अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड पर दबाव साफ दिखाई दे रहा है। गुरुवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान GBP/USD की जोड़ी 1.3600 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसलकर अपने साप्ताहिक निचले स्तर के पास कारोबार करती नजर आई। बाजार के विश्लेषक इस समय अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों के भविष्य को लेकर सतर्क रुख अपना रहे हैं। अमेरिका में हाल ही में आए मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने निवेशकों के बीच यह धारणा मजबूत की है कि केंद्रीय बैंक सख्त रुख बनाए रख सकता है, जिससे अमेरिकी मुद्रा को लगातार समर्थन मिल रहा है और पाउंड की रिकवरी की गुंजाइश सीमित हो गई है।
अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़े और फेडरल रिजर्व की नीति का असर
अमेरिकी डॉलर की हालिया मजबूती के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका का जुलाई महीने का पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) प्राइस इंडेक्स रहा है। बुधवार को जारी हुए इन आंकड़ों से पता चला कि अमेरिका में महंगाई दर उम्मीद से अधिक रही है। मुद्रास्फीति के इस ऊंचे स्तर ने यह संकेत दिया है कि अर्थव्यवस्था में मूल्य वृद्धि का दबाव अभी भी बना हुआ है। इसके परिणामस्वरूप, वित्तीय बाजारों में यह सट्टा तेज हो गया है कि फेडरल रिजर्व आने वाले समय में ब्याज दरों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रख सकता है। ऊंची ब्याज दरों की संभावना से अमेरिकी डॉलर में निवेशकों की रुचि बढ़ी है, जिसका सीधा असर GBP/USD और EUR/USD जैसी प्रमुख मुद्रा जोड़ियों पर पड़ा है।
ट्रेजरी बायबैक रणनीति और मध्य पूर्व तनाव में कमी से डॉलर पर अंकुश
अमेरिकी डॉलर के समर्थन में कई कारक काम कर रहे हैं, लेकिन कुछ अन्य घटनाक्रमों ने इसकी सुरक्षित संपत्ति (safe-haven) के रूप में मांग को सीमित किया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की बायबैक रणनीति के कारण अमेरिका के बॉन्ड प्रतिफल (bond yields) निचले स्तरों पर बने हुए हैं। इसके साथ ही, मध्य पूर्व में कूटनीतिक प्रगति की खबरों से भी बाजार का माहौल बदला है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और ईरान एक नए संघर्ष विराम समझौते पर सहमत हो गए हैं, जिसकी आधिकारिक घोषणा आने वाले कुछ दिनों में होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा, ओमान और ईरान ने होरमुज़ जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों के लिए एक अस्थायी समुद्री मार्ग बनाने पर सहमति जताई है। इस जलमार्ग के फिर से खुलने और तनाव कम होने की खबर ने सुरक्षित निवेश के तौर पर डॉलर में होने वाली आक्रामक खरीदारी को रोक दिया है।
GBP/USD के तकनीकी स्तर और बाजार का दायरा
तकनीकी मोर्चे पर, पाउंड में हालिया गिरावट मंगलवार को हुई तेजी की कोशिशों के बिल्कुल विपरीत है। बुधवार को 1.3600 का स्तर टूटने के बाद केबल (GBP/USD) में बिकवाली का दबाव देखा गया। हालांकि, निचले स्तरों पर 1.3400 के मध्य और 1.3300 के निचले स्तरों के आसपास पिछले कंसोलिडेशन क्षेत्र मौजूद हैं। ये स्तर एक महत्वपूर्ण सहारा या इंटरमीडिएट सपोर्ट के रूप में काम कर रहे हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि इन निचले स्तरों पर खरीदारी का आकर्षण फिर से लौट सकता है, जिससे पाउंड के व्यापक रिकवरी ढांचे को तात्कालिक सुरक्षा मिल रही है। इस सप्ताह डॉलर का प्रदर्शन कनाडा के डॉलर (CAD) के मुकाबले सबसे मजबूत रहा है।
यूरो, दक्षिण कोरियाई वॉन और क्रिप्टो बाजार का हाल
विदेशी मुद्रा और वित्तीय बाजारों के अन्य हिस्सों में भी व्यापक हलचल दर्ज की गई है। EUR/USD की जोड़ी में फिर से बिकवाली देखने को मिली है, और एशियाई बाजार खुलने से ठीक पहले यह 1.1600 के मध्य स्तर तक नीचे आ गया। यूरो पर यह दबाव डॉलर की मजबूती और यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) की आगामी अकाउंट्स रिपोर्ट से पहले की सावधानी के कारण बना है। दूसरी ओर, दक्षिण कोरियाई वॉन ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती दिखाई है। एशियाई सत्र में USD/KRW लगभग 0.3% गिरकर 1,380 के करीब पहुंच गया, जो इसका 11 महीने का निचला स्तर है। वॉन में यह तेजी बैंक ऑफ कोरिया द्वारा लगातार की गई ब्याज दर वृद्धियों का परिणाम मानी जा रही है। वहीं, क्रिप्टो बाजार में तेजी का रुख बना हुआ है। बिटकॉइन (BTC) $78,000 से ऊपर मजबूती से टिका हुआ है, जबकि SPX6900 (SPX) और वीचेन (VET) ने पिछले 24 घंटों में दोहरे अंकों की बढ़त दर्ज की है।
जेक्सन होल संगोष्ठी में केविन वॉश के पहले संबोधन पर नजर
वैश्विक वित्तीय बाजारों की नजर अब शुक्रवार को होने वाले जेक्सन होल संगोष्ठी (Jackson Hole Symposium) पर टिकी है। फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष के रूप में केविन वॉश इस प्रतिष्ठित संगोष्ठी में अपना पहला भाषण देने की तैयारी कर रहे हैं। निवेशकों और विश्लेषकों की उत्सुकता केवल इस बात तक सीमित नहीं है कि सितंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी होगी या उन्हें स्थिर रखा जाएगा, बल्कि बाजार उनके भाषण में फेड की दीर्घकालिक मौद्रिक नीति और आर्थिक दृष्टिकोण के संकेतों को गहराई से समझने की कोशिश करेगा। वॉश के इस वक्तव्य से पहले बाजार में काफी सतर्कता देखी जा रही है, जो डॉलर और पाउंड दोनों की आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।



















