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बैंक ऑफ जापान द्वारा दरें बढ़ाने की संभावना से कमज़ोर हुआ यूरो, जापानी येन में आई मजबूतीबाज़ार
26 अग॰ 2026, 12:01 pm (2 घंटे पहले)· 2

बैंक ऑफ जापान द्वारा दरें बढ़ाने की संभावना से कमज़ोर हुआ यूरो, जापानी येन में आई मजबूती

जापानी केंद्रीय बैंक द्वारा सितंबर में ब्याज दरें बढ़ाए जाने के मजबूत अनुमानों के बीच यूरो/येन की विनिमय दर गिरकर 185.45 के करीब पहुंच गई है। उधर यूरोपीय सेंट्रल बैंक भी मुद्रास्फीति नियंत्रण के लिए आगामी नीतिगत बैठक में दरें बढ़ा सकता है।

यूरो और जापानी येन के बीच विनिमय दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे EUR/JPY का स्तर गिरकर 185.45 के करीब पहुंच गया है। इस गिरावट की मुख्य वजह बैंक ऑफ जापान द्वारा नीतिगत दरों में बढ़ोतरी की मजबूत होती संभावनाएं हैं। वैश्विक वित्तीय बाजारों की निगाहें आगामी सप्ताह होने वाली प्रमुख केंद्रीय बैंकों की बैठकों पर टिकी हैं, जहां यूरोपीय सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ जापान दोनों के द्वारा अपनी नीतिगत ब्याज दरों में बदलाव किए जाने का अनुमान व्यक्त किया जा रहा है। बाजार के इस रुझान से साफ संकेत मिलता है कि जापानी मौद्रिक अधिकारी घरेलू अर्थव्यवस्था में बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए अपनी ढीली मौद्रिक नीति को खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।

सर्वेक्षण के नतीजों के बाद बैंक ऑफ जापान द्वारा दरें बढ़ाने की उम्मीदें तेज

बैंक ऑफ जापान द्वारा निकट भविष्य में ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों में हाल के हफ्तों के दौरान बड़ा बदलाव देखा गया है। 17 अगस्त से 24 अगस्त के बीच आयोजित एक आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, 57% अर्थशास्त्रियों का मानना है कि जापानी केंद्रीय बैंक अपनी आगामी सितंबर बैठक में बेंचमार्क नीतिगत दर को 25 bps बढ़ाकर 1.25% कर देगा। यह नया अनुमान जुलाई में सामने आए सर्वेक्षण की तुलना में एक बड़ा मोड़ है, जब केवल 5% विश्लेषकों ने ही तत्काल दर वृद्धि की बात कही थी।

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पेशेवर विश्लेषकों के विचारों में आया यह तेज़ बदलाव यह दर्शाता है कि टोक्यो के नीति निर्माताओं के लिए मौद्रिक सख्ती अब बेहद जरूरी हो गई है। मुद्रास्फीति के बढ़ते जोखिमों ने दुनिया भर के निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों के बीच दरें बढ़ाने की उम्मीदों को मजबूत किया है। जैसे-जैसे जापान के घरेलू आर्थिक आंकड़ों में महंगाई के दबाव के संकेत मिल रहे हैं, विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने जापानी संपत्तियों पर बेहतर प्रतिफल की उम्मीद में येन की खरीदारी बढ़ा दी है, जिससे वैश्विक मुद्रा विनिमय बाजार में जापानी येन को नई ताकत मिली है।

मिडल ईस्ट तनाव और जापान में बढ़ती कीमतों की स्थिति

जापानी मौद्रिक नीति में सख्ती के रुख को सरकार की ओर से आए आधिकारिक बयानों से भी बल मिला है। जापानी अर्थव्यवस्था मंत्री मिनोरू किउची ने कारोबारी सत्र के दौरान कहा कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। उन्होंने इस स्थिति के पीछे भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और मिडल ईस्ट के हालात को मुख्य कारक बताया। अर्थव्यवस्था मंत्री की इस टिप्पणी से यह चिंता बढ़ गई है कि आयातित ऊर्जा और कच्चे माल की बढ़ती लागत आने वाले महीनों में सीधे तौर पर घरेलू उपभोक्ता कीमतों को बढ़ा सकती है।

उपभोक्ता कीमतों में निरंतर वृद्धि की संभावना ने बैंक ऑफ जापान को अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने के फैसले को गति देने का ठोस आधार प्रदान किया है। जब अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव के कारण आयात लागत बढ़ती है, तो केंद्रीय बैंकों के लिए घरेलू मूल्य स्थिरता बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। नतीजतन, आर्थिक नेतृत्व द्वारा कीमतों में बढ़ोतरी की पुष्टि किए जाने के बाद यह धारणा और पक्की हो गई है कि केंद्रीय बैंक आगामी नीतिगत बैठक के दौरान मौद्रिक सख्ती का कदम उठाएगा।

यूरोपीय सेंट्रल बैंक भी नीतिगत दरों में बढ़ोतरी की तैयारी में

दूसरी तरफ, यूरोपीय अर्थव्यवस्था में भी मौद्रिक नीति का रुख मूल्य वृद्धि को नियंत्रित करने की ओर इशारा कर रहा है। बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि यूरोपीय सेंट्रल बैंक अगले महीने होने वाली अपनी नीतिगत बैठक में मुख्य ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। यूरोपीय मौद्रिक अधिकारी यूरोज़ोन में मुद्रास्फीति के बढ़ते जोखिमों को बेअसर करने और लंबी अवधि की मूल्य वृद्धि को अपने तय लक्ष्यों के दायरे में रखने के लिए प्रतिबद्ध नजर आ रहे हैं।

