सोने की कीमतों में यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान शुरुआती नुकसान देखने को मिला है और यह 4,630 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है। दिन के शुरुआती घंटों में 4,700 डॉलर के स्तर को पार करने में नाकामी के बाद बहुमूल्य धातु में करेक्शन देखा जा रहा है। हालांकि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में भारी गिरावट आई है, फिर भी पीली धातु को शुरुआती खरीदार आकर्षित करने में संघर्ष करना पड़ रहा है।
तेल की कीमतों में गिरावट का असर
डब्ल्यूटीआई ऑयल की कीमतों में 3 प्रतिशत की तेज गिरावट दर्ज की गई है और यह 82.00 डॉलर के करीब आ गई है। तेल के दामों में इस नरमी से उच्च मुद्रास्फीति की उम्मीदों को लेकर चिंताएं कम हुई हैं, जिससे वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के जोखिम भी नरम पड़े हैं और इसका सीधा असर अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड पर पड़ा है।
प्रमुख आर्थिक डेटा और बैठकों का इंतजार
आने वाले दिनों में निवेशकों की निगाहें जुलाई के लिए आने वाले अमेरिकी पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर्स यानी PCE इन्फ्लेशन डेटा और जैक्सन होल सिंपोजियम के नतीजों पर टिकी रहेंगी। इसके अलावा बाजार में ईरान और फेड के दृष्टिकोण को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जबकि ओमान के विदेश मंत्री की तेहरान यात्रा और पाकिस्तान द्वारा एमओयू के तहत उठाए गए कदमों पर भी चर्चा जारी है।
तकनीकी विश्लेषण और मूविंग एवरेज
दैनिक चार्ट के अनुसार, XAU/USD 4,637.77 डॉलर पर कारोबार कर रहा है और यह 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी EMA जो लगभग 4,387.61 डॉलर है, से ऊपर बना हुआ है, जिससे इसका निकट अवधि का रुख अभी भी तेजी का बना हुआ है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI लगभग 70.8 के आसपास है, जो यह दर्शाता है कि धातु ओवरबॉट जोन में है। इसके अलावा 14-दिवसीय RSI 76 पर ओवरबॉट स्थिति को दिखाता है, जबकि MACD सिग्नल लाइन से ऊपर बना हुआ है जो तेजी का संकेत देता है। बाजार में 20-दिन का समर्थन लगभग 4,018 डॉलर और प्रतिरोध लगभग 4,755 डॉलर के आसपास आंका गया है।
ऐतिहासिक महत्व और केंद्रीय बैंकों की भूमिका
मानव इतिहास में सोने ने हमेशा से मूल्य के संचय और विनिमय के माध्यम के रूप में एक अहम भूमिका निभाई है। वर्तमान समय में आभूषणों के अलावा इसे एक सुरक्षित निवेश विकल्प यानी सेफ-हेवन एसेट माना जाता है, खासकर अशांत समय में। मुद्रास्फीति के खिलाफ बचाव के लिए भी सोने को प्राथमिकता दी जाती है क्योंकि यह किसी सरकार या विशेष जारीकर्ता पर निर्भर नहीं होता है। विश्व स्वर्ण परिषद के आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय बैंकों ने साल 2022 में अपने भंडार में लगभग 70 अरब डॉलर मूल्य के 1,136 टन सोने की रिकॉर्ड खरीदारी की थी। चीन, भारत और तुर्की जैसे उभरते बाजारों के केंद्रीय बैंक तेजी से अपने स्वर्ण भंडार को बढ़ा रहे हैं।
विदेशी मुद्रा और अन्य बाजारों से संबंध
सोने का अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी के साथ विपरीत संबंध होता है। डॉलर में कमजोरी आने पर सोना आम तौर पर मजबूत होता है। इसके विपरीत जोखिम भरे बाजारों में तेजी आने पर सोने की कीमतों पर दबाव बन सकता है। भू-राजनीतिक अस्थिरता या मंदी की आशंकाएं सोने की कीमतों को तेजी से ऊपर धकेल सकती हैं। इसके अलावा बिना यील्ड वाली संपत्ति होने के कारण कम ब्याज दरें सोने को समर्थन देती हैं।
अन्य मुद्राओं और परिसंपत्तियों का हाल
विदेशी मुद्रा बाजार में GBP/USD जोड़ी यूरोपीय सत्र के दौरान बढ़त बनाते हुए 1.3650 के करीब कारोबार कर रही है। अमेरिकी डॉलर की रिकवरी में सुस्ती आई है, हालांकि ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध जारी हैं। इसके अलावा EUR/USD जोड़ी भी यूरोपीय सत्र में 1.1700 की ओर रिकवर हो रही है, जिसे जर्मनी के सकारात्मक IFO सर्वे से भी बल मिला है। दूसरी ओर बिटकॉइन ने जोरदार तेजी दिखाते हुए 80,000 डॉलर के स्तर को पार कर लिया है, जिसे संस्थागत मांग और स्पॉट एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में सकारात्मक इनफ्लो का समर्थन मिल रहा है।



















