दक्षिण कोरिया की मुद्रा वॉन ने जून के अंत से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगभग 15 प्रतिशत की जबर्दस्त बढ़त दर्ज की है। मुद्रा बाजार के जानकारों का मानना है कि इस हालिया तेजी के पीछे केवल चालू खाता अधिशेष ही नहीं, बल्कि विदेशी मुद्रा प्रवाह में आए बड़े ढांचागत बदलाव मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि इस तेज रैली के बाद निकट अवधि में मुद्रा की रफ्तार सुस्त पड़ सकती है और यूएसडी/केआरडब्ल्यू विनिमय दर एक सीमित दायरे में स्थिर होने के आसार हैं।
विदेशी मुद्रा प्रवाह और घरेलू बुनियादी ढांचे में बदलाव
कमर्शियल बैंक के विदेशी मुद्रा विश्लेषक चार्ली ले और मोसेस लिम के आकलन के अनुसार, वॉन की इस मजबूती में नेशनल पेंशन सर्विस की बढ़ती विदेशी मुद्रा हेजिंग तथा कंपनियों द्वारा एडीआर से जुड़े धन की स्वदेश वापसी ने अहम योगदान दिया है। चालू खाते के अधिशेष की तुलना में इन ढांचागत प्रवाहों ने बाजार को अधिक गति दी है। इसके साथ ही बैंक ऑफ कोरिया द्वारा समर्थित मजबूत बुनियादी आर्थिक आंकड़े मुद्रा को जमीनी मजबूती प्रदान कर रहे हैं। फिर भी विश्लेषकों का अनुमान है कि तेजी का सबसे आसान दौर अब बीत चुका है और आगे की बढ़त काफी क्रमिक होगी।
विश्लेषकों का अनुमान है कि निकट भविष्य में यूएसडी/केआरडब्ल्यू 1,330 से 1,380 के दायरे में समेकित हो सकता है। आर्थिक नीतियां तय करने वाले अधिकारी मुद्रा के बहुत तेज मूल्यवृद्धि पर अंकुश लगा सकते हैं, ताकि निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित न हो। ले और लिम का कहना है कि चालू खाता अधिशेष और बैंक ऑफ कोरिया का सख्त नीतिगत रुख वॉन को लगातार सहारा देगा, लेकिन भारी तेजी के बाद बाजार अब ठहराव की ओर बढ़ रहा है।
सेमीकंडक्टर निर्यात और केंद्रीय बैंक का आक्रामक रुख
दक्षिण कोरिया के केंद्रीय बैंक के अनुमान के मुताबिक, देश का चालू खाता अधिशेष वर्ष 2026 में 450 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है। इसके बाद वर्ष 2027 में भी यह आंकड़ा 430 अरब डॉलर के उच्च स्तर पर बने रहने की उम्मीद जताई गई है। इस मजबूती का सबसे बड़ा आधार सेमीकंडक्टर निर्यात में जारी जबरदस्त उछाल है, जो वैश्विक मांग के चलते अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है।
इसके अलावा, बैंक ऑफ कोरिया द्वारा लगातार की गई ब्याज दर बढ़ोतरी और उसके नीतिगत सख्ती के जारी रुख ने भी घरेलू मुद्रा को अतिरिक्त समर्थन दिया है। आर्थिक जानकारों का स्पष्ट कहना है कि ठोस बुनियादी कारकों के बावजूद निकट भविष्य में वॉन की चाल संतुलित रहने की संभावना है, जिससे विनिमय दर में स्थिरता देखने को मिल सकती है।
वैश्विक मुद्रा बाजार में डॉलर का दबदबा
एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान अन्य प्रमुख मुद्राओं पर दबाव साफ दिखाई दिया। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7150 के नीचे कमजोर बना रहा, जो पिछले कारोबारी दिन दर्ज किए गए तीन सप्ताह से अधिक के निचले स्तर के करीब है। आगामी एफओएमसी बैठक और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से उपजे मुद्रास्फीति के जोखिमों के बीच अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तरों के निकट बनी हुई है। इसके अलावा अगस्त महीने के मिले-जुले चीनी गतिविधि आंकड़ों ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में किसी सुधार का समर्थन नहीं किया।
वहीं दूसरी ओर यूएसडी/जेपीवाई मंगलवार सुबह 155.00 के स्तर की ओर चढ़ता नजर आया। बाजार प्रतिभागी इस सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान की नीतिगत बैठकों के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। जहां अमेरिकी दर वृद्धि के दांव डॉलर को सहारा दे रहे हैं, वहीं बैंक ऑफ जापान द्वारा नीतिगत सामान्यीकरण के आक्रामक रुख की संभावना जापानी येन को सहारा देकर इस जोड़ी की ऊपरी चाल को सीमित भी कर सकती है।
सोने की चाल सुस्त, प्रमुख डिजिटल संपत्तियों में गिरावट
कीमती धातुओं के बाजार में सोने पर दबाव बना रहा और यह प्रति ट्रॉय औंस 4,300 डॉलर के स्तर के ऊपर टिकने में असमर्थ दिखा। मजबूत अमेरिकी डॉलर, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के उतार-चढ़ाव और फेड की बैठक से पहले निवेशकों की सतर्कता के चलते सोने में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी कमजोरी का रुख देखने को मिला। रिपल (XRP), कार्डानो (ADA) और हाइपरलिक्विड (HYPE) जैसी प्रमुख ऑल्टकॉइन्स मंगलवार को लाल निशान में कारोबार कर रही थीं और इनमें करीब 2 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई। यह गिरावट मंगलवार को निर्धारित क्लैरिटी एक्ट क्लॉचर वोट से पहले बने दबाव के कारण मानी जा रही है।



















