अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मजबूत रुख के कारण न्यूजीलैंड डॉलर लगातार दबाव में बना हुआ है। न्यूजीलैंड डॉलर और अमेरिकी डॉलर का करेंसी जोड़ा अपने हालिया कारोबारी दायरे के निचले स्तर के काफी करीब पहुंच चुका है। वैश्विक स्तर पर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा आगामी बुधवार को संभावित ब्याज दर वृद्धि के अनुमानों ने अमेरिकी डॉलर को व्यापक मजबूती दी है, जिससे गैर-अमेरिकी मुद्राओं पर बिकवाली का गहरा दबाव देखा जा रहा है।
फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और वैश्विक यील्ड का असर
अमेरिकी मुद्रा में यह तेजी तब देखी जा रही है जब बाजार प्रतिभागी बुधवार को आने वाले फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आ रही तेजी और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें निवेशकों को डॉलर की तरफ आकर्षित कर रही हैं। कच्चे तेल से जुड़ी महंगाई के जोखिमों ने भी अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को कई वर्षों के उच्च स्तर के आसपास बनाए रखा है। इसके साथ ही पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के कारण भी सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की मांग में जोरदार इजाफा हुआ है। इसी डॉलर मजबूती के चलते सोने की चमक भी फीकी पड़ी है। अगस्त की शुरुआत में सोने ने संभलने का हल्का प्रयास किया था, लेकिन डॉलर की बढ़ती मांग के सामने कीमती धातु विफल रही और एक महीने पहले के 4,700 डॉलर के शिखर से गिरकर 4,000 डॉलर प्रति औंस के आंकड़े के करीब पहुंच गई है।
न्यूजीलैंड की दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़ों का बड़ा जोखिम
न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था के लिए आने वाले कुछ घंटे काफी संवेदनशील माने जा रहे हैं। बुधवार को देर से न्यूजीलैंड के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी के दूसरी तिमाही के आंकड़े जारी होने वाले हैं। आर्थिक विश्लेषकों का अनुमान है कि देश की विकास दर में तेज गिरावट दर्ज की जा सकती है। यह विकास दर पिछली तिमाही के 0.8 प्रतिशत से गिरकर चालू तिमाही में महज 0.1 प्रतिशत रह जाने का अनुमान है। अगर आर्थिक वृद्धि दर में यह तेज मंदी सच साबित होती है, तो यह कीवी मुद्रा के लिए एक नया झटका साबित हो सकती है और मुद्रा में गिरावट की रफ्तार और तेज हो सकती है।
तकनीकी चार्ट पर दबाव और प्रमुख स्तर
मुद्रा जोड़ी के चार घंटे के चार्ट का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि मंदड़िए पूरी तरह हावी हैं। यह जोड़ी 0.5757 के स्तर पर कारोबार करती दिखी है और हालिया रुख 0.5760 के आसपास बना रहा है। मौजूदा समय में लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार यह भाव 0.5724 पर आ चुका है, जो पिछले बंद भाव 0.5728 से 0.07 प्रतिशत नीचे है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 0.5584 से 0.6093 के बीच रहा है। चार घंटे के चार्ट पर यह भाव 20-अवधि के सिंपल मूविंग एवरेज यानी एसएमए (0.5787) और 100-अवधि के एसएमए (0.5877) दोनों से नीचे बना हुआ है। यह दोनों मूविंग एवरेज अब ऊपर की ओर किसी भी संभावित सुधार के लिए मजबूत रुकावट का काम कर रहे हैं।
तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 30 के आसपास मंडरा रहा है, जबकि 14-अवधि का लाइव आरएसआई 29 के स्तर पर ओवरसोल्ड स्थिति का संकेत दे रहा है। हालांकि, यह स्तर किसी तत्काल ट्रेंड रिवर्सल के बजाय मंदी के गहराते रुझान को अधिक दर्शाता है। लाइव तकनीकी आंकड़ों में एमएसीडी का हिस्टोग्राम नकारात्मक है, 20-अवधि का एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज 0.5821, 50-अवधि का ईएमए 0.5840 और 200-अवधि का ईएमए 0.5830 पर स्थित है। वहीं 50-अवधि का एसएमए 0.5856 और 200-अवधि का एसएमए 0.5854 पर है। बॉलिंगर बैंड्स (0.5694 से 0.6017) के दायरे में भाव ट्रेड कर रहा है और 20-दिवसीय सपोर्ट लगभग 0.5707 तथा रेजिस्टेंस 0.5978 पर बना हुआ है।
ऊपर की ओर, शुरुआती रुकावट 20-अवधि के एसएमए 0.5787 पर मौजूद है, जिसके बाद 100-अवधि का एसएमए 0.5877 पर अगला अवरोध बनेगा। यदि भाव इससे ऊपर निकलता है, तो 0.5907, 0.5930 और 0.5965 के स्तरों पर सघन सप्लाई जोन मौजूद है। मंदी के रुझान को पलटने के लिए खरीदारों को इस पूरे जोन को पार करना होगा। मौजूदा तकनीकी संकेतकों के आधार पर नीचे की तरफ कोई मजबूत ढांचागत सहारा नहीं दिखता, जिससे यदि नए खरीदार बाजार में प्रवेश नहीं करते हैं तो गिरावट और गहरा सकती है।
अन्य प्रमुख मुद्राओं का हाल और केंद्रीय बैंकों के कदम
केवल न्यूजीलैंड डॉलर ही नहीं, बल्कि अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं पर भी अमेरिकी डॉलर के दबदबे का असर साफ देखा जा रहा है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर का जोड़ा सोमवार की गिरावट को आगे बढ़ाते हुए कमजोर रुख में रहा, हालांकि एशिया में कारोबारी सत्र की शुरुआत से पहले यह 0.7100 के अहम स्तर से ऊपर टिकने में सफल रहा। दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी मंगलवार की सुबह 155.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर की तरफ लगातार बढ़ती नजर आई। येन के मुकाबले डॉलर की इस मजबूती को अमेरिकी यील्ड और बुधवार के फेड फैसले की उम्मीदों से समर्थन मिल रहा है।
जापान के परिदृश्य की बात करें तो वहां के केंद्रीय बैंक बैंक ऑफ जापान की बैठक भी इसी हफ्ते होने वाली है। जापान की अति-कम ब्याज दरों ने एक दशक से भी अधिक समय तक खरबों डॉलर के वैश्विक निवेश को वित्तपोषित करने में मदद की थी, जिसने जापानी येन को दुनिया के सबसे सस्ते फंडिंग स्रोतों में से एक बना दिया था। जहां अधिकांश प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं ने मुद्रास्फीति से निपटने के लिए ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की, वहीं जापान लंबे समय तक अपवाद बना रहा। हालांकि, बैंक ऑफ जापान द्वारा इस सप्ताह मौद्रिक नीति को और कड़ा किए जाने की संभावनाओं के चलते इस फंडिंग लाभ का नया दौर शुरू हो सकता है। यदि जापानी केंद्रीय बैंक अपनी नीति को सामान्य बनाने के प्रति आक्रामक रुख अपनाता है, तो यह येन को सहारा दे सकता है और डॉलर-येन की तेजी पर लगाम लगा सकता है।



















