भारतीय शेयर बाजार में अब तक के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की प्रमुख डिजिटल और दूरसंचार इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स अगले महीने जून में अपना बहुप्रतीक्षित आईपीओ बाजार में उतार सकती है। बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि इस निर्गम के साथ कंपनी की कुल वैल्यूएशन 130 अरब डॉलर से 180 अरब डॉलर के दायरे में रह सकती है। हालांकि कंपनी प्रबंधन ने अभी तक लॉन्च की किसी तय तारीख का औपचारिक ऐलान नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि विवरण और तिथियों को लेकर जल्द घोषणा सामने आ सकती है।
हुंडई मोटर इंडिया का रिकॉर्ड तोड़ेगा नया निर्गम
बाजार के अनुमानों के मुताबिक जियो प्लेटफॉर्म्स के इस पब्लिक इश्यू का आकार 30,000 करोड़ रुपये से लेकर 37,500 करोड़ रुपये के बीच हो सकता है। यदि यह निर्गम इस दायरे में आता है, तो यह देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ साबित होगा। इससे पहले साल 2024 में हुंडई मोटर इंडिया ने 27,870 करोड़ रुपये का निर्गम पेश कर सबसे बड़े आईपीओ का कीर्तिमान स्थापित किया था। रिलायंस की वार्षिक आम बैठक 2025 में मुकेश अंबानी ने पहले ही स्पष्ट किया था कि जियो के आईपीओ को 2026 की पहली छमाही के भीतर बाजार में लाया जाएगा। हाल ही में गुरुवार को जारी रिलायंस की वार्षिक रिपोर्ट में उन्होंने कहा कि कंपनी अपने संस्थागत ढांचे को सुदृढ़ करने, संचालन में पारदर्शिता बढ़ाने और इकाई को वैश्विक प्रौद्योगिकी अगुआ बनाने की दिशा में निरंतर कदम उठा रही है।
मुकेश अंबानी का रणनीतिक रुख और समयसीमा
सार्वजनिक निर्गम को लेकर रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा,
"हम ऐसे रणनीतिक विकल्पों का मूल्यांकन जारी रखेंगे, जिनसे हितधारकों की भागीदारी बढ़ सके और जियो की दीर्घकालिक वृद्धि को समर्थन मिले। इसके साथ ही टिकाऊ मूल्य सृजन का सिद्धांत भी कायम रहे।"
अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने स्पष्ट किया है कि आईपीओ के लिए निर्धारित समयसीमा के पास आने के साथ ही जियो प्लेटफॉर्म्स में व्यापक स्तर पर हितधारकों की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए कई तरह के विकल्पों की समीक्षा की जा रही है। इसका मकसद शेयरधारकों के लिए लंबी अवधि में मूल्य संवर्धन करना और कंपनी के विस्तार को नई पूंजीगत मजबूती देना है।
मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और वैश्विक साझेदारियां
जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के स्वामित्व ढांचे पर नजर डालें तो रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास इसमें 66.43 प्रतिशत की बहुलांश हिस्सेदारी है। शेष हिस्सेदारी में वैश्विक तकनीकी दिग्गज मेटा और गूगल जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भी प्रमुख रणनीतिक भागीदार के रूप में शामिल हैं। कंपनी का हालिया वित्तीय रिपोर्ट कार्ड भी काफी मजबूत रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान जियो प्लेटफॉर्म्स का शुद्ध लाभ 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज करते हुए 30,053 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 26,120 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। इसी वित्तीय अवधि में कंपनी का परिचालन राजस्व भी 14.5 प्रतिशत के उछाल के साथ 1,46,885 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो इसके लगातार फैलते डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र को दर्शाता है।



















