न्यूयॉर्क कॉमिक कॉन के दौरान प्रसिद्ध कॉमिक लेखक ब्रायन के वॉन ने अपनी आगामी कॉमिक श्रृंखला 'रोम' (Roam) की घोषणा की है। यह नया प्रोजेक्ट वे मशहूर इलस्ट्रेटर क्लिफ च्यांग के साथ मिलकर तैयार कर रहे हैं। दोनों रचनाकारों ने इससे पहले लोकप्रिय ग्राफिक उपन्यास 'पेपर गर्ल्स' पर एक साथ काम किया था, जिस पर साल 2022 में अमेज़न प्राइम वीडियो ने एक वेब सीरीज भी बनाई थी। अब यह जोड़ी एक बार फिर साथ आई है और इस बार वे एक ऐसी विज्ञान फंतासी सुपरहीरो कहानी लेकर आ रहे हैं, जो पाठकों को एक बेहद अनोखी और दूरगामी भविष्य की दुनिया में ले जाएगी। इसके अलावा, वॉन ने बहुचर्चित हॉलीवुड फिल्म 'ड्यून: पार्ट थ्री' पर अपने योगदान, हॉलीवुड में स्क्रिप्ट राइटिंग के अनुभव और रचनात्मक उद्योगों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई (AI) के बढ़ते प्रभाव को लेकर भी अपने विचार रखे हैं।
नई कॉमिक 'रोम' और क्लिफ च्यांग के साथ दोबारा जुगलबंदी
ब्रायन के वॉन और क्लिफ च्यांग के बीच की साझेदारी कॉमिक्स जगत में काफी सराही गई है। जब दोनों न्यूयॉर्क में एकत्रित हुए, तो शुरुआती तौर पर उनकी योजना केवल आठ पन्नों की एक छोटी कहानी या फिर एक 'वन-शॉट' कॉमिक तैयार करने की थी। हालांकि, आपसी चर्चा के दौरान दोनों ने महसूस किया कि उनके पास बताने के लिए एक बड़ा फलक मौजूद है, जिसके बाद उन्होंने इसे एक नियमित जारी रहने वाली श्रृंखला का रूप देने का फैसला किया। यह नई कॉमिक 'रोम' अगले साल फरवरी के महीने में रिलीज होने वाली है।
कहानी की पृष्ठभूमि के बारे में बताते हुए वॉन ने स्पष्ट किया कि यह उनकी पिछली किसी भी रचना से बिल्कुल अलग है और विशेष रूप से 'पेपर गर्ल्स' से इसका कोई साम्य नहीं है। यह कथानक सुदूर भविष्य पर आधारित है, जहां व्यवस्था ऐसी है कि हर इंसान को सुपरहीरो बनने की शक्ति मिलती है, लेकिन यह ताकत केवल उनकी युवावस्था तक ही सीमित रहती है। वॉन का कहना है कि वे इस कॉमिक के रहस्यों को पहले से उजागर नहीं करना चाहते। उन्होंने साल 1999 की मशहूर फिल्म 'द मैट्रिक्स' का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय सिनेमाघर जाते वक्त दर्शकों को कहानी के बारे में बिल्कुल अंदाजा नहीं होता था, और वही रहस्य किसी अनुभव को जादुई बनाता है। 31 वर्षों के अपने लेखन करियर में स्पाइडर-मैन, बैटमैन पर कुछ कहानियां लिखने और 'एक्स माकिना' में सुपरहीरो शैली की पड़ताल करने के बावजूद, वॉन इसे अपनी पहली वास्तविक और संपूर्ण सुपरहीरो किताब मानते हैं।
मनोरंजन उद्योग में एआई का प्रभाव और नौकरियां जाने का डर
कॉमिक्स, फिल्म और टेलीविजन निर्माण में आधुनिक तकनीक, खासकर एआई (AI) के इस्तेमाल को लेकर ब्रायन के वॉन ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने स्थिति को बेहद डरावना बताते हुए कहा कि विजुअल आर्ट्स में प्रीविजुअलाइजेशन और स्टोरीबोर्ड आर्टिस्ट के रूप में काम करने वाले उनके कई परिचितों की नौकरियां तेजी से छिन रही हैं। इसके साथ ही संपादन यानी एडिटर्स के पदों पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि शो बिजनेस आखिरकार एक व्यवसाय है, जहां लागत और मुनाफे को प्राथमिकता दी जाती है।
वॉन ने कहा कि वे खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि वे उद्योग में पहले से स्थापित हैं, लेकिन नए और तकनीकी स्तर पर काम करने वाले कलाकारों के लिए भविष्य बेहद अनिश्चित और भयावह दिखाई देता है। उन्होंने अपने दो किशोर बच्चों का जिक्र करते हुए संतोष जताया कि नई पीढ़ी खुद एआई से तैयार की गई चीजों को लेकर सहज नहीं है और वे इंसानी रचनात्मकता को पसंद करते हैं। वॉन ने कभी भी किसी रचनात्मक काम के लिए एआई का इस्तेमाल नहीं किया है। हालांकि, उन्हें चिंता है कि एक ऐसा दौर भी आ सकता है जब लोग अगली कड़ी का इंतजार करने के बजाय एआई से तुरंत नया अंक तैयार करने की मांग करने लगेंगे, जो कला को महज सतही मनोरंजन या भटकाव में बदल देगा। दिलचस्प बात यह है कि उनकी नई कॉमिक 'रोम' की कहानी में भी एआई का एक महत्वपूर्ण तत्व शामिल है, जिसे वे अपने मानवीय मस्तिष्क के जरिए पन्नों पर उतार रहे हैं।
