि के डाउनट्रेंड की पुष्टि करता है।
मोमेंटम इंडिकेटर्स की बात करें तो 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) लगभग 34 के स्तर पर बना हुआ था, जो मौजूदा लाइव आंकड़ों में 38 पर आंका गया है। यह स्तर दर्शाता है कि बिकवाली का दबाव अब भी मौजूद है, हालांकि चार्ट पर अत्यधिक ओवरसोल्ड स्थिति पूरी तरह नहीं बनी है। वहीं, मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) -1.52 पर है, जबकि सिग्नल लाइन -1.37 और हिस्टोग्राम -0.16 पर बना हुआ है, जो स्पष्ट रूप से मंदड़ियों की पकड़ को इंगित करता है। 14-दिवसीय एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स (ADX) 35 पर ट्रेंडिंग स्थिति दिखा रहा है, जबकि फास्ट स्टोकेस्टिक 21 और सिग्नल 18 पर है। 14-दिवसीय एवरेज ट्रू रेंज (ATR) 1.41 है, जो दैनिक अस्थिरता को रेखांकित करता है।
चार्ट पर अहम सपोर्ट और संभावित रिकवरी की सीमाएं
नीचे की ओर, EUR/JPY जोड़ी के लिए पहला प्राथमिक सहारा गिरते हुए चैनल की निचली सीमा यानी 177.60 के आसपास देखने को मिल सकता है। यदि यह जोड़ी इस चैनल की निचली रेखा को तोड़कर नीचे फिसलती है, तो मंदी का दबाव और गहरा हो जाएगा। ऐसी स्थिति में कीमतें नवंबर 2025 में दर्ज किए गए लगभग 11 महीने के निचले स्तर 175.70 की दिशा में लुढ़क सकती हैं। लाइव तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, 20-दिवसीय सपोर्ट 177.85 पर है, जबकि बॉलिंगर बैंड का निचला स्तर 175.39 और ऊपरी स्तर 188.06 (मध्यम रेखा 181.72) पर बना हुआ है। इस मुद्रा जोड़ी का 52 हफ्तों का दायरा 172.27 से 187.93 के बीच रहा है।
ऊपरी स्तरों पर किसी भी संभावित सुधार की स्थिति में पहला अवरोध 9-दिवसीय EMA 179.69 पर आएगा। यदि खरीदारी इसे पार करने में सफल होती है, तो अगला पड़ाव 50-दिवसीय EMA 183.00 का होगा। इसके बाद आगे का कड़ा प्रतिरोध गिरते चैनल की ऊपरी सीमा के पास 185.20 पर देखा जा रहा है। यदि बाजार में बहुत आक्रामक तेजी लौटती है, तो 17 अप्रैल को बने 187.95 के सर्वकालिक उच्च स्तर पर नजरें टिक सकती हैं, हालांकि मौजूदा तकनीकी स्थिति को देखते हुए इस स्तर तक पहुंचना एक कठिन चुनौती प्रतीत होता है।
प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले यूरो का प्रदर्शन
वैश्विक मुद्रा बाजार में आज यूरो का रुख मिला-जुला देखने को मिला। प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले हुए बदलावों के अध्ययन से पता चलता है कि यूरो को न्यूजीलैंड डॉलर के सामने सबसे अधिक मजबूती मिली। करेंसी हीट मैप के आंकड़ों से ज्ञात होता है कि जहां न्यूजीलैंड डॉलर के सामने खरीदारों ने बढ़त बनाई, वहीं अमेरिकी डॉलर और कुछ अन्य सुरक्षित मुद्राओं के सामने यूरो को कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ा। विभिन्न जोड़ों के बीच आधार मुद्रा और कोट मुद्रा के उतार-चढ़ाव से स्पष्ट है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच पूंजी का प्रवाह अत्यधिक सुरक्षित संपत्तियों की ओर बढ़ रहा है।
डॉलर इंडेक्स और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में कमजोरी
व्यापक विदेशी मुद्रा बाजार में बुधवार के एशियाई सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी (AUD/USD) में लगातार तीसरे दिन नकारात्मक रुख दर्ज किया गया। यह जोड़ी 0.7100 के स्तर का बचाव करने में जुटी रही और एक महीने के निचले स्तर के बेहद करीब कारोबार करती दिखी। अमेरिकी डॉलर दो सप्ताह के उच्च स्तर के करीब मजबूती से टिका हुआ है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तर पर पहुंच गई है, जिसके पीछे फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की उम्मीदें और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से उपजी महंगाई की चिंताएं मुख्य कारण हैं। इसके अलावा, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने सुरक्षित पनाहगाह के तौर पर अमेरिकी डॉलर की मांग को और हवा दी है, जिससे जोखिम वाली मुद्राओं जैसे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर भारी दबाव देखा गया।
