बुधवार को शुरुआती यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान अमरीकी डॉलर के मुकाबले ऑस्ट्रेलियन डॉलर में जोरदार बढ़त दर्ज की गई। ऑस्ट्रेलियाई ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स द्वारा जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के अप्रत्याशित आंकड़ों के बाद करेंसी 0.7180 से 0.7186 के स्तर तक पहुंच गई। जुलाई के आंकड़ों में मुद्रास्फीति में आई तेजी ने वित्तीय बाजारों में यह उम्मीद जगा दी है कि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया इस वर्ष के अंत से पहले अपनी मौद्रिक नीति को और सख्त कर सकता है और ब्याज दरों में बढ़ोतरी का फैसला ले सकता है।
मासिक और वार्षिक दोनों पैमानों पर ऑस्ट्रेलियन मुद्रास्फीति बाजार के अनुमानों से अधिक रहने के कारण ऑस्ट्रेलियन डॉलर प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं के मुकाबले सबसे मजबूत बनकर उभरा। AUD/USD जोड़ी में दैनिक आधार पर 0.2% से 0.44% तक की तेजी देखी गई, जिससे यह 0.7186 के स्तर पर कारोबार कर रही है। यह स्तर इसके 52 हफ्तों के दायरे 0.6422 से 0.7277 के ऊपरी हिस्से के करीब है। विदेशी मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियन डॉलर ने न्यू ज़ीलैंड डॉलर के मुकाबले सर्वाधिक बढ़त हासिल की।
जुलाई में अनुमान से अधिक बढ़ा ऑस्ट्रेलियन उपभोक्ता मूल्य सूचकांक
ऑस्ट्रेलियन ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जुलाई के महीने में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में मासिक आधार पर 1% की वृद्धि दर्ज की गई। यह आंकड़ा बाजार विशेषज्ञों के 0.8% के अनुमान से काफी अधिक है। इससे पहले जून के महीने में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में 0.1% की गिरावट दर्ज की गई थी, जिसके मुकाबले जुलाई के आंकड़ों में बड़ा सुधार देखा गया है।
वार्षिक आधार पर देखा जाए तो जुलाई में ऑस्ट्रेलिया का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 3.5% बढ़ा। हालांकि यह आंकड़ा जून में दर्ज 3.8% की वार्षिक वृद्धि दर से थोड़ा कम है, लेकिन यह बाजार के 3.2% के अनुमान से काफी आगे रहा। मुद्रास्फीति के इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था में महंगाई का दबाव अभी बना हुआ है, जिससे केंद्रीय बैंक के लिए मुद्रास्फीति को अपने तय लक्ष्य के दायरे में लाना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ी संभावनाओं से मजबूत हुआ ऑस्ट्रेलियन डॉलर
मुद्रास्फीति के मजबूत आंकड़ों के आते ही ब्याज दर और बॉन्ड बाजारों में त्वरित प्रतिक्रिया देखने को मिली। निवेशकों ने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के भावी नीतिगत कदमों के अनुमानों को तेजी से बदला है। आने वाली सितंबर नीतिगत समीक्षा बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना अब बढ़कर 36% हो गई है, जो आंकड़ों के जारी होने से पहले केवल 17% थी।
मनी मार्केट में अब इस बात की 94% संभावना जताई जा रही है कि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया अगले साल फरवरी तक ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर देगा। यह स्थिति दुनिया के अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों के रुख से बिल्कुल अलग है, जहां ज्यादातर केंद्रीय बैंक अपनी मौद्रिक नीतियों में ढील देने की तैयारी कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों के बीच ब्याज दरों के इस बढ़ते अंतर ने ऑस्ट्रेलियन डॉलर को करेंसी मार्केट में मजबूत सहारा दिया है।
