अक्सर सब्जी बाजार में खीरे जैसी दिखने वाली एक खास हरी सब्जी ध्यान खींचती है, जिसे जुकिनी कहा जाता है। हालांकि यह देखने में खीरे से मिलती-जुलती है, लेकिन वनस्पति विज्ञान और पोषक तत्वों के मामले में यह उससे पूरी तरह अलग है। जुकिनी वास्तव में तोरई प्रजाति की ही एक सब्जी है। इसकी बनावट बहुत मुलायम होती है, लेकिन शरीर को मिलने वाले स्वास्थ्य लाभों के मामले में यह अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है। सामान्य तौर पर 8 इंच तक लंबी होने वाली एक जुकिनी से शरीर को महज 17 कैलोरी ऊर्जा प्राप्त होती है। कम कैलोरी होने के साथ-साथ इसमें पानी, फाइबर, विटामिन सी और कैल्शियम की भरपूर मात्रा पाई जाती है। इसके अलावा इसमें 1 ग्राम फाइबर, 3 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 1 ग्राम प्रोटीन और 1 ग्राम हेल्दी फैट होता है। सेहत के लिहाज से इसमें मैग्नीशियम, विटामिन के, पोटैशियम, कॉपर, फॉस्फोरस, विटामिन बी 6, आयरन और जिंक जैसे कई आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व समाहित हैं, जिनमें कैल्शियम की मात्रा सबसे ज्यादा होती है।
हड्डियों के लिए फौलादी खुराक
शरीर की हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए केवल कैल्शियम ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि इसके साथ कई अन्य खनिजों की भी आवश्यकता होती है। हड्डियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए कैल्शियम के साथ-साथ जिंक, पोटैशियम, मैग्नीशियम, फॉस्फेट और फॉस्फोरस जैसे तत्वों का सही संतुलन होना जरूरी है। जुकिनी में यह सभी आवश्यक तत्व प्रचुर मात्रा में मौजूद रहते हैं। इसमें कैल्शियम का स्तर काफी अधिक होता है, जो हड्डियों के घनत्व को बढ़ाने में मदद करता है। इसके साथ ही इसमें विटामिन के की भी अच्छी-खासी मात्रा पाई जाती है। विटामिन के और कैल्शियम का यह अनोखा संयोजन हड्डियों की संरचना को सुदृढ़ बनाता है और उन्हें कमजोर होने से बचाता है। यदि सप्ताह में दो दिन भी इसका सेवन किया जाए, तो हड्डियों से जुड़ी कई समस्याओं में राहत मिल सकती है।
हृदय स्वास्थ्य और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण
दिल की सेहत का ख्याल रखने के लिए जुकिनी को आहार में शामिल करना एक बहुत अच्छा विकल्प है। इसमें पोटैशियम की भारी मात्रा पाई जाती है, जो रक्त वाहिकाओं यानी धमनियों को चौड़ा करने और उनमें रक्त के प्रवाह को सुगम बनाने में सहायता करता है। पोटैशियम के अतिरिक्त जुकिनी में मैगनीज और मैग्नीशियम जैसे महत्वपूर्ण खनिज भी मौजूद होते हैं। यह सभी तत्व मिलकर हृदय की कार्यप्रणाली को सुचारू बनाए रखते हैं। विभिन्न स्वास्थ्य अध्ययनों से यह सामने आया है कि जुकिनी के नियमित सेवन से हृदय की धमनियों में कोलेस्ट्रॉल के जमाव को रोका जा सकता है। यह रक्त में मौजूद खराब कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल के स्तर को कम करने में मदद करती है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल यानी एचडीएल के स्तर में बढ़ोतरी करती है, जिससे दिल के दौरों और अन्य हृदय संबंधी जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
ब्लड शुगर के मरीजों के लिए लाभदायक
मधुमेह या डायबिटीज से पीड़ित व्यक्तियों के लिए भोजन में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा पर नियंत्रण रखना बेहद आवश्यक होता है, क्योंकि अधिक कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन खून में ग्लूकोज के स्तर को अचानक बढ़ा सकता है। जुकिनी इस मामले में बेहद सुरक्षित और गुणकारी साबित होती है क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट न के बराबर होता है। दूसरी ओर, इसमें फाइबर की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। फाइबर भोजन में मौजूद कार्बोहाइड्रेट के पचने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है, जिससे भोजन के बाद रक्त में शर्करा का स्तर अचानक नहीं बढ़ता। यही कारण है कि डायबिटीज के मरीजों को अपने दैनिक आहार में जुकिनी को सलाद के रूप में शामिल करने की सलाह दी जाती है।
पाचन तंत्र की मजबूती और पेट की सफाई
असंतुलित जीवनशैली के कारण आज के समय में अधिकांश लोग पाचन से जुड़ी विविध समस्याओं जैसे कब्ज, अपच और पेट में गैस से परेशान रहते हैं। जुकिनी पाचन क्रिया को दुरुस्त करने में अहम भूमिका निभाती है। इसमें सॉल्यूबल यानी घुलनशील फाइबर भरपूर मात्रा में मौजूद होता है। यह घुलनशील फाइबर आंतों में जल को अवशोषित करके मल के आकार और बनावट को बेहतर बनाता है और उसे कठोर होने से रोकता है। इससे पेट साफ होने में आसानी होती है और पुरानी कब्ज की शिकायत दूर होती है। नियमित रूप से इसका सेवन करने से पाचन तंत्र अंदर से मजबूत होता है और आंतों की सेहत में सुधार आता है।
आंखों की रोशनी में सुधार
जुकिनी केवल पेट और हड्डियों के लिए ही नहीं, बल्कि आंखों के स्वास्थ्य के लिए भी उतनी ही फायदेमंद है। जुकिनी के भीतर बीटा कैरोटीन नामक महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। जब हम इसका सेवन करते हैं, तो शरीर इस बीटा कैरोटीन को आवश्यकतानुसार विटामिन ए में परिवर्तित कर देता है। विटामिन ए आंखों की रेटिना के लिए एक आवश्यक पोषक तत्व की तरह काम करता है। इससे रेटिना की कोशिकाएं स्वस्थ रहती हैं और बढ़ती उम्र के साथ आंखों की रोशनी कमजोर होने की समस्या से बचाव होता है।
वजन घटाने में मददगार
जो लोग अपने बढ़ते वजन से परेशान हैं और कैलोरी पर नियंत्रण रखना चाहते हैं, उनके लिए जुकिनी एक बेहतरीन आहार विकल्प है। जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, एक जुकिनी में केवल 17 कैलोरी होती है। साथ ही, इसमें पाया जाने वाला घुलनशील फाइबर पाचन की गति को थोड़ा धीमा कर देता है। इस वजह से पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है और जल्दी-जल्दी भूख लगने की समस्या खत्म हो जाती है। जब शरीर को अतिरिक्त कैलोरी नहीं मिलती और भूख भी नियंत्रित रहती है, तो वजन को तेजी से और प्राकृतिक रूप से कम करने में मदद मिलती है।



















