अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान ब्रिटिश पाउंड (GBP) अमेरिकी डॉलर (USD) के मुकाबले 1.3600 के महत्वपूर्ण स्तर के आसपास कारोबार करता दिखा। पिछले दो दिनों की लगातार गिरावट के बाद पाउंड में मामूली सुधार दर्ज किया गया है। मुद्रा बाजार में हाल ही में ब्रिटिश पाउंड 1.3571 के निचले स्तर तक गिर गया था और बाद में 0.03 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 1.3594 पर बंद हुआ। बाजार के तकनीकी संकेतकों के अनुसार अत्यधिक बिकवाली (ओवरसोल्ड) की स्थिति और मंदी की गति धीमी होने से यह संभावना जताई जा रही है कि अल्पकालिक स्तर पर गिरावट थम सकती है और पाउंड सीमित दायरे में बना रह सकता है।
ब्रिटिश पाउंड का अल्पकालिक तकनीकी विश्लेषण
विदेशी मुद्रा बाजार के 24 घंटे के दृष्टिकोण पर नजर डालें तो ब्रिटिश पाउंड ने दो दिन पहले शुरू हुई अपनी तेज गिरावट को आगे बढ़ाया था। कारोबार के दौरान यह 1.3571 के निचले स्तर तक पहुंच गया, जिसके बाद थोड़ी स्थिरता आई और यह 1.3594 के स्तर पर लगभग अपरिवर्तित बंद हुआ। वर्तमान में बाजार में तकनीकी संकेत दर्शाते हैं कि मुद्रा में ओवरसोल्ड स्थिति बनी हुई है। गिरावट की रफ्तार में आई इस कमी के कारण निकट भविष्य में आगे और बड़ी गिरावट आने के बजाय पाउंड के 1.3570 से 1.3620 के सीमित दायरे में रहने की संभावना अधिक है।
मल्टी-वीक ट्रेंड और प्रमुख सपोर्ट लेवल का विश्लेषण
मध्यम अवधि यानी एक से तीन सप्ताह के दृष्टिकोण की बात करें तो 17 अगस्त को जब पाउंड 1.3540 के स्तर पर था, तब सकारात्मक रुख देखा जा रहा था। इसके बाद 21 अगस्त को 1.3640 के स्तर पर यह उम्मीद जताई गई थी कि पाउंड 1.3700 के स्तर तक चढ़ सकता है। हालांकि, हाल ही में पाउंड ने 1.3605 के मजबूत सपोर्ट स्तर को नीचे की ओर तोड़ दिया, जिससे पिछला तेजी का अनुमान अमान्य हो गया। गिरावट की गति में थोड़ी वृद्धि देखी गई है, जिससे पाउंड निचले स्तरों की ओर खिसक सकता है। फिर भी, मौजूदा रुझान को देखते हुए किसी भी संभावित गिरावट के 1.3550 से 1.3645 के दायरे तक सीमित रहने का अनुमान है।
कच्चे तेल की कीमतें और बैंक ऑफ इंग्लैंड की नीति
ब्रिटिश पाउंड की ऊपरी बढ़त के रास्ते में कुछ संरचनात्मक रुकावटें आ सकती हैं। हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में आई गिरावट से तात्कालिक मुद्रास्फीति की चिंताएं कम हुई हैं। इस बदलाव का सीधा असर मनी मार्केट पर पड़ा है। निवेशकों और विश्लेषकों ने अब बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) द्वारा ब्याज दरों में की जाने वाली अगली बढ़ोतरी की उम्मीदों को आगे खिसका दिया है। पहले जहां साल 2026 के अंत तक दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही थी, वहीं अब इसे साल 2027 की शुरुआत तक टाल दिया गया है। ब्याज दरों में देरी की इस संभावना ने पाउंड की मजबूती को सीमित कर दिया है।
यूरोपीय सेंट्रल बैंक के रुख से यूरो को मजबूती
दूसरी ओर, यूरोपीय एकल मुद्रा यूरो (EUR) में मजबूती का रुख देखा जा रहा है। EUR/USD की जोड़ी एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान 1.1650 के स्तर के आसपास कारोबार कर रही है। पिछले कारोबारी सत्र में मामूली बढ़त दर्ज करने के बाद यूरो ने अपनी बढ़त बनाए रखी है। यूरो को यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के सख्त मौद्रिक नीति (हॉकिश स्टैंड) के दृष्टिकोण से लगातार समर्थन मिल रहा है। सेंट्रल बैंक द्वारा सख्त नीति बनाए रखने के संकेतों से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यूरो को मजबूती मिल रही है।
जैक्सन होल संगोष्ठी और फेडरल रिजर्व की तैयारी
वैश्विक वित्तीय बाजारों की नजरें अमेरिका में होने वाली आगामी आर्थिक संगोष्ठी पर भी टिकी हुई हैं। फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष के रूप में केविन वॉश शुक्रवार को जैक्सन होल संगोष्ठी में अपना पहला संबोधन देने की तैयारी कर रहे हैं। 27 अगस्त से 29 अगस्त तक आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित वार्षिक जैक्सन होल सम्मेलन का आधिकारिक विषय "वित्तीय नवाचार: भुगतान और नीति के लिए निहितार्थ" (Financial Innovation: Implications for Payments and Policy) रखा गया है। बाजार प्रतिभागी केवल सितंबर में ब्याज दरें बढ़ाए जाने या स्थिर रखे जाने के फैसले तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे केंद्रीय बैंक की दीर्घकालिक मौद्रिक नीति की दिशा को समझने की कोशिश कर रहे हैं।



















