हंगरी का 2027 का आगामी बजट और नई मध्यम अवधि की वित्तीय रूपरेखा वर्ष 2026 के शेष महीनों के लिए सबसे अहम घरेलू जोखिम भरी घटनाएं बनने जा रही हैं। यह दोनों दस्तावेज इसी महीने सामने आने वाले हैं। मई में सत्ता संभालने वाली टिस्ज़ा पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के लिए यह पहला पूर्ण वित्तीय वक्तव्य होगा। इसके साथ ही यह पहला ठोस इम्तिहान भी साबित होगा कि क्या यूरोपीय संघ की साझी मुद्रा यूरो को अपनाने की सरकार की महत्वाकांक्षाओं के पीछे भरोसेमंद और ठोस आंकड़े मौजूद हैं या नहीं।
राजकोषीय घाटे में कटौती का अनुमान और समयसीमा
स्टैंडर्ड चार्टर्ड के ताजा आकलन के अनुसार, हंगरी की इस वित्तीय योजना में राजकोषीय घाटे को तेजी से कम करने का खाका पेश किए जाने की संभावना है। अनुमान जताया गया है कि वर्ष 2026 में सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी के करीब 7.5 प्रतिशत के स्तर पर रहने वाला राजकोषीय घाटा 2027 में घटकर 5 प्रतिशत के करीब लाया जा सकता है। यह आंकड़ा बैंक के अपने संशोधित 5.3 प्रतिशत के पूर्वानुमान के काफी करीब बैठता है। इसके अलावा, योजना के तहत वर्ष 2029 या 2030 तक इस घाटे को 3 प्रतिशत की अनिवार्य सीमा से नीचे लाने का लक्ष्य तय किया जा सकता है, जो यूरो अपनाने के तय मानकों को पूरा करने के लिए जरूरी माना जाता है।
खर्चों में कटौती, वेल्थ टैक्स और चुनावी वादों में संतुलन
घाटे को काबू में लाने के लिए सरकार जो वित्तीय तालमेल और समेकन पैकेज लाने जा रही है, उसमें सरकारी खरीद पर होने वाले व्यय और अनावश्यक फिजूलखर्ची पर शुरुआती चरण में ही रोक लगाने की रणनीति शामिल रहने के आसार हैं। इसके अतिरिक्त राजस्व जुटाने के लिए एक नया वेल्थ टैक्स यानी संपत्ति कर लागू करने की तैयारी भी दिख रही है। सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि इन बचत और नए करों के साथ-साथ टिस्ज़ा पार्टी द्वारा स्वास्थ्य सेवा और पेंशन पर किए गए पहले के चुनावी वादों को पूरा करने के लिए भी पर्याप्त वित्तीय गुंजाइश बनाए रखनी होगी। इस दोहरे मोर्चे पर सरकार किस तरह सामंजस्य बैठाती है, उसी पर पूरे सुधार कार्यक्रम की सफलता निर्भर करेगी।
वैश्विक बाजारों की हलचल: मुद्रा बाजार और ट्रेजरी यील्ड का रुख
हंगरी के वित्तीय घटनाक्रम के बीच अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में भी कई व्यापक रुझान देखने को मिल रहे हैं। एशियाई सत्र में बुधवार को AUD/USD 0.7000 के करीब मजबूत बना रहा, जिसे चीन के मिले-जुले महंगाई आंकड़ों और बेहतर व्यापार आंकड़ों से सहारा मिला। चीन में सितंबर माह के दौरान सीपीआई अनुमान से कम बढ़ा, जबकि पीपीआई मुद्रास्फीति में तेजी दर्ज की गई। इसी महीने चीन का व्यापार अधिशेष भी अप्रत्याशित रूप से बढ़ा। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद अमेरिकी डॉलर के सीमित दायरे में रहने से इस मुद्रा जोड़ी को बल मिला, जबकि निवेशकों का ध्यान अमेरिकी सीपीआई आंकड़ों पर टिका रहा। दूसरी ओर, एशियाई सत्र में USD/JPY 158.50 के पास एक दायरे में अटका रहा, जहां सरकारी हस्तक्षेप के जोखिम ने जापानी येन को समर्थन दिया और डॉलर की बढ़त को सीमित रखा। हालांकि, भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं सुरक्षित निवेश माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर के लिए मददगार साबित हो रही हैं।
सोने पर दबाव, क्रिप्टो में गति और अमेरिकी बॉन्ड बाजार
अमेरिकी सत्र में बुधवार को सोने की कीमतों में गिरावट का रुख और बढ़ गया, जिसका मुख्य कारण अपेक्षा से अधिक गर्म रहे अमेरिकी सीपीआई आंकड़े रहे। सितंबर में मुद्रास्फीति सालाना आधार पर 3.7 प्रतिशत बढ़कर आई, जिसने अमेरिकी डॉलर की मांग को रफ्तार दी और पीली धातु पर दबाव कायम कर दिया। क्रिप्टो बाजार की बात करें तो XRP 1.36 डॉलर के ऊपर कारोबार करता दिखा, जहां खरीदार 1.40 डॉलर के अहम आपूर्ति क्षेत्र की ओर बढ़ने के लिए गति जुटा रहे हैं। इसी दौरान दक्षिण कोरिया के पूंजी बाजारों के लिए संस्थागत कस्टडी और टोकनाइजेशन सेवाओं की संभावनाएं तलाशने के मकसद से रिपल और मेरिट्ज सिक्योरिटीज ने आपस में साझेदारी की है। उधर सरकारी ऋण बाजार में, लंबी अवधि की ट्रेजरी यील्ड अक्टूबर की शुरुआत में 2002 के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। नीलामी के दौरान निवेशक सरकार के नए कर्ज में रिकॉर्ड हिस्सेदारी ले रहे हैं। इस बिकवाली की मुख्य वजह अन्य सौदों के जोखिम को सुरक्षित करना है, न कि खरीदारों का बाजार से पीछे हटना।

