यूरोपीय सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ जापान दोनों द्वारा एक साथ ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना ने मुद्रा व्यापारियों के सामने एक दिलचस्प स्थिति पैदा कर दी है। यद्यपि ब्याज दरों में वृद्धि से किसी भी मुद्रा का आकर्षण बढ़ता है, लेकिन मौद्रिक सख्ती की गति और आक्रामकता ही विनिमय दरों को तय करती है। मौजूदा बाजार ढाँचे में जापानी येन के पक्ष में बना रुझान यूरो की तुलना में अधिक मजबूत साबित हुआ है, जिससे यूरो/येन विनिमय दर में गिरावट आई है।

मुद्राओं का सापेक्ष प्रदर्शन और विनिमय दर हीटमैप के संकेत

वैश्विक मुद्रा बाजार के व्यापक आंकड़ों से पता चलता है कि आज जापानी येन के सभी प्रमुख जोड़ों में मजबूती दर्ज की गई है। दैनिक प्रतिशत बदलावों के आंकड़ों के अनुसार, जापानी येन प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाली मुद्रा के रूप में उभरा। येन में सबसे बड़ी बढ़त न्यूजीलैंड डॉलर के मुकाबले दर्ज की गई। यह सर्वव्यापी मजबूती यह दर्शाती है कि ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद में निवेशकों ने येन संपत्तियों में पूंजी का प्रवाह बढ़ाया है।

क्रॉस-करेंसी मैट्रिक्स और विनिमय दर हीटमैप से मुद्रा विनिमय में आए इन बदलावों की स्पष्ट जानकारी मिलती है। एक मानक मुद्रा हीटमैप में, बाईं ओर के कॉलम से आधार मुद्रा चुनी जाती है और ऊपर की पंक्ति में मौजूद उद्धृत मुद्रा से उसकी तुलना की जाती है। उदाहरण के लिए, यदि बाईं ओर से जापानी येन को आधार मुद्रा के रूप में चुना जाए और क्षैतिज रेखा पर बढ़ते हुए अमेरिकी डॉलर के कॉलम को देखा जाए, तो वह बॉक्स JPY/USD का सटीक प्रतिशत बदलाव दिखाता है। आज के हीटमैप लगभग सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं के मुकाबले येन में बढ़त दर्शाते हैं।

केंद्रीय बैंकिंग के मुख्य जनादेश और मुद्रास्फीति नियंत्रण के उपकरण

केंद्रीय बैंकों के फैसलों के पीछे के कारणों को समझने के लिए उनके मुख्य जनादेश को जानना आवश्यक है। केंद्रीय बैंकों का प्राथमिक दायित्व अपने देश या आर्थिक क्षेत्र में मूल्य स्थिरता बनाए रखना होता है। आधुनिक अर्थव्यवस्थाएं लगातार मुद्रास्फीति (जब वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें लगातार बढ़ती हैं) या अवस्फीति (जब कीमतें लगातार गिरती हैं) का सामना करती हैं। अनियंत्रित महंगाई उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति को छीन लेती है, जबकि अवस्फीति से आर्थिक विकास थम सकता है।

आर्थिक मांग और उत्पादन क्षमता के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए यूएस फेडरल रिजर्व, यूरोपीय सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ इंग्लैंड जैसे प्रमुख केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति को 2% के वार्षिक लक्ष्य के करीब रखने का काम करते हैं। इसके लिए केंद्रीय बैंकों का सबसे प्रमुख हथियार बेंचमार्क नीतिगत दर यानी ब्याज दर में बदलाव करना है। पूर्व निर्धारित तिथियों पर केंद्रीय बैंक नीतिगत वक्तव्य जारी करते हैं और ब्याज दरों को स्थिर रखने, बढ़ाने या घटाने के कारणों की विस्तृत व्याख्या करते हैं।

व्यावसायिक बैंक केंद्रीय बैंक के इन फैसलों के आधार पर अपनी बचत और ऋण दरों में संशोधन करते हैं। जब केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में उल्लेखनीय वृद्धि करता है, तो इसे मौद्रिक सख्ती कहा जाता है, जिससे कर्ज लेना महंगा हो जाता है और लोग बचत को प्राथमिकता देते हैं। इसके विपरीत, जब केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती करता है, तो इसे मौद्रिक ढील कहा जाता है, जिसका उद्देश्य व्यापारिक गतिविधियों और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना होता है।

नीति बोर्ड की संरचना: हॉक्स, डोव्स और ब्लैकआउट अवधि

केंद्रीय बैंक आमतौर पर राजनीतिक रूप से स्वतंत्र संस्थान के रूप में कार्य करते हैं ताकि मौद्रिक फैसले अल्पकालिक राजनीतिक दबावों से मुक्त रह सकें। नीति बोर्ड के सदस्यों को नियुक्त किए जाने से पहले कई स्तरीय सुनवाई और पैनल प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। बोर्ड का प्रत्येक सदस्य मुद्रास्फीति नियंत्रण और मौद्रिक नीति संचालन पर अपनी एक अलग आर्थिक विचारधारा रखता है।

केंद्रीय बैंकिंग शब्दावली में बोर्ड सदस्यों को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा जाता है: 'डोव्स' (उदारवादