TrendKia
सभीलाइवदेश
दुनिया
सभी दुनिया
पाकिस्तानचीनअमेरिकायूरोपएशिया
राजनीति
व्यापार
सभी व्यापार
बाज़ारमनीऑटोबेनिफिट्ससक्सेस स्टोरीक्रिप्टोएआई
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेशबिहारमध्य प्रदेशराजस्थानदिल्लीमहाराष्ट्रगुजरातपंजाबहरियाणापश्चिम बंगालतमिलनाडुकेरलकर्नाटकतेलंगानाआंध्र प्रदेशझारखंडछत्तीसगढ़ओडिशाअसमउत्तराखंडहिमाचल प्रदेशजम्मू-कश्मीरगोवाचंडीगढ़पुडुचेरी
यात्रा
यात्रा
खेल
क्रिकेटटेनिसफुटबॉल
मनोरंजनफ़िल्में, टीवी और सेलेब्स
बॉलीवुडOTTभोजपुरीमूवी रिव्यूटीवीहॉलीवुड
टेकगैजेट्स, ऐप्स और इनोवेशन
एक्सेसरीज़लॉन्च रिव्यूDIY
सेहतसेहत, फ़िटनेस और वेलनेस
जीवनफैशन, रिश्ते और जीवनशैली
फैशनकल्चररिश्तेट्रेंड्सपेरेंटिंग
खानपानरेसिपी, फूड और रेस्तरां
धर्मधर्म, आस्था और आध्यात्म
त्योहारवास्तुअध्यात्म
राशिफल
मेषवृषभमिथुनकर्कसिंहकन्यातुलावृश्चिकधनुमकरकुंभमीन
यात्राघूमने की जगहें और गाइड
ट्रैवल टिप्स
शिक्षानौकरी, परीक्षा और रिजल्ट
वैकेंसीएडमिशनपरीक्षारिजल्टकरियर
लाइव
देश
दुनिया
पाकिस्तान चीन अमेरिका यूरोप एशिया
राजनीति
व्यापार
बाज़ार मनी ऑटो बेनिफिट्स सक्सेस स्टोरी क्रिप्टो एआई
खेल
क्रिकेट टेनिस फुटबॉल
मनोरंजन
बॉलीवुड OTT भोजपुरी मूवी रिव्यू टीवी हॉलीवुड
टेक
एक्सेसरीज़ लॉन्च रिव्यू DIY
सेहत
जीवन
फैशन कल्चर रिश्ते ट्रेंड्स पेरेंटिंग
खानपान
धर्म
त्योहार वास्तु अध्यात्म
राशिफल
मेष वृषभ मिथुन कर्क सिंह कन्या तुला वृश्चिक धनु मकर कुंभ मीन
यात्रा
ट्रैवल टिप्स
शिक्षा
वैकेंसी एडमिशन परीक्षा रिजल्ट करियर
उत्तर प्रदेश बिहार मध्य प्रदेश राजस्थान दिल्ली महाराष्ट्र गुजरात पंजाब हरियाणा पश्चिम बंगाल तमिलनाडु केरल कर्नाटक तेलंगाना आंध्र प्रदेश झारखंड छत्तीसगढ़ ओडिशा असम उत्तराखंड हिमाचल प्रदेश जम्मू-कश्मीर गोवा चंडीगढ़ पुडुचेरी
हमारे बारे में संपर्क गोपनीयता कुकी नीति शर्तें विज्ञापन दें
TrendKia logo हिंदी • English न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म

TrendKia

तेज़ • ताज़ा • हमेशा ट्रेंड पर

भारत और दुनिया की ताज़ा ट्रेंडिंग ख़बरें, हिंदी और अंग्रेज़ी में। कमेंट करने, टॉपिक फ़ॉलो करने और रिवॉर्ड पॉइंट कमाने के लिए Google से साइन इन करें।

हमारे बारे में
TrendKia news app preview
TrendKia
हमारे बारे मेंसंपर्कगोपनीयताकुकी नीतिशर्तेंविज्ञापन दें
जापानी येन को बचाने की आखिरी कोशिश, रहस्यमयी सीमा पर बढ़ा बैंक ऑफ जापान और मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस का तनावबाज़ार
2 घंटे पहले· 1