AUD/USD का तकनीकी विश्लेषण: महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर
तकनीकी नजरिये से AUD/USD जोड़ी का रुख अल्पकालिक और मध्यम अवधि दोनों में काफी सकारात्मक बना हुआ है। नीचे की तरफ पहला तात्कालिक सपोर्ट 0.7178 के ओपनिंग स्तर के पास है, जबकि आज का पिवट प्वाइंट 0.7179 पर स्थित है। यदि बिकवाली का दबाव बनता है तो 0.7170 (S1) और 0.7154 (S2) के स्तर अगले सपोर्ट के रूप में काम करेंगे।
नीचे की ओर एक बड़ा संरचनात्मक सपोर्ट 20-पीरियड एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 0.7092 पर बना हुआ है (दैनिक EMA20 0.7087 पर है)। 50-दिवसीय EMA 0.7050 और 200-दिवसीय EMA 0.6910 पर स्थित है, जहां एक गोल्डन क्रॉस का निर्माण हुआ है जो दीर्घकालिक तेजी का संकेत देता है। 14-पीरियड रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 69 पर पहुंच चुका है, जो ओवरब्रॉट क्षेत्र के करीब है, जबकि MACD इंडिकेटर भी तेजी के संकेत दे रहा है। करेंसी जोड़ी इस समय अपने बॉलिंगर बैंड के ऊपरी दायरे 0.7185 से ऊपर कारोबार कर रही है।
आगे की तेजी बनाए रखने के लिए AUD/USD को 29 मई के उच्च स्तर 0.7201 को पार करना होगा। ऊपर की तरफ पहला रेजिस्टेंस 0.7196 (R1) और दूसरा रेजिस्टेंस 0.7205 (R2) पर स्थित है। यदि करेंसी जोड़ी इन स्तरों से ऊपर मजबूती से बंद होने में सफल रहती है, तो यह अपने चार साल के उच्चतम स्तर 0.7278 को फिर से छूने की ओर बढ़ सकती है।
वैश्विक मुद्रा बाजार: US PCE आंकड़ों से पहले GBP/USD और EUR/USD में सुस्ती
एक तरफ जहां ऑस्ट्रेलियन डॉलर में तेजी रही, वहीं अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं में कारोबार सीमित दायरे में देखने को मिला। निवेशक अमरीका से आने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। एशियाई और शुरुआती यूरोपीय सत्र में GBP/USD में हल्की गिरावट दर्ज की गई और यह 1.3600 के मध्य स्तर से नीचे कारोबार करता दिखा।
इसके बावजूद पाउंड अपने छह महीने के उच्चतम स्तर के करीब बना हुआ है जो उसने बीते शुक्रवार को छुआ था। दूसरी ओर, अमरीकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट पर मंगलवार के बंद के बाद EUR/USD 1.1670 के आसपास मामूली बढ़त बनाने में सफल रहा। अमरीकी डॉलर में आई हल्की नरमी ने यूरो को राहत दी है और उसकी नजर 1.1700 के स्तर पर बनी हुई है। बाजार के सभी प्रतिभागी अब अमरीकी व्यक्तिगत उपभोग व्यय (PCE) मूल्य सूचकांक और दूसरी तिमाही के जीडीपी संशोधनों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
कमोडिटी और क्रिप्टो मार्केट: सोना फिसला, मीम कॉइन्स में थमी तेजी
कमोडिटी बाजार में पिछले सत्र के उतार-चढ़ाव के बाद सोने पर फिर से बिकवाली का दबाव देखा गया और यह $4,650 प्रति औंस से नीचे आ गया। अमरीकी पीसीई मुद्रास्फीति आंकड़ों से पहले निवेशकों की पोर्टफोलियो रिपोजिशनिंग के कारण अमरीकी डॉलर को थोड़ा समर्थन मिला। इसके अतिरिक्त, शुक्रवार को जैक्सन होल संगोष्ठी में फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉश के भाषण पर भी निवेशकों की कड़ी नजर है, जिससे अमरीका की भविष्य की ब्याज दर नीति के संकेत मिलेंगे।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में डॉजकॉइन (DOGE), शिबा इनु (SHIB) और पेपे (PEPE) जैसे प्रमुख मीम कॉइन्स की तेजी थम गई है। पिछले सप्ताह दो अंकों की बढ़त दर्ज करने के बाद मुनाफावसूली के चलते इन टोकन्स में गिरावट देखी जा रही है। DOGE और PEPE में और गिरावट का जोखिम बना हुआ है, जबकि SHIB अपने सपोर्ट स्तर पर टिका हुआ है।



















