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मुनाफावसूली से जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर में गिरावट, 52 हफ्तों के रिकॉर्ड स्तर के पास जाकर फिसला भावबाज़ार
2 नव॰ 2026, 4:08 pm (3 मिनट पहले)· 0

मुनाफावसूली से जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर में गिरावट, 52 हफ्तों के रिकॉर्ड स्तर के पास जाकर फिसला भाव

शुरुआती कारोबार में 3 प्रतिशत से अधिक की उछाल के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर में मुनाफावसूली दर्ज की गई। 1,476.15 रुपये के उच्च स्तर को छूने के बाद स्टॉक टूटकर 1,402.65 रुपये पर बंद हुआ।

शेयर बाजार में 2 नवंबर 2026 के कारोबारी सत्र के दौरान जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों में जोरदार हलचल देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में 3 प्रतिशत से अधिक की जोरदार बढ़त दर्ज करने के बाद स्टॉक लाल निशान में आ गया। दिन के शुरुआती घंटों में जब शेयर 1,470 रुपये के स्तर को पार कर अपने 52 हफ्तों के रिकॉर्ड स्तर के बेहद करीब पहुंचा, तब निवेशकों ने तेजी से अपने मुनाफे को भुनाना शुरू कर दिया। हालांकि, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही यानी Q2FY27 में कंपनी के मजबूत वित्तीय नतीजों को देखते हुए बाजार के विशेषज्ञ अब भी इसकी लंबी अवधि की कमाई क्षमता को लेकर खासे उत्साहित बने हुए हैं।

कारोबार के दौरान कैसा रहा उतार-चढ़ाव

सत्र के शुरुआती दौर में जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों ने तेज छलांग लगाई और यह 3.1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त बनाते हुए 1,476.15 रुपये प्रति शेयर के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। यह भाव कंपनी के लिस्टिंग दिवस वाले 52 हफ्तों के उच्च स्तर 1,490 रुपये के काफी करीब था। लेकिन ऊपरी स्तरों पर भारी मुनाफावसूली हावी होने से स्टॉक नीचे फिसल गया। बीएसई पर यह शेयर 2 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1402.65 रुपये के स्तर पर देखा गया, जो दिन के निचले स्तर 1,400 रुपये के बेहद करीब था। शेयरों में आई इस गिरावट के चलते कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण भी 13 लाख करोड़ रुपये के जादुई आंकड़े से फिसलकर 12,95,526.46 करोड़ रुपये पर आ गया।

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आईपीओ भाव से अब भी 17 प्रतिशत ऊपर

बाजार के विश्लेषकों का मानना है कि दिन के कारोबार में आई यह तेज गिरावट इस बात का संकेत बिल्कुल नहीं है कि शेयर अपनी बुनियादी मजबूती खो चुका है। शेयर का मौजूदा भाव अब भी इसके आईपीओ इश्यू प्राइस 1,199 रुपये की तुलना में करीब 17 प्रतिशत ऊपर बना हुआ है। हालिया बिकवाली की मुख्य वजह यह रही कि निवेशकों ने नए रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंचने पर अपने लाभ को सुरक्षित करना बेहतर समझा। ऐसे में यह गिरावट केवल एक तकनीकी मुनाफावसूली प्रतीत होती है, न कि किसी मौलिक कमजोरी का परिणाम।

दूसरी तिमाही के नतीजों में दर्ज हुई मजबूत वृद्धि

वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने Q2FY27 में शानदार आंकड़े पेश किए हैं। आलोच्य तिमाही में जियो प्लेटफॉर्म्स का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 13.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ 7,764 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं, परिचालन से होने वाला राजस्व सालाना आधार पर 11.4 प्रतिशत बढ़कर 40,475 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। कंपनी ने अपने दोनों प्रमुख कार्यक्षेत्रों में दोहरे अंकों की राजस्व वृद्धि हासिल की, जिसमें कनेक्टिविटी कारोबार में 11 प्रतिशत और डिजिटल सर्विसेज खंड में 16 प्रतिशत की सालाना वृद्धि शामिल है। इसके साथ ही राजस्व विस्तार और परिचालन दक्षता के बल पर एबिटा में सालाना आधार पर करीब 17 प्रतिशत का उछाल आया, जिससे मार्जिन में 250 आधार अंकों का सुधार दर्ज हुआ।