जापानी येन को बचाने की आखिरी कोशिश, रहस्यमयी सीमा पर बढ़ा बैंक ऑफ जापान और मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस का तनाव

बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरों को बढ़ाकर एक प्रतिशत करने के बावजूद अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन पर दबाव बना हुआ है, जिससे टोक्यो के हस्तक्षेप की संभावना बढ़ गई है।

अमित पटेलअमित पटेलबिज़नेस संवाददाता 7 मिनट पढ़ें AI के लिए
शेयर
USD/JPY━SMA20 ━SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण1 जुलाई 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

USD/JPY अभी 163 पर है, जबकि EMA20 161, EMA50 160 और EMA200 156 पर हैं।

आगे संभावित चाल

EMA20 (161) तक गिरावट पर खरीदार बचाव करते हैं।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

USD/JPY का RSI 78 है।

आगे संभावित चाल

70 के नीचे फिसलना तेजी के थकने का संकेत है।

स्टोकैस्टिकStochastic Oscillator (14,3)

यह क्या है

Stochastic बंद भाव की तुलना उसके हालिया दायरे से करता है। 80 के ऊपर ओवरबॉट, 20 के नीचे ओवरसोल्ड; इन छोरों के पास तेज़ रेखा और सिग्नल रेखा का क्रॉसओवर पलटाव का शुरुआती संकेत है।

अभी यह कहाँ है

USD/JPY की फास्ट लाइन / सिग्नल लाइन 90/85 पर है।

आगे संभावित चाल

फास्ट लाइन का सिग्नल लाइन के नीचे क्रॉस होना शुरुआती बिक्री संकेत है।

जापानी येन ने वैश्विक मुद्रा बाजार में एक असाधारण कदम उठाया है, लेकिन इसके बावजूद उसे बाजार के दबाव का सामना करना पड़ रहा है। बैंक ऑफ जापान (BoJ) ने पिछले महीने अपनी नीतिगत ब्याज दर को बढ़ाकर एक प्रतिशत कर दिया, जो लगभग एक पीढ़ी में पहली बार किया गया सबसे बड़ा नीतिगत बदलाव था। इसके बावजूद, USD/JPY लगातार मजबूत होते हुए कई दशकों के उच्चतम स्तर 162.00 के पार बना हुआ है। बाजार में किसी प्रकार का भ्रम नहीं है, बल्कि व्यापारी सीधे तौर पर गणितीय गणना कर रहे हैं, जो स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि वर्तमान ब्याज दर का अंतर अभी भी अमेरिकी डॉलर के पक्ष में बना हुआ है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, USD/JPY अपने पिछले बंद भाव 162.63 से मामूली गिरावट के साथ 162.53 पर कारोबार कर रहा है, जो 145.86 से 162.84 के 52-सप्ताह के दायरे के ऊपरी छोर के करीब है।

टोक्यो की चेतावनी और अनकही सीमा

जापान की मुद्रा को संभालने वाले सरकारी अधिकारियों की ओर से लगातार चिंता व्यक्त की जा रही है। जैसे-जैसे डॉलर के मुकाबले येन कमजोर हो रहा है, जापानी नीति निर्माताओं के बयानों में तल्खी बढ़ती जा रही है। बाजार की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखने के बयानों से लेकर अब यह कहा जाने लगा है कि किसी भी विकल्प को नकारा नहीं जा सकता। जापान की मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस (MoF) 160.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर के पास एक अघोषित सीमा मानकर चल रही है। यह वह क्षेत्र है जहां पहले भी सरकारी हस्तक्षेप देखा गया है, लेकिन मंत्रालय सार्वजनिक रूप से उस सटीक आंकड़े का खुलासा करने से बच रहा है जिसे वह बचाना चाहता है। वित्तीय बाजार के खिलाड़ी इसी खामोशी का फायदा उठा रहे हैं और वे इसे सरकार की हिचकिचाहट के रूप में देख रहे हैं।

अगर टोक्यो बाजार में हस्तक्षेप करता है तो क्या होगा?

