टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के शेयरों में 24 अगस्त के कारोबारी सत्र के दौरान बिकवाली का दबाव बना रहा, जिससे पिछले कुछ हफ्तों से जारी गिरावट का सिलसिला आगे बढ़ा है। हालांकि, बाजार में अल्पकालिक नरमी के बावजूद यह एफएमसीजी कंपनी अपनी व्यावसायिक रणनीति में एक बड़ा ढांचागत बदलाव कर रही है। कंपनी अपने पारंपरिक कारोबार से आगे बढ़ते हुए नए उत्पादों के विकास, खाद्य एवं पेय (F&B) पोर्टफोलियो के विविधीकरण और टाटा स्टारबक्स के राष्ट्रीय नेटवर्क को तेजी से फैलाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
सोमवार 24 अगस्त को शेयर बाजार की शुरुआत में टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के शेयर में मिश्रित हलचल देखी गई। कारोबार के दौरान शेयर 0.47% तक गिर गया, जबकि कुछ मौकों पर यह 0.05% की मामूली बढ़त के साथ बीएसई (BSE) पर 1,050 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। इस कीमत पर कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण 1,03,383.02 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। लंबे समय के प्रदर्शन को देखें तो पिछले तीन महीनों में इस शेयर में लगभग 12.25% की गिरावट आई है, जबकि साल 2026 में अब तक इसमें करीब 11% की कमी दर्ज हुई है। कंपनी का शेयर 12 मई 2026 को अपने 52 हफ्तों के उच्च स्तर 1,282.65 रुपये पर पहुंचा था, जबकि 2 अप्रैल 2026 को यह 1,007.20 रुपये के 52 हफ्तों के निचले स्तर पर आ गया था। वर्तमान में कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 10.13% है।
व्यवसाय का कायाकल्प और नए उत्पादों पर जोर
टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स का मुख्य आधार इसका दीर्घकालिक व्यावसायिक बदलाव है। कंपनी मुख्य रूप से चाय और नमक बेचने वाली पहचान से बाहर निकलकर एक व्यापक और नवाचार आधारित एफएमसीजी प्लेटफ़ॉर्म बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य कंपनी के परिचालन दायरे को बढ़ाना और उपभोक्ता बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत करना है।
उत्पाद विकास की रफ्तार में आई तेजी इस रणनीति की मुख्य धुरी है। मोतीलाल ओसवाल के वित्तीय विश्लेषण के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में जहां केवल 41 नए उत्पाद लॉन्च किए गए थे, वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 तक इनकी संख्या बढ़ाकर 80 करने की योजना है। इसके साथ ही, कंपनी अपने मुख्य पेय कारोबार को प्रीमियम श्रेणी में ले जाने के साथ-साथ तेजी से बढ़ते नए उपभोक्ता वर्गों में कदम बढ़ा रही है। वित्तीय वर्ष 2021-22 से हर साल लॉन्च होने वाले कुल उत्पादों में 60% से अधिक हिस्सेदारी उच्च वृद्धि वाले उत्पादों की रही है।
टाटा स्टारबक्स का देशव्यापी विस्तार
पैकेस्ड गुड्स कारोबार के अलावा, टाटा स्टारबक्स के माध्यम से संचालित होने वाला रिटेल कॉफी आउटलेट नेटवर्क कंपनी के विकास में अहम भूमिका निभा रहा है। वित्तीय वर्ष 2019-20 से वित्तीय वर्ष 2025-26 के छह सालों के दौरान टाटा स्टारबक्स का नेटवर्क काफी तेजी से बढ़ा है। जहां वित्तीय वर्ष 2020 में 11 शहरों में केवल 185 स्टोर थे, वहीं वित्तीय वर्ष 2026 तक यह संख्या बढ़कर 80 शहरों में 502 स्टोर तक पहुंच गई है।
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि स्टोर्स की संख्या में 2.7 गुना की वृद्धि हुई है, जबकि शहरों की संख्या के मामले में सात गुना से अधिक का विस्तार हुआ है। इस विस्तार से टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स को देश के प्रथम और द्वितीय श्रेणी के शहरों में प्रीमियम खाद्य और पेय पदार्थों की बढ़ती मांग का लाभ उठाने में मदद मिल रही है।
ब्रोकरेज की राय और वित्तीय विकास का अनुमान
शेयर में हालिया गिरावट के बावजूद मोतीलाल ओसवाल ने टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के शेयर पर अपनी 'बाय' (Buy) रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज फर्म ने सम-ऑफ-द-पार्ट्स (SoTP) मूल्यांकन पद्धति के आधार पर शेयर के लिए 1,500 रुपये प्रति शेयर का लक्ष्य मूल्य (Target Price) तय किया है। यह लक्ष्य वर्तमान 1,050 रुपये की कीमत की तुलना में बड़ी बढ़त की संभावना को दिखाता है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2027-28 की अवधि के लिए कंपनी के प्रदर्शन में तेज बढ़ोतरी का अनुमान व्यक्त किया गया है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26-28 के दौरान कंपनी के राजस्व (Revenue) में 10% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR), EBITDA में 16% की CAGR और शुद्ध लाभ (PAT) में 21% की CAGR दर्ज की जा सकती है। यह वित्तीय आंकड़े दर्शाते हैं कि व्यवसाय में हो रहा यह बदलाव आने वाले समय में कंपनी के मुनाफे को नई मजबूती दे सकता है।



