कर्ज अदायगी और डिजिटल निर्यात पर रणनीति

बाजार के विश्लेषकों ने इस बात को रेखांकित किया है कि पारंपरिक टेलीकॉम कंपनियों से अलग हटकर जेपीएल डिजिटल सेवाओं के सह-निर्माण और अपनी तकनीक के निर्यात पर विशेष ध्यान दे रही है, जिससे अधिक लाभप्रदता हासिल की जा सके। वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही यानी 3QFY27 में संपन्न हुए आईपीओ के बाद, कंपनी ने कुल 300 अरब रुपये के शुद्ध आईपीओ फंड में से 275 अरब रुपये का इस्तेमाल बाह्य वाणिज्यिक उधारी यानी ईसीबी के पुनर्भुगतान के लिए किया है। कर्ज का बड़ा हिस्सा चुका दिए जाने से कंपनी के वित्त पोषण लागत में उल्लेखनीय कमी आई है।

नकदी प्रवाह और भविष्य के वृद्धि अनुमान

टेलीकॉम कारोबार को विश्लेषक एक मजबूत नकदी उत्पादक इंजन मान रहे हैं। वित्तीय अनुमानों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 और 2027-28 में कंपनी का एबिटा मार्जिन क्रमशः 51 प्रतिशत और 52 प्रतिशत रहने की संभावना है। साथ ही उच्च परिचालन दक्षता और पूंजीगत व्यय में कमी आने से मुक्त नकदी प्रवाह के निर्माण को बल मिल रहा है। हालांकि, पहले दिसंबर 2025 में अपेक्षित टैरिफ वृद्धि को आम सहमति द्वारा आगे खिसका दिया गया है। कंपनी प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि वह केवल टैरिफ बढ़ोतरी को ही वृद्धि का एकमात्र जरिया नहीं मानता, बल्कि डिजिटल सेवाओं की बढ़ती पहुंच से राजस्व में तेजी लाई जाएगी। इस दृष्टिकोण के आधार पर विश्लेषकों ने वित्त वर्ष 2025-26 से 2028-29 के दौरान 15.5 प्रतिशत राजस्व सीएजीआर और 17.8 प्रतिशत एबिटा सीएजीआर का अनुमान लगाया है।

सवाल-जवाब

2 नवंबर 2026 को जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर में गिरावट क्यों आई?
शेयर के 1,476.15 रुपये तक पहुंचकर अपने 52 हफ्तों के रिकॉर्ड 1,490 रुपये के करीब आने के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे शेयर गिरकर 1,402.65 रुपये पर बंद हुआ।
जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर अपने आईपीओ भाव से कितना ऊपर कारोबार कर रहा है?
ताजा गिरावट के बावजूद यह शेयर अपने 1,199 रुपये के आईपीओ निर्गम मूल्य की तुलना में करीब 17 प्रतिशत ऊपर बना हुआ है।
दूसरी तिमाही (Q2FY27) में कंपनी का शुद्ध लाभ और राजस्व कितना रहा?
कंपनी का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 13.7 प्रतिशत बढ़कर 7,764 करोड़ रुपये और परिचालन राजस्व 11.4 प्रतिशत बढ़कर 40,475 करोड़ रुपये रहा।
कंपनी ने अपने आईपीओ से जुटाई गई रकम का उपयोग कैसे किया?
जियो प्लेटफॉर्म्स ने कुल 300 अरब रुपये की शुद्ध आईपीओ आय में से 275 अरब रुपये का इस्तेमाल विदेशी वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) के पुनर्भुगतान के लिए किया।
कंपनी के विभिन्न खंडों में राजस्व वृद्धि की दर क्या रही?
तिमाही के दौरान कनेक्टिविटी कारोबार में 11 प्रतिशत और डिजिटल सेवाओं के खंड में 16 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई।
भविष्य के लिए कंपनी के वित्तीय अनुमान क्या हैं?
विश्लेषकों ने वित्त वर्ष 2026-29 के दौरान 15.5 प्रतिशत राजस्व सीएजीआर और 17.8 प्रतिशत एबिटा सीएजीआर का अनुमान लगाया है।
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