ऐतिहासिक रिकॉर्ड बताते हैं कि जब भी जापान सरकार सीधे तौर पर येन की खरीदारी करती है, तो एक ही सत्र में मुद्रा की विनिमय दर में भारी उतार-चढ़ाव आता है और येन मजबूत होता है। हालांकि, यह कदम उस बुनियादी अंतर को खत्म नहीं कर सकता जो दोनों देशों के ब्याज दरों के बीच मौजूद है। इसके परिणामस्वरूप, सरकारी दखल से होने वाली येन की किसी भी अस्थायी मजबूती को कैरी ट्रेड (carry trade) करने वाले निवेशक खरीदारी के एक नए और सस्ते अवसर के रूप में देख सकते हैं। हस्तक्षेप के कारण होने वाली गिरावट वास्तव में उन व्यापारिक स्थितियों को और बढ़ावा दे सकती है जिन्हें रोकने के लिए यह कदम उठाया गया था।

USD/JPY का तकनीकी विश्लेषण और महत्वपूर्ण स्तर

वर्तमान तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, जापानी येन और डॉलर की जोड़ी में मजबूती का रुख बना हुआ है।

  • प्रतिरोध स्तर (Resistance Levels): 163.00 का मनोवैज्ञानिक स्तर तात्कालिक बाधा बना हुआ है। यदि तेजी जारी रहती है, तो अगला पड़ाव 164.00 के स्तर पर होगा। राउंड-नंबर प्रतिरोध स्तर हस्तक्षेप के जोखिम को भी बढ़ाते हैं, क्योंकि विनिमय दर जितनी ऊपर जाएगी, टोक्यो के हस्तक्षेप करने की संभावना उतनी ही मजबूत होगी।
  • समर्थन स्तर (Support Levels): 160.00 का स्तर सबसे महत्वपूर्ण है, जो मनोवैज्ञानिक समर्थन और मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस की रक्षात्मक रेखा दोनों का काम करता है। यहीं पर 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA50) भी 160.06 पर मौजूद है। यदि बाजार इसके नीचे बंद होता है, तो यह माना जाएगा कि सरकारी हस्तक्षेप सफल रहा है या नीतिगत कहानी बदल गई है। इसके नीचे का अगला प्रमुख स्तर 158.50 पर है।
  • तकनीकी संकेतक (Technical Indicators): वर्तमान में रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI(14) 78 पर है, जो दर्शाता है कि यह जोड़ी ओवरबॉट (अत्यधिक खरीदी गई) स्थिति में है। स्टोकेस्टिक आरएसआई (Stoch RSI) में भी ओवरबॉट संकेत मिल रहे हैं, जहां फास्ट लाइन 90 और सिग्नल लाइन 85 पर है। एमएसीडी (MACD) 0.79 पर है जो सिग्नल लाइन 0.68 से ऊपर है, जो एक मजबूत तेजी का संकेत है। इचिमोकु क्लाउड और सुपरट्रेंड (जो 161.0069 पर है) दोनों ही तेजी के रुख की पुष्टि कर रहे हैं।
जब तक विनिमय दर 160.00 के स्तर और उसके 50-दिवसीय औसत से ऊपर बनी हुई है, तब तक बाजार का झुकाव तेजी की ओर रहेगा। इसमें बदलाव तभी आ सकता है जब कोई ठोस सरकारी कार्रवाई हो या फिर अमेरिका और जापान के बीच ब्याज दरों का अंतर नाटकीय रूप से कम हो जाए।

जापानी येन के बुनियादी सिद्धांत और इतिहास

जापानी येन दुनिया की सबसे अधिक कारोबार वाली मुद्राओं में से एक है। इसका मूल्य मुख्य रूप से जापान की आर्थिक स्थिति, बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति, जापान और अमेरिका के सरकारी बॉन्ड यील्ड (yield) के बीच के अंतर और वैश्विक निवेशकों की जोखिम क्षमता पर निर्भर करता है। बैंक ऑफ जापान का एक मुख्य काम अपनी राष्ट्रीय मुद्रा के मूल्य को नियंत्रित रखना भी है। अतीत में, BoJ ने अक्सर येन के मूल्य को कम रखने के लिए बाजार में सीधे हस्तक्षेप किया है, हालांकि अपने व्यापारिक भागीदारों के राजनीतिक विरोध के डर से वह ऐसा बहुत बार नहीं करता है। वर्ष 2013 से 2024 के बीच बैंक ऑफ जापान की अत्यधिक उदार मौद्रिक नीति के कारण अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों की तुलना में येन के मूल्य में बड़ी गिरावट देखी गई थी। हालांकि, इस नीति को धीरे-धीरे समाप्त करने के हालिया फैसले से येन को कुछ सहारा मिला है।

