हफ्ते के शुरुआती कारोबारी सत्र में पीली धातु ने मजबूत शुरुआत करते हुए तीन महीने के नए उच्च स्तर को छू लिया। एशियाई बाजारों में कारोबार के दौरान सोना 4,650 डॉलर प्रति औंस के आंकड़े को पार कर गया। बाजार में मंदी के बीच सुरक्षित निवेश के रूप में इस बहुमूल्य धातु की मांग लगातार बनी हुई है। अमेरिकी मुद्रा में कमजोरी और कई अन्य आर्थिक कारकों के कारण खरीदार आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं।
टैरिफ विवाद और डॉलर पर दबाव
अमेरिकी ट्रेजरी की बॉन्ड बायबैक योजना और कनाडा के साथ छिड़े नए व्यापारिक तनावों के चलते डॉलर की स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। अमेरिकी प्रशासन द्वारा कुछ कनाडाई उत्पादों पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा के जवाब में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सोमवार को यह स्पष्ट किया कि देश 8 सितंबर से अपने जवाबी शुल्क लागू करेगा। इस व्यापारिक गतिरोध का सीधा असर अमेरिकी मुद्रा पर पड़ रहा है और वह बिकवाली के दबाव का सामना कर रही है।
ईरान तनाव और सुरक्षित निवेश की मांग
मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने एक बार फिर पारंपरिक सेफ-हेवन परिसंपत्तियों की चमक बढ़ा दी है। अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान को अब तक के सबसे कड़े वित्तीय प्रतिबंधों की चेतावनी दी है, जिसके तहत ईरान के व्यापारिक साझेदारों को निशाना बनाया जाएगा। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इन धौंस को सिरे से खारिज करते हुए रविवार को कहा कि यह अमेरिकी प्रशासन की हताशा को दर्शाता है और तेहरान के खिलाफ ये नए उपाय विफल साबित होंगे।
जैक्सन होल संगोष्ठी और महंगाई के आंकड़े
आने वाले दिनों में अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े कुछ बेहद अहम आंकड़े और कार्यक्रम बाजार की दिशा तय करेंगे। डोएचे बैंक के विश्लेषकों ने 27 से 29 अगस्त तक होने वाले जैक्सन होल आर्थिक नीति सम्मेलन को सबसे बड़ा ट्रिगर बताया है, जिसका इस साल का मुख्य विषय वित्तीय नवाचार भुगतान और नीति पर प्रभाव है। निवेशकों की निगाहें शुक्रवार को फेड चेयरमैन के भाषण पर टिकी रहेंगी। इसके अलावा, बुधवार को जुलाई के पीईसी रिपोर्ट के साथ व्यक्तिगत आय, खर्च और टिकाऊ वस्तुओं के ऑर्डर के आंकड़े जारी किए जाएंगे।
तकनीकी रुझान और मूविंग एवरेज
दैनिक चार्ट पर नजर डालें तो एक्सएयू/यूएसडी वर्तमान में 4,641.11 डॉलर पर कारोबार कर रहा है। तकनीकी मोर्चे पर सोना लगातार तेजी के मजबूत संकेत दे रहा है और यह 21-दिवसीय, 50-दिवसीय, 100-दिवसीय तथा 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज से ऊपर टिका हुआ है। सापेक्ष शक्ति सूचकांक यानी आरएसआई 1471.8 के आसपास ओवरबॉट क्षेत्र में पहुंच गया है, जो यह दर्शाता है कि हालिया तेज उछाल के बाद बाजार में थोड़ी सुस्ती या मामूली करेक्शन देखने को मिल सकता है। नीचे की ओर शुरुआती सपोर्ट 200-दिवसीय एसएमए के पास 4,516.89 डॉलर पर है।
ऐतिहासिक महत्व और केंद्रीय बैंकों की भूमिका
मानव इतिहास में सोने को हमेशा से मूल्य संचय और विनिमय के एक भरोसेमंद माध्यम के रूप में देखा गया है। आभूषणों के अलावा यह वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सबसे सुरक्षित संपत्ति माना जाता है। मुद्रास्फीति और करेंसी के अवमूल्यन के खिलाफ यह सबसे बड़ा बचाव कवच है क्योंकि यह किसी एक सरकार या व्यवस्था पर निर्भर नहीं है। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाने के लिए बड़े पैमाने पर सोने की खरीदारी कर रहे हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय बैंकों ने 2022 में रिकॉर्ड 1,136 टन सोना खरीदा था जिसका कुल मूल्य लगभग 70 अरब डॉलर था। चीन, भारत और तुर्की जैसे उभरते हुए देशों के केंद्रीय बैंक इसमें सबसे आगे हैं।



