USD/JPY में तेजी और केंद्रीय बैंकों की बैठकों पर निगाहें
बुधवार के एशियाई सत्र में अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी (USD/JPY) 155.00 के पार पहुंचकर एक सप्ताह के नए उच्च स्तर पर पहुंच गई। अमेरिकी डॉलर की व्यापक मजबूती ने इस जोड़ी को ऊपर उठाने में मदद की। कच्चे तेल की तेजी से बढ़ती मुद्रास्फीति की आशंकाओं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर बढ़ाने के अनुमानों ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को ऊपर बनाए रखा है। इसके अतिरिक्त, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने डॉलर की वैश्विक आरक्षित मुद्रा की प्रतिष्ठा को और सहारा दिया है। हालांकि, यह जोड़ी 155.50 के स्तर के नीचे बनी रही, क्योंकि बाद में होने वाले फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले और गुरुवार से शुरू होने वाली बैंक ऑफ जापान (BOJ) की दो दिवसीय बैठक से पहले खरीदार सतर्क रुख अपना रहे हैं।
सोने और क्रिप्टोकरेंसी बाजार पर ब्याज दरों का असर
सुरक्षित पनाहगाहों और डिजिटल संपत्तियों में भी ब्याज दरों को लेकर बेचैनी साफ नजर आई। सोने (XAU/USD) की कीमतें बुधवार के एशियाई सत्र में 4,300 डॉलर प्रति औंस के नीचे दबाव में बनी रहीं, क्योंकि व्यापारी फेडरल रिजर्व के अहम फैसले से नए संकेतों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कच्चे तेल से जुड़ी महंगाई की चिंताओं के कारण बॉन्ड यील्ड में आई तेजी ने बिना ब्याज वाली धातु यानी सोने पर नकारात्मक असर डाला है। मध्य पूर्व के तनाव से डॉलर को मिला समर्थन भी सोने के लिए अवरोध साबित हो रहा है।
दूसरी ओर, डिजिटल एसेट बाजार में एथेरियम मंगलवार को गिरकर 2,400 डॉलर पर आ गया, जिसका कारण सीनेट में क्लैरिटी एक्ट का आगे न बढ़ पाना रहा। इस विधायी रुकावट और अगली फेड बैठक में ब्याज दर में बढ़ोतरी की बाजार की लगभग पुख्ता उम्मीदों के बावजूद, इस प्रमुख ऑल्टकॉइन में नई पूंजी का प्रवाह जारी रहा है। पिछले कुछ दिनों में एथेरियम के खरीदार विक्रेताओं पर भारी पड़ते दिखाई दिए हैं।
ब्रिटेन में महंगाई के आंकड़े और बैंक ऑफ जापान की नीतिगत दिशा
यूरोपीय और एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के मोर्चे पर भी कई महत्वपूर्ण घटनाएं सामने आ रही हैं। ब्रिटेन का राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय बुधवार को 06:00 GMT पर अगस्त महीने के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के बहुप्रतीक्षित आंकड़े जारी करेगा। यह मुद्रास्फीति रिपोर्ट ब्रिटिश पाउंड में तेज उतार-चढ़ाव ला सकती है, क्योंकि यह रिपोर्ट बैंक ऑफ इंग्लैंड के मौद्रिक नीति निर्णय से ठीक एक दिन पहले आ रही है।
वहीं, जापान की दशकों पुरानी आर्थिक नीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जापान की अति-निम्न ब्याज दरों ने एक दशक से अधिक समय तक वैश्विक स्तर पर खरबों डॉलर के निवेश को वित्तपोषित करने में मदद की थी, जिससे जापानी येन दुनिया भर में फंडिंग का सबसे सस्ता स्रोत बन गया था। अब जबकि बैंक ऑफ जापान द्वारा इस सप्ताह अपनी मौद्रिक नीति को फिर से कड़ा करने की उम्मीद की जा रही है, यह ऐतिहासिक लाभ एक नए चरण में प्रवेश कर सकता है। जहां दुनिया की अधिकांश प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं ने महंगाई से निपटने के लिए ब्याज दरें बढ़ाई थीं, वहीं जापान लंबे समय तक अपनी ढीली नीति पर टिका रहा था, जो अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है।



















