अमेरिकी केंद्रीय बैंक के नीतिगत फैसले से पहले मुद्रा बाजार में USD/JPY की जोड़ी 163.90 के इर्द-गिर्द कारोबार कर रही है।
ब्याज दरों को लेकर बाजार का अनुमान
बाजार के जानकारों का अनुमान है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक इस हफ्ते ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा, हालांकि सितंबर में दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं पर निवेशकों की नजर टिकी हुई है। इसके साथ ही बैंक ऑफ जापान की तरफ से भी ब्याज दरों को स्थिर रखे जाने की उम्मीद है, जबकि उसका नीतिगत रुख कड़ा बना रहने की संभावना जताई जा रही है।
फेड और बैंक ऑफ जापान की बैठकें
मंगलवार को कारोबार के दौरान USD/JPY जोड़ी में 0.11% की मामूली बढ़त दर्ज की गई और यह 163.90 के स्तर पर बनी हुई है। बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व और शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान की नीतिगत घोषणाएं होनी हैं, जिसके कारण निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। बाजार में फिलहाल किसी भी तरह के बड़े ट्रिगर का अभाव है, जिसके चलते दोनों प्रमुख केंद्रीय बैंकों के अगले कदमों को लेकर स्पष्टता का इंतजार किया जा रहा है और मुद्रा जोड़ी एक सीमित दायरे में ठहर सी गई है।
फेडरल रिजर्व की नीतियां और महंगाई का लक्ष्य
पिछली बैठक के दौरान फेड अध्यक्ष केविन वॉर्श ने स्पष्ट किया था कि मौजूदा आर्थिक माहौल के हिसाब से फॉरवर्ड गाइडेंस बहुत उपयुक्त नहीं रह गई है। इससे यह संकेत मिलता है कि नीति निर्माताओं की तरफ से भविष्य में ब्याज दरों की दिशा को लेकर कोई स्पष्ट और बड़े संकेत मिलने की संभावना बेहद कम है। इसके बावजूद, बाजार के तमाम प्रतिभागी इस बात पर बारीक नजर बनाए हुए हैं कि अमेरिकी महंगाई केंद्रीय बैंक के 2% के लक्ष्य से ऊपर कितने लंबे समय तक बनी रहने की आशंका है।
करेंसी मार्केट में डीबीएस का नजरिया
विदेशी मुद्रा बाजार की स्थिति का विश्लेषण करते हुए डीबीएस का कहना है कि USD/JPY की यह जोड़ी अभी भी 164 के ऊंचे स्तर के पास बनी हुई है। हालांकि इस तेजी में अब थकान साफ तौर पर दिखाई देने लगी है। वित्तीय संस्थान का मानना है कि जापान के नीति निर्माताओं द्वारा मुद्रा को समर्थन देने के लिए लगातार हस्तक्षेप की बात कहने, क्रमिक रूप से दरें बढ़ाने और जापानी परिसंपत्तियों की खरीद के लिए जीपीआईएफ के इस्तेमाल जैसे बयानों से यह करेंसी पेयर अब काफी हद तक थक चुका है।
अन्य प्रमुख मुद्राओं का प्रदर्शन
विभिन्न प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले जापानी येन के दैनिक उतार-चढ़ाव को एक तालिका के जरिए समझा जा सकता है। इस दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले जापानी येन सबसे मजबूत मुद्रा के रूप में उभरकर सामने आया है। हीट मैप के माध्यम से यह दर्शाया जाता है कि दुनिया की प्रमुख मुद्राएं आपस में एक-दूसरे के मुकाबले कितना बदलाव दर्ज कर रही हैं, जिसमें बाईं तरफ की पंक्ति से बेस करेंसी और ऊपर के कॉलम से कोट करेंसी का चयन किया जाता है।
अन्य प्रमुख मुद्रा जोड़ियों और कमोडिटी का हाल
मंगलवार के शुरुआती यूरोपीय सत्र के दौरान GBP/USD की जोड़ी जुलाई के नए निचले स्तर 1.3270 के आसपास रक्षात्मक रुख अपनाए हुए है। अमेरिकी डॉलर के मासिक उच्च स्तर पर बने रहने और शेयर बाजार में बिकवाली के माहौल के कारण सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली इस मुद्रा पर दबाव साफ देखा जा रहा है। इसी तरह EUR/USD की जोड़ी भी यूरोपीय सुबह के वक्त 1.1300 के मध्य क्षेत्र में कारोबार करते हुए मासिक निचले स्तर के करीब समेकित हो रही है, जिसे मजबूत अमेरिकी डॉलर का समर्थन मिल रहा है। इसके अलावा सोने की कीमतों में भी नरमी का रुख बना हुआ है और XAU/USD यूरोपीय सत्र में 4,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब कारोबार कर रहा है। पिछले दिन यह जोड़ी 4,100 डॉलर के आंकड़े को पार करने में विफल रही थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि डॉलर की मजबूती के बीच सर्राफा बाजार में अभी भी बिकवाली का दबाव बना हुआ है।



