सुरक्षित निवेश के रूप में येन और अमेरिकी बॉन्ड का प्रभाव

पिछले एक दशक में, बैंक ऑफ जापान की बेहद ढीली मौद्रिक नीति और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्त नीतियों के बीच का अंतर बढ़ता गया। इसके कारण 10-वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड और जापानी सरकारी बॉन्ड (JGB) के यील्ड में बड़ा अंतर पैदा हो गया, जिसने अमेरिकी डॉलर को जापानी मुद्रा के मुकाबले मजबूत बनाया। वर्ष 2024 में जापान द्वारा इस ढीली नीति को छोड़ने की शुरुआत और अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती से यह अंतर कुछ कम हो रहा है। इसके अलावा, जापानी येन को वैश्विक स्तर पर एक सुरक्षित निवेश (safe-haven) माना जाता है। इसका मतलब यह है कि जब भी वैश्विक बाजार में आर्थिक या राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो निवेशक स्थिरता के लिए अपनी पूंजी जापानी येन में लगाना पसंद करते हैं। ऐसे तनावपूर्ण समय में येन की वैल्यू अन्य जोखिम भरी मुद्राओं की तुलना में मजबूत हो जाती है।

ब्रिटिश पाउंड, यूरो और सोने के बाजार की स्थिति

मुद्रा बाजार के अन्य कोनों में भी बड़ी हलचल देखी जा रही है। ब्रिटिश पाउंड और यूएस डॉलर (GBP/USD) की जोड़ी बुधवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान नए दबाव में आ गई और यह 1.3275 के दो सप्ताह के उच्चतम स्तर से फिसलकर 1.3235 के करीब आ गई, जो दिन के दौरान 0.20% की गिरावट दर्शाती है। बाजार की नजर बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर एंड्रयू बेली और फेडरल रिजर्व के नवनियुक्त नीति निर्माता केविन वॉर्श के भाषणों पर टिकी है। वहीं, EUR/USD की जोड़ी भी लगातार गिरावट का सामना कर रही है और यह उत्तरी अमेरिकी सत्र के उत्तरार्ध में 1.1400 के स्तर से नीचे आ गई है। यूरो में यह कमजोरी अमेरिकी डॉलर में आ रही मजबूती के कारण है, जिसे ईसीबी फोरम (ECB Forum) में केविन वॉर्श के सतर्क बयानों से समर्थन मिला है। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की चमक बरकरार है। सोना बुधवार को भी तेजी के साथ कारोबार कर रहा है और यह प्रति ट्रॉय औंस 4,100 डॉलर के स्तर को पार कर चुका है, हालांकि मजबूत डॉलर और बढ़ते अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के कारण ऊपरी स्तरों पर कुछ मुनाफावसूली देखी गई है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग मजबूत बनी हुई है।

केंद्रीय बैंकों की स्वायत्तता का संकट

हाल के दिनों में केंद्रीय बैंकों की स्वतंत्रता को लेकर काफी बहस हुई है, विशेषकर अमेरिका में जहां डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरें घटाने का दबाव बनाने की चर्चाएं आम रही हैं। लेकिन अब प्रशांत महासागर के दूसरी ओर भी ऐसी ही एक कहानी शुरू होती दिख रही है। जापान की सरकार द्वारा बैंक ऑफ जापान की स्वतंत्रता और उसकी मौद्रिक नीतिगत फैसलों की स्वायत्तता की परीक्षा ली जा रही है, जो आने वाले समय में वैश्विक बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

इसका आप पर असर

भारत में निवेशकों और आयातकों के लिए प्रभाव: जापानी येन में आ रही कमजोरी और मजबूत होता अमेरिकी डॉलर वैश्विक विनिमय दरों को प्रभावित कर रहा है, जिससे भारतीय आयातकों के लिए लागत बढ़ सकती है और कच्चे तेल जैसी आवश्यक वस्तुओं के दाम महंगे हो सकते हैं। इसके अलावा, विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव से घरेलू शेयर बाजारों में भी अस्थिरता आ सकती है।

