शारीरिक तंदुरुस्ती और मानसिक सुकून की बढ़ती तलाश के बीच योग अब दुनिया भर में एक बहु-अरब डॉलर के संगठित उद्योग के रूप में स्थापित हो चुका है। पार्क और मैदानों में सुबह की सैर तक सीमित रहने वाला यह पारंपरिक भारतीय विज्ञान आज बहुराष्ट्रीय कंपनियों के दफ्तरों से लेकर अंतरराष्ट्रीय रिसॉर्ट्स तक एक प्रमुख पेशेवर जरूरत बन गया है। भारत सरकार इसी बढ़ते वैश्विक अवसर को ध्यान में रखकर युवाओं को पेशेवर स्तर पर प्रशिक्षित करने के लिए एक विशेष अभियान चला रही है। इस योजना का संचालन आधिकारिक स्किल इंडिया डिजिटल पोर्टल के जरिए किया जा रहा है, जहां इच्छुक उम्मीदवारों को बिना किसी फीस के आधुनिक योग तकनीकें सिखाई जा रही हैं।
प्रशिक्षण का स्तर और सरकारी प्रमाणन
इस सरकारी पहल के तहत राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क यानी एनएसक्यूएफ के लेवल 4 से लेवल 6 तक के विशेष पाठ्यक्रम तैयार किए गए हैं। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को योग इंस्ट्रक्टर, योग ट्रेनर और सीनियर योग ट्रेनर जैसी पेशेवर भूमिकाओं के लिए पूरी तरह तैयार करना है। यह प्रशिक्षण मात्र 3 से 6 महीने की अल्पावधि में पूरा कराया जाता है, जिसमें सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अभ्यास पर भी गहरा ध्यान दिया जाता है।
प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के सफल समापन पर अभ्यर्थियों को राष्ट्रीय कौशल विकास निगम यानी एनएसडीसी, ब्यूटी एंड वेलनेस सेक्टर स्किल काउंसिल और आयुष मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से मान्यता प्राप्त आधिकारिक प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है। यह औपचारिक दस्तावेज धारक को देश के भीतर अथवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमाणित पेशेवर के तौर पर अभ्यास और कार्य करने की मजबूत वैधानिक मान्यता देता है।
कॉरपोरेट वेलनेस और लक्जरी हॉस्पिटैलिटी में भर्ती
प्रमाणित प्रशिक्षक बनते ही युवाओं के सामने रोजगार के कई उच्च वेतन वाले विकल्प खुल जाते हैं। प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियां और बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान अपने कर्मचारियों के मानसिक तनाव को कम करने और उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से नियमित रूप से कर्मचारी कल्याण कार्यक्रम आयोजित करते हैं। इन कंपनियों में योग्य योग प्रशिक्षकों को आकर्षक वेतन पैकेजों पर नियुक्त किया जा रहा है।
इसके अलावा उच्चस्तरीय फिटनेस सेंटर, लक्जरी स्पा, अंतरराष्ट्रीय क्रूज जहाज और पर्यटन रिसॉर्ट्स भी अपनी विशिष्ट सेवाओं में योग सत्रों को शामिल कर रहे हैं। इन स्थानों पर प्रमाणित ट्रेनर्स की नियमित तौर पर बड़ी संख्या में आवश्यकता बनी रहती है, जिससे युवाओं को आतिथ्य और पर्यटन क्षेत्र में भी स्थायी रोजगार मिलता है।
घरेलू और अंतरराष्ट्रीय वेतनमान का दायरा
वेतन की दृष्टि से इस क्षेत्र में प्रगति की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। भारत के भीतर काम शुरू करने वाले एक नए योग शिक्षक को आम तौर पर 25,000 रुपये से लेकर 50,000 रुपये प्रति माह का शुरुआती मानदेय मिलता है। जैसे-जैसे कार्यक्षेत्र में अनुभव और व्यक्तिगत पहचान बढ़ती है, यह मासिक आय 1.5 लाख रुपये तक पहुंच जाती है।
वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय प्रशिक्षकों की प्रतिष्ठा बेहद मजबूत है। संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और दुबई जैसे पश्चिम एशियाई बाजारों में भारतीय योग विशेषज्ञों की मांग निरंतर बनी हुई है। विदेशी संस्थानों में काम करने वाले प्रशिक्षकों को 2,000 डॉलर से लेकर 5,000 डॉलर तक का मासिक पारिश्रमिक दिया जाता है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 1.6 लाख रुपये से 4 लाख रुपये प्रति माह से अधिक बैठता है।
पंजीकरण की प्रक्रिया और अतिरिक्त योग्यताएं
इस नि:शुल्क प्रशिक्षण में दाखिला लेने की पूरी व्यवस्था डिजिटल और पारदर्शी रखी गई है। उम्मीदवार आधिकारिक स्किल इंडिया डिजिटल पोर्टल पर जाकर अपना व्यक्तिगत प्रोफाइल बना सकते हैं। इसके बाद प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना यानी पीएमकेवीवाई विकल्प के तहत योग इंस्ट्रक्टर पाठ्यक्रम की खोज कर अपने क्षेत्र के निकटतम सरकारी प्रशिक्षण केंद्र का चयन करना होता है।
अपनी पेशेवर स्वीकार्यता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए योग सर्टिफिकेशन बोर्ड यानी वाईसीबी की परीक्षा देना एक अन्य उपयोगी कदम है। बुनियादी सरकारी पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद अभ्यर्थी वाईसीबी के लेवल-1, लेवल-2 या लेवल-3 के प्रमाणन के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह अतिरिक्त योग्यता धारक को सीधे विदेशी बाजारों, बहुराष्ट्रीय फिटनेस कंपनियों और वैश्विक डिजिटल फिटनेस एप्लिकेशन्स से जुड़कर स्वतंत्र रूप से काम करने का रास्ता खोल देती है।


















