जयपुर के सुप्रसिद्ध आमेर दुर्ग परिसर में स्थित ऐतिहासिक शीला माता मंदिर में शारदीय नवरात्र महोत्सव की रूपरेखा तय हो गई है। नौ दिनों तक चलने वाले इस आस्था के महापर्व को लेकर मंदिर प्रबंधन तथा स्थानीय पुलिस ने सुरक्षा एवं भीड़ नियंत्रण की पुख्ता योजनाएं बनाई हैं। राजस्थान समेत विभिन्न प्रांतों से शीला देवी के चौखट पर शीश नवाने आने वाले अनगिनत श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन उपलब्ध कराने के लिए समय सारणी और विशेष दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए हैं।
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त और आम दर्शन का समय
धार्मिक परंपरा के अनुसार नवरात्र के प्रथम दिवस पर वैदिक विधान से कलश स्थापना की जाएगी। शीला माता मंदिर के मुख्य पुजारी बनवारी लाल शर्मा के अनुसार, मंदिर में 11 अक्टूबर को प्रात: 11:55 बजे मंत्रोच्चार के मध्य घटस्थापना का अनुष्ठान पूरा किया जाएगा।
इस मांगलिक पूजा के तुरंत बाद दोपहर 1:00 बजे मंदिर के मुख्य कपाट आम जनता के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। प्रथम दिन अत्यधिक भीड़ उमड़ने के अनुमान को देखते हुए कतारबद्ध दर्शन की विशेष योजना बनाई गई है, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।
छठ मेला, निशा पूजन और पूर्णाहुति का विस्तृत कार्यक्रम
नवरात्र उत्सव के दौरान आमेर क्षेत्र में कई प्रमुख अनुष्ठान संपन्न होंगे। आगामी 16 अक्टूबर को मंदिर परिसर में पारंपरिक विशाल छठ मेले का आयोजन तय हुआ है, जिसमें जयपुर शहर तथा समीपवर्ती जिलों से बड़ी तादाद में भक्तजन पहुंचेंगे।
इसके उपरांत 18 अक्टूबर की रात्रि 10:00 बजे विशेष निशा पूजन का आयोजन किया जाएगा। तंत्र और शास्त्र सम्मत मान्यताओं के अनुसार इस निशा आराधना की विशेष महत्ता बताई जाती है। इसके अगले दिन यानी 19 अक्टूबर को महाअष्टमी के अवसर पर सायंकाल 4:30 बजे हवन की पूर्णाहुति दी जाएगी।
मंदिर प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि दैनिक दर्शन व्यवस्था के तहत दोपहर 12:30 बजे से लेकर शाम 4:00 बजे तक गर्भ गृह के पट मंगल रहेंगे। इस मध्याह्न अवधि में दर्शन पूर्णत: स्थगित रहेगा और शाम 4:00 बजे पुन: कपाट खुलने पर श्रद्धालु कतारबद्ध होकर माता के दर्शन लाभ ले सकेंगे।
आमेर महल और जलेब चौक में सुरक्षा व यातायात की व्यवस्था
पर्व के दौरान प्रतिदिन हजारों दर्शनार्थियों की आमद को देखते हुए सुरक्षा तंत्र को सतर्क कर दिया गया है। आमेर महल परिसर तथा जलेब चौक में कानून-व्यवस्था व सुचारु आवागमन बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए होमगार्ड के जवान भी मुस्तैद रहेंगे और चप्पे-चप्पे पर आधुनिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी।
पहाड़ी और संकरे रास्तों वाले आमेर की भौगोलिक बनावट के कारण वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति बन जाती है। इससे निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस विशेष रूट डायवर्जन प्लान लागू कर रही है। प्रमुख चौराहों और पैदल रास्तों पर मजबूत बैरिकेडिंग की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने सभी दर्शनार्थियों से आग्रह किया है कि वे शांति बनाए रखें और तैनात सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों का पालन करते हुए व्यवस्था बनाए रखने में मदद करें।



