'ड्यून: पार्ट थ्री' पर काम करने का अनुभव और डेनिस की तारीफ
हॉलीवुड की विशालकाय विज्ञान फंतासी फ्रैंचाइजी 'ड्यून: पार्ट थ्री' पर अपने काम को लेकर वॉन ने बेहद सम्मान और विनम्रता के साथ बात की। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से जुड़ना उनके लिए एक अकल्पनीय सम्मान की बात रही है, हालांकि उनका अपना योगदान इसमें बेहद सीमित रहा है। वॉन के अनुसार, निर्देशक डेनिस विलनूव के वास्तविक सह-लेखक फ्रैंक हर्बर्ट हैं, जिनका मूल उपन्यास ही इस पूरी कृति का मुख्य केंद्र है। इस फिल्म में दुनिया भर के बेहतरीन कलाकारों और क्रू ने मिलकर काम किया है।
वॉन ने खुलासा किया कि वे इस फिल्म को देख चुके हैं और तीनों भागों में यह उनकी सबसे पसंदीदा फिल्म है। पहली फिल्म के समय वे लीजेंडरी में कार्यरत थे, जिसके पास 'ड्यून' के अधिकार हैं। वहां उन्होंने एक प्रारंभिक कट देखा था और थोड़े समय के लिए परामर्श दिया था, जिसके लिए उन्हें पहली फिल्म में स्पेशल थैंक्स भी मिला था। वहीं से निर्देशक डेनिस विलनूव के साथ उनकी बातचीत की शुरुआत हुई। वॉन ने डेनिस को न केवल एक असाधारण प्रतिभाशाली निर्देशक बताया, बल्कि एक बेहद संवेदनशील और आत्मीय इंसान भी करार दिया। जब तीसरी फिल्म के काम की शुरुआत में उन्हें बुलावा आया, तो वे इसे ठुकरा नहीं सके। इसके बावजूद, वॉन का मानना है कि फिल्म को उनके प्रचार की जरूरत नहीं है और वे खुद को हॉलीवुड व्यवस्था का एक छोटा सा कार्यकर्ता मानते हैं। उन्होंने यह भी देखा कि आज की युवा पीढ़ी 'बैकरूम्स' और 'ऑब्सेशन' जैसी नई कहानियों से रोमांचित हो रही है, क्योंकि पिछली पीढ़ी यानी जेन एक्स ने अपने बचपन की कहानियों को बार-बार सजाकर परोसा है, जबकि युवाओं को बिल्कुल नए अनुभवों की तलाश है।
अपनी रचनाओं का रूपांतरण खुद न करने की नीति
ब्रायन के वॉन ने 1990 के दशक से कॉमिक्स लिखना शुरू किया था और 'सागा', 'वाय: द लास्ट मैन' तथा मार्वल की 'रनअवेज' जैसी मशहूर कृतियों की रचना की। इनमें से कई कहानियों पर टीवी सीरीज भी बन चुकी हैं। इसके अलावा वे लोकप्रिय टेलीविजन शो 'लॉस्ट' के लेखक रहे और स्टीफन किंग के उपन्यास पर आधारित सीबीएस के शो 'अंडर द डोम' का निर्माण भी किया। अक्सर उनसे पूछा जाता है कि क्या वे पूरी तरह हॉलीवुड का रुख कर लेंगे, जिस पर उनका साफ कहना है कि वे हॉलीवुड में काम इसलिए कर पाते हैं क्योंकि उनके पास कॉमिक्स का मजबूत आधार मौजूद है।
अपनी खुद की कॉमिक्स को स्क्रीन के लिए रूपांतरित करने के सवाल पर वॉन ने उपन्यासकार रिचर्ड प्राइस के शब्दों को याद किया। प्राइस ने कहा था कि अपनी ही कृति को दोबारा ढालना वैसा ही है जैसे कोई डेंटिस्ट खुद अपना रूट कैनाल करने लगे, यानी भले ही आप ऐसा कर सकते हों, फिर भी यह काम किसी और को सौंप देना चाहिए। वॉन ने बताया कि उन्होंने पिछले एक दशक में दूसरों की रचनाओं को रूपांतरित करने और दूसरों द्वारा अपनी कहानियों को पर्दे पर उतारते देखने का बहुत अनुभव लिया है। डेनिस विलनूव का भी मानना है कि किसी प्रिय रचना को स्क्रीन के लिए ढालने का मतलब उसके साथ कुछ हद तक ज्यादती करना होता है, लेकिन रूपांतरण का मूल से हूबहू मिलना उतना जरूरी नहीं है जितना उसका एक बेहतरीन सिनेमाई अनुभव बनना। सिनेमा सिर्फ संवादों का खेल नहीं है, बल्कि एक जादुई प्रक्रिया है जिसे पर्दे पर जीवंत करना पड़ता है।
टेलीविजन शो 'लॉस्ट' और विज्ञापनों के बीच सस्पेंस गढ़ने की चुनौती
पारंपरिक टेलीविजन और आधुनिक स्ट्रीमिंग शो के अंतर पर चर्चा करते हुए वॉन ने अपने शो 'लॉस्ट' के दिनों को याद किया। उन्होंने कहा कि बिना विज्ञापनों वाले गंभीर ड्रामे देखना हर किसी को पसंद होता है, लेकिन एक घंटे के एपिसोड में पांच बार कमर्शियल ब्रेक से ठीक पहले ऐसा रोमांचक मोड़ यानी क्लिफहैंगर देना कि दर्शक टीवी छोड़कर न जाएं, एक अत्यंत कठिन और संतोषजनक रचनात्मक चुनौती थी। लेखकों के लिए यह साबित करने का मौका होता था कि वे ऐसी पटकथा लिख सकें जो दर्शकों को ब्रेक खत्म होने तक टीवी से बांधे रखे।


