सवाल-जवाब

बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने के बावजूद जापानी येन क्यों कमजोर हो रहा है?
ब्याज दर बढ़ाने के बावजूद, अमेरिका और जापान की दरों के बीच का अंतर अभी भी बहुत बड़ा है। यह अंतर अमेरिकी डॉलर के पक्ष में बना हुआ है, जिससे निवेशक डॉलर खरीदना पसंद कर रहे हैं और येन पर दबाव बढ़ रहा है।
मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस (MoF) किस स्तर पर येन को बचाने के लिए हस्तक्षेप कर सकती है?
मंत्रालय ने किसी विशेष आंकड़े की पुष्टि नहीं की है, लेकिन ऐतिहासिक रूप से 160.00 का स्तर एक महत्वपूर्ण सीमा रहा है, जहां पहले भी सरकारी हस्तक्षेप देखा गया है।
वर्तमान में USD/JPY की विनिमय दर क्या है?
वर्तमान में USD/JPY की विनिमय दर अपने पिछले बंद भाव 162.63 से 0.06% की मामूली गिरावट के साथ 162.53 पर बनी हुई है।
येन के तकनीकी संकेतक वर्तमान में क्या संकेत दे रहे हैं?
आरएसआई (RSI) 78 पर है और स्टोकेस्टिक भी अत्यधिक उच्च स्तर (90/85) पर है, जो ओवरबॉट स्थिति को दर्शाता है। एमएसीडी भी 0.79 पर होने के साथ मजबूत तेजी का संकेत दे रहा है।
क्या सरकारी हस्तक्षेप से येन की कमजोरी का स्थायी समाधान हो सकता है?
नहीं, इतिहास गवाह है कि सीधे हस्तक्षेप से कुछ समय के लिए येन मजबूत तो हो सकता है, लेकिन यह ब्याज दरों के मूल अंतर को नहीं बदल सकता। कैरी ट्रेड करने वाले इसे दोबारा खरीदारी के अवसर के रूप में देख सकते हैं।
अमित पटेल
लेखक के बारे मेंअमित पटेलबिज़नेस संवाददाता दिल्ली
विशेषज्ञताबिज़नेस समाचार, वित्तीय बाज़ार, शेयर बाज़ार विश्लेषण, कॉर्पोरेट मामले, स्टार्टअप, उद्यमिता, आर्थिक रुझान, टेक्नोलॉजी बिज़नेस, निवेश, वैश्विक अर्थव्यवस्था

अमित पटेल एक बिज़नेस संवाददाता हैं जो वैश्विक बाज़ार, वित्त, स्टार्टअप, तकनीक और आर्थिक रुझानों को कवर करते हैं। वे आधुनिक अर्थव्यवस्था को आकार देने वाले कारोबार और उद्योगों की ख़बरें, बाज़ार विश्लेषण और अंतर्दृष्टि देते हैं।

अमित पटेल एक बिज़नेस संवाददाता हैं जो वैश्विक बाज़ार, वित्त, उद्यमिता, तकनीक और आर्थिक घटनाक्रमों को कवर करते हैं। वे ब्रेकिंग बिज़नेस न्यूज़, कॉर्पोरेट रणनीतियों, शेयर बाज़ार के रुझानों, स्टार्टअप इकोसिस्टम और वैश्विक अर्थव्यवस्था को आकार देने वाले औद्योगिक नवाचारों पर रिपोर्ट करते हैं। सटीकता, स्पष्टता और गहन विश्लेषण पर ज़ोर देते हुए अमित पाठकों को जटिल कारोबारी विषयों और उनके वास्तविक असर को समझने में मदद करते हैं। उनकी कवरेज वित्तीय बाज़ार, बहुराष्ट्रीय कंपनियों, उभरते उद्योगों, आर्थिक नीति, निवेश रुझानों और डिजिटल बदलाव तक फैली है।

पूरा प्रोफ़ाइल देखें ↗
#बाज़ार#जापानीयेन#बैंकऑफजापान#यूएसडॉलर#विदेशीमुद्राबाजार#मौद्रिकनीति#ब्याजदर#Finance

