ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था चालू वर्ष के दौरान अप्रत्याशित रूप से काफी मजबूत स्थिति में बनी हुई है। शुरुआती तिमाहियों के आंकड़े दर्शाते हैं कि पहली तिमाही में 0.6 प्रतिशत की तिमाही वृद्धि के बाद दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े को अंतिम अनुमान में संशोधित करके 0.5 प्रतिशत किया गया। इसके अतिरिक्त, जुलाई महीने के दौरान जीडीपी में दर्ज की गई 0.4 प्रतिशत की मासिक बढ़त ने तीसरी तिमाही के लिए भी एक ठोस और सकारात्मक आधार तैयार किया है। इस मजबूत आर्थिक विस्तार ने केंद्रीय बैंक को मौद्रिक नीतियों को और सख्त करने की गुंजाइश दी है।
ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी और मुद्रा बाजार का समीकरण
वित्तीय बाजार पहले से ही फरवरी तक दो अतिरिक्त ब्याज दर वृद्धियों की संभावना को अपने आकलनों में शामिल कर रहे हैं। इस कारण नई समीक्षाओं का बाजार पर कोई तात्कालिक या तीव्र प्रभाव पड़ने की संभावना बेहद सीमित है। पहले जहां साल के अंत तक ब्रिटिश पाउंड में कमजोरी आने का अनुमान लगाया गया था, वहीं अब आने वाले महीनों में EUR/GBP के काफी हद तक एक सीमित दायरे में यानी साइडवेज बने रहने की संभावना है। आर्थिक मजबूती की वजह से पाउंड को अल्पकालिक सहारा मिला हुआ है।
हालांकि, अगले वर्ष की दूसरी तिमाही से यूरो के मुकाबले ब्रिटिश पाउंड पर दोबारा दबाव बनने की आशंका है। मौजूदा समय में बाजार अपेक्षित दो दरों के अलावा दो और यानी कुल चार ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीद लगाए बैठा है। फरवरी की नीतिगत बैठक समाप्त होने के बाद, इन अतिरिक्त आक्रामक बढ़ोतरी की उम्मीदों के धीरे-धीरे समाप्त होने के आसार हैं, जिससे पाउंड स्टर्लिंग पर एक बार फिर से भारी गिरावट का दबाव गहरा सकता है।
वैश्विक मुद्रा बाजार और अन्य प्रमुख संपत्तियों की चाल
विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार के अन्य हिस्सों में भी व्यापक हलचल देखने को मिल रही है। AUD/USD ने निचले स्तरों से वापसी करते हुए बढ़त की गति को फिर से हासिल कर लिया है और यह शुक्रवार को एशियाई कारोबार के दौरान 0.7000 के स्तर की ओर बढ़ने की कोशिश में दिखा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में रातभर आई नरमी ने अमेरिकी डॉलर को उसके 18 महीने के उच्चतम स्तर से नीचे बनाए रखा, जिससे इस मुद्रा जोड़ी को स्पष्ट समर्थन मिला। साथ ही, आरबीए से जुड़ी सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदें भी इस जोड़ी को सहारा दे रही हैं।
दूसरी ओर, USD/JPY शुक्रवार को 158.00 के आसपास अपनी बढ़त को बनाए रखने में कामयाब रहा। जापान में घरेलू खर्च के आंकड़ों में लगातार नौवें महीने गिरावट दर्ज की गई है, जिसने जापानी येन को काफी कमजोर किया है। इसके विपरीत, कमजोर अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड की गिरावट ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच इस जोड़ी की किसी भी बड़ी गिरावट को थाम रखा है।
कमोडिटी बाजार में सोने ने अपनी स्थिति को स्थिर रखा है और शुक्रवार को यह 4,200 डॉलर के स्तर को दोबारा छूते हुए दो महीने के निचले स्तर से उबरता दिखा। कच्चे तेल की कीमतों और ट्रेजरी यील्ड में कमी के साथ अमेरिकी डॉलर में आई नरमी ने सोने की कीमतों को आधार प्रदान किया है, जबकि बाजार अब अमेरिकी उपभोक्ता धारणा से जुड़े आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहा है। हालांकि सोने के पक्ष में माहौल बनता दिख रहा है, लेकिन दैनिक आरएसआई अभी भी मंदी के रुझान का संकेत दे रहा है।
लाइव बाजार आंकड़े और तकनीकी विश्लेषण
वर्तमान में GBP/USD 1.32 पर कारोबार कर रहा है, जो इसके पिछले बंद भाव 1.32 से 0.16 प्रतिशत की दैनिक बढ़त दर्शाता है। पिछले 52 हफ्तों के दौरान इस मुद्रा जोड़ी का दायरा 1.30 से 1.38 के बीच रहा है, जबकि ट्रेडिंग वॉल्यूम 20 दिनों के औसत के 1.00 गुना के बराबर है। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 14 दिवसीय आरएसआई 39 पर दर्ज है, जो कमजोर गति को दर्शाता है। एमएसीडी -0.01 पर है जबकि इसका सिग्नल भी -0.01 पर है, जिससे हिस्टोग्राम -0.00 के साथ मंदी का रुख दिखा रहा है।
मूविंग एवरेज के मोर्चे पर 20 दिवसीय ईएमए 1.33, 50 दिवसीय ईएमए 1.34 और 200 दिवसीय ईएमए 1.34 पर स्थित है। इसके अलावा 50 दिवसीय एसएमए और 200 दिवसीय एसएमए दोनों ही 1.34 पर हैं। ईएमए 50 के ईएमए 200 से नीचे जाने के कारण यह चार्ट पर डेथ क्रॉस के साथ दीर्घकालिक गिरावट के रुझान को स्पष्ट करता है। बोलिंगर बैंड्स 1.31 से 1.35 के बीच फैले हैं और मौजूदा भाव बैंड्स के भीतर है। 14 दिवसीय एडीएक्स 32 पर ट्रेंडिंग गति दर्शा रहा है, जबकि स्टोकेस्टिक की फास्ट लाइन 26 और सिग्नल लाइन 27 पर है। 14 दिवसीय एटीआर 0.01 पर है जो दैनिक उतार-चढ़ाव को दर्शाता है। 20 दिनों का सपोर्ट 1.32 और रेजिस्टेंस 1.35 के करीब है। प्रमुख स्तरों में पिवट 1.32, रेजिस्टेंस R1 1.32, R2 1.33 और सपोर्ट S1 1.32 व S2 1.32 पर मौजूद हैं।























