वैश्विक वित्तीय बाजारों में इस हफ्ते कई प्रमुख केंद्रीय बैंकों की अहम बैठकें होने जा रही हैं, जिनमें ब्याज दरों को स्थिर रखने की व्यापक उम्मीद जताई जा रही है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार चिली, पोलैंड, पेरू और तुर्किये अपने नीतिगत रुख में फिलहाल कोई बड़ा फेरबदल नहीं करने वाले हैं। मौद्रिक नीति तय करने वाले इन संस्थानों के कदम से यह साफ हो रहा है कि वे मौजूदा आर्थिक हालातों और मुद्रास्फीति के दबाव के बीच संतुलन बनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इन देशों में अर्थव्यवस्था की चाल और महंगाई के आंकड़े इस स्थिति को और स्पष्ट करते हैं।
चिली में नीतिगत दरों पर स्थिरता का अनुमान
चिली का केंद्रीय बैंक अपनी आगामी मंगलवार की बैठक में नीतिगत ब्याज दर को लगातार पांचवीं बार 4.50 प्रतिशत पर बनाए रख सकता है। वित्तीय जानकारों का कहना है कि बैंक के पास एक आरामदायक स्थिति है जिसके चलते वह दरों को लंबे समय तक स्थिर रख सकता है। देश में दो साल की अवधि के लिए मुद्रास्फीति के अनुमान केंद्रीय बैंक के 3 प्रतिशत के तय लक्ष्य के बेहद करीब बने हुए हैं। इसके अलावा मौजूदा नीतिगत दर बैंक के 3.75 प्रतिशत से 4.75 प्रतिशत के तटस्थ दायरे के ऊपरी छोर के पास ट्रेड कर रही है।
चिली के मुख्य कमोडिटी निर्यात तांबे की कीमतों में हालिया जोरदार तेजी के बावजूद चिली पेसो की चाल सुस्त बनी हुई है। जानकारों का कहना है कि कॉपर बाजार के मजबूत रुझान के मुकाबले मुद्रा को काफी नीचे कारोबार करना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। इसके बावजूद मौद्रिक मोर्चे पर केंद्रीय बैंक का संयम बनाए रखना बाजार के लिए कोई बड़ा आश्चर्य नहीं होना चाहिए, क्योंकि वृहद आर्थिक संकेतक फिलहाल इसी दिशा में इशारा कर रहे हैं।
पोलैंड और पेरू के केंद्रीय बैंकों का रुख
पोलैंड का नेशनल बैंक ऑफ पोलैंड भी बुधवार को होने वाली अपनी बैठक में ब्याज दर को 3.75 प्रतिशत पर ही यथावत रख सकता है। यह लगातार पांचवां मौका होगा जब यह दर स्थिर बनी रहेगी। केंद्रीय बैंक ने जुलाई 2025 से लेकर अब तक कुल 200 आधार अंकों की कटौती की है, लेकिन स्वैप कर्व से संकेत मिलता है कि आने वाले बारह महीनों में महंगाई बढ़ने के कारण 450 आधार अंकों तक की सख्ती यानी 75 आधार अंकों की बढ़ोतरी की गुंजाइश बन सकती है। इसके बावजूद पोलैंड के सकारात्मक वास्तविक ब्याज दर और मजबूत भुगतान संतुलन के आंकड़े स्थानीय मुद्रा को बेहतर समर्थन दे रहे हैं।
दूसरी ओर पेरू के केंद्रीय बैंक से गुरुवार को होने वाली बैठक में अपनी दरों को लगातार 12वीं बार 4.25 प्रतिशत पर बनाए रखने की उम्मीद है। हालांकि विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्रीय बैंक लक्ष्य से ऊपर चल रही महंगाई को लेकर ढिलाइयां जारी रखता है और वास्तविक ब्याज दरों को लंबे समय तक नकारात्मक बनाए रखता है, तो पेरू की मुद्रा का प्रदर्शन कमजोर पड़ सकता है।
वैश्विक मुद्रा बाजार और कमोडिटी सेक्टर की चाल
विदेशी मुद्रा बाजारों में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर हाल के हफ्तों के अपने ऊंचे स्तरों के आसपास ही संघर्ष कर रहा है। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की ओर से कड़े रुख की उम्मीदें इस करेंसी के लिए मददगार साबित हो रही हैं। इसके विपरीत अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल रिपोर्ट के मजबूत आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं को हवा दी है, जिससे अमेरिकी डॉलर को सुरक्षित निवेश के रूप में मजबूत समर्थन मिल रहा है।
जापानी येन की बात करें तो जापानी केंद्रीय बैंक के आक्रामक रूप से आश्वस्त रुख के कारण मुद्रा में मजबूती लौटती दिख रही है। हालांकि अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े ऋण संबंधी चिंताओं और फेडरल रिजर्व की नीतियों को लेकर बरकरार अनिश्चितताओं के बीच अमेरिकी डॉलर पर दबाव भी बना हुआ है। दूसरी ओर सर्राफा बाजार में सोने की कीमतें दबाव के बावजूद 4400 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे अच्छा प्रतिरोध दिखा रही हैं और शुरुआती नुकसान की भरपाई करने में जुटी हैं।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में Bittensor ने पिछले पांच सत्रों के दौरान शानदार तेजी दर्ज की है और इसमें 25 प्रतिशत तक का उछाल देखा गया है। सोलाना ब्लॉकचेन पर इसी नाम से आए एक मीम कॉइन और तकनीकी मोर्चे पर बाजार की सकारात्मक चर्चाओं के बीच TAO टोकन का तकनीकी दृष्टिकोण मजबूत बना हुआ है। इसके अलावा ऊर्जा बाजारों में डीजल का क्रैक स्प्रेड अपने रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंच चुका है, जो इस बात का संकेत है कि वैश्विक ईंधन बाजार में हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं।



