टिप्पणियाँ 0

टिप्पणी करने के लिए साइन इन करें।

साइन इन

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

ओमान की खाड़ी में हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत: अमेरिका के 'संवेदनहीन' बयान पर भड़के शशि थरूर, जयशंकर से भी पूछे सवालराजनीति1
ओमान की खाड़ी में हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत: अमेरिका के 'संवेदनहीन' बयान पर भड़के शशि थरूर, जयशंकर से भी पूछे सवाल
AMZN पर वॉल स्ट्रीट की बड़ी दांव: 2026 से 2028 तक Amazon के शेयर कहाँ तक पहुँच सकते हैं?बाज़ार2
AMZN पर वॉल स्ट्रीट की बड़ी दांव: 2026 से 2028 तक Amazon के शेयर कहाँ तक पहुँच सकते हैं?
अमेरिका में 'बर्नर फोन' पर संकट: FCC का नया KYC प्रस्ताव गुमनाम सिम को खत्म कर सकता है, और हफ्ते की बड़ी साइबर सुरक्षा हलचलसाइबर सुरक्षा3
अमेरिका में 'बर्नर फोन' पर संकट: FCC का नया KYC प्रस्ताव गुमनाम सिम को खत्म कर सकता है, और हफ्ते की बड़ी साइबर सुरक्षा हलचल

ताज़ा ख़बरें सीधे आपके इनबॉक्स में

रोज़ की बड़ी ख़बरें, एक ईमेल में।

TrendKia बाज़ारविज्ञापनमानसून सेल — हर चीज़ पर 50% तक छूटTrendKia बाज़ारअभी खरीदें →
नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
नागरिक पत्रकारनागरिक पत्रकार
नागरिक पत्रकार
नागरिक पत्रकार

संबंधित ख़बरें

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दक्षिण कोरियाई वॉन एक दायरे में अटका, 1561 पर थमी बढ़तबाज़ार
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दक्षिण कोरियाई वॉन एक दायरे में अटका, 1561 पर थमी बढ़त
4 घंटे पहले
मैक्सिको में महंगाई की रफ्तार थमने के आसार, बैंक्सिको सर्वे में अर्थशास्त्रियों ने घटाया अनुमानबाज़ार
मैक्सिको में महंगाई की रफ्तार थमने के आसार, बैंक्सिको सर्वे में अर्थशास्त्रियों ने घटाया अनुमान
4 घंटे पहले
USDC को टक्कर देने वाले Open USD से घबराए निवेशक, पर एनालिस्ट बोले, CRCL में गिरावट जरूरत से ज्यादाबाज़ार
USDC को टक्कर देने वाले Open USD से घबराए निवेशक, पर एनालिस्ट बोले, CRCL में गिरावट जरूरत से ज्यादा
7 घंटे पहले
240 डॉलर के पास पहुंचा अमेज़न का शेयर, अभी बेचें या पकड़े रहें? जानिए क्या कहते हैं आंकड़ेबाज़ार
240 डॉलर के पास पहुंचा अमेज़न का शेयर, अभी बेचें या पकड़े रहें? जानिए क्या कहते हैं आंकड़े
8 घंटे पहले
जून के फैक्ट्री आंकड़े बुधवार को दिखाएंगे अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग की असली रफ्तारबाज़ार
जून के फैक्ट्री आंकड़े बुधवार को दिखाएंगे अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग की असली रफ्तार
10 घंटे पहले
महंगाई के नरम आंकड़ों से यूरो 1.1400 के नीचे और फिसला, ECB पर सख्ती के दांव घटेबाज़ार
महंगाई के नरम आंकड़ों से यूरो 1.1400 के नीचे और फिसला, ECB पर सख्ती के दांव घटे
10 घंटे पहले
जयपुर की ज्वैलरी कंपनी एडविट ज्वैल्स की धमाकेदार एंट्री, पहले ही दिन निवेशकों की झोली भरीबाज़ार
जयपुर की ज्वैलरी कंपनी एडविट ज्वैल्स की धमाकेदार एंट्री, पहले ही दिन निवेशकों की झोली भरी
15 घंटे पहले
डॉलर की पकड़ ढीली हुए बिना थाई बाट की वापसी क्यों अधूरी रहेगीबाज़ार
डॉलर की पकड़ ढीली हुए बिना थाई बाट की वापसी क्यों अधूरी रहेगी
1 दिन पहले