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सोने में गिरावट के बाद सुस्ती, डॉलर में नरमी और पश्चिम एशिया कूटनीति के बीच 3,900 डॉलर के करीब कारोबारबाज़ार
2 नव॰ 2026, 4:36 pm (1 घंटे पहले)· 0

सोने में गिरावट के बाद सुस्ती, डॉलर में नरमी और पश्चिम एशिया कूटनीति के बीच 3,900 डॉलर के करीब कारोबार

पिछले सप्ताह एक साल के निचले स्तर तक लुढ़कने के बाद सोने की कीमतों में मामूली बढ़त देखी जा रही है। तेल की बढ़ी कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़े दबाव के बीच पीली धातु 3,900 डॉलर के स्तर के ठीक नीचे संघर्ष कर रही है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की चाल सुस्त बनी हुई है और शुरुआती यूरोपीय सत्र के दौरान कीमती धातु 3,900 डॉलर प्रति औंस के आंकड़े से नीचे हल्के सकारात्मक दायरे में कारोबार कर रही है। बीते कारोबारी सप्ताह के अंत में सर्राफा कीमतों में तेज बिकवाली देखी गई थी, जिसके चलते भाव गिरकर पिछले एक साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए थे। हालांकि डॉलर इंडेक्स में बिकवाली आने और कूटनीतिक हलचल बढ़ने से सोने को हल्का सहारा मिला है, पर ऊर्जा कीमतों में उछाल और नीतिगत दरों की चिंताओं ने तेजी की रफ्तार सीमित रखी है।

एक साल के न्यूनतम स्तर से संभलने की कोशिश

बीते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन सर्राफा बाजार में जोरदार गिरावट दर्ज की गई थी। उस दौरान कीमतों में 3.65 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज हुई और स्तर 3,874.62 डॉलर प्रति औंस तक फिसल गया था। यह अक्टूबर 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर साबित हुआ। इस तेज फिसलन के पीछे कच्चे तेल में आया उछाल प्रमुख कारण रहा, जिसने वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का डर पैदा कर दिया। महंगाई गहराने की आशंकाओं ने इस संभावना को मजबूत किया कि केंद्रीय बैंक लंबे समय तक ब्याज दरों को उच्च स्तर पर बनाए रख सकते हैं। इसके अतिरिक्त टेक कंपनियों के शेयरों में चौतरफा बिकवाली से निवेशकों को भारी नुकसान हुआ, जिसकी भरपाई करने के लिए प्रतिभागियों ने सोने की सुरक्षित पोजीशन्स को बेचकर नकदी जुटाई।

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बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, महंगी ऊर्जा, सख्त मौद्रिक रुख की आशंकाएं और इक्विटी बाजारों में बिकवाली के कारण सोने पर लगातार दबाव बना हुआ है। किसी भी प्रकार का ब्याज न देने वाली इस धातु के लिए ऊंची दरों का माहौल हमेशा प्रतिकूल साबित होता है।

अमेरिका-ईरान कूटनीति और मुद्रा बाजार का रुख

सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी डॉलर में नरमी देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष को खत्म करने की दिशा में कूटनीतिक सफलता की नई उम्मीदें जगी हैं। इस आशावाद के कारण सुरक्षित निवेश के तौर पर डॉलर की मांग घटी है, जिसने सोने के निचले स्तरों पर खरीदारी को समर्थन दिया है। हालांकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाएं अभी भी खत्म नहीं हुई हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा पूरी तरह नहीं लौट सका है।

मुद्रा बाजार में भी इस भू-राजनीतिक बदलाव का असर साफ दिखाई दिया। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) ने एशियाई सत्र की अपनी गिरावट से वापसी की। ईरान वार्ता में प्रगति की खबरों से जोखिम उठाने की क्षमता बढ़ी, जिससे अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना और ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को रफ्तार मिली। हालांकि खरीदार रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के आगामी नीतिगत फैसले का इंतजार कर रहे हैं, जिससे यह पिछले गुरुवार को बने एक महीने के उच्चतम स्तर से नीचे ही बनी रही।

येन की चाल और डोज़कॉइन में मंदी

दूसरी तरफ USD/JPY विनिमय दर में मजबूती का रुख जारी रहा। बैंक ऑफ जापान की बैठक के बाद यह जोड़ी शुक्रवार को 157.00 से नीचे के निचले स्तर पर गई थी, लेकिन नए सप्ताह की शुरुआत में इसने 158.00 के करीब पहुंचने का दम दिखाया। जापान के वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा ने मुद्रा हस्तक्षेप की ताजा चेतावनी जारी की, लेकिन बाजार पर उनकी इस चेतावनी का कोई खास असर नजर नहीं आया।

क्रिप्टोकरेंसी बाजार में डोज़कॉइन (DOGE) 0.075 डॉलर के आसपास संघर्ष करता दिखा। सितंबर के अंतिम दौर से लगातार पांच हफ्तों तक लाल निशान में फिसलने के बाद भी इस कॉइन पर मंदी के बादल छाए हुए हैं। ऑन-चेन डेटा प्रदाता सेंटीमेंट के आंकड़ों से पता चलता है कि बड़े टोकन धारकों की रणनीति में विरोधाभास है। बड़े व्हेल निवेशक लगातार अपनी हिस्सेदारी घटा रहे हैं, जबकि छोटे व्हेल वॉलेट टोकन जमा करने में जुटे हैं। कमजोर ऑन-चेन मेट्रिक्स और तकनीकी संकेतकों में गिरावट यह दर्शाती है कि डोज़कॉइन में आगे भी कमजोरी बनी रह सकती है। आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया के घटनाक्रम और केंद्रीय बैंकों के फैसले पूरी वित्तीय व्यवस्था की दिशा तय करेंगे।

सवाल-जवाब

सोने की कीमत हाल ही में किस निचले स्तर तक फिसल गई थी?
सोने की कीमत बीते कारोबारी हफ्ते के अंत में 3.65 प्रतिशत गिरकर 3,874.62 डॉलर प्रति औंस पर आ गई थी, जो अक्टूबर 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर है।
सोने की कीमतों पर किन मुख्य कारकों का दबाव देखा जा रहा है?
ऊंची ऊर्जा कीमतें, फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें ऊंची रखने की आशंकाएं और बाजारों में लिक्विडेशन का जोखिम सोने के लिए मुख्य बाधाएं बनी हुई हैं।
डोज़कॉइन का मौजूदा स्तर क्या है और इसमें गिरावट का क्या रुझान रहा है?
डोज़कॉइन सोमवार को 0.075 डॉलर के आसपास रहा, जो सितंबर के अंत से लगातार पांचवें हफ्ते गिरावट दर्ज कर चुका है।
जापानी मुद्रा के संबंध में वित्त मंत्रालय की क्या प्रतिक्रिया रही?
जापान के वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा ने मुद्रा हस्तक्षेप की ताजा चेतावनी दी, इसके बावजूद USD/JPY जोड़ी बढ़कर 158.00 के करीब पहुंच गई।
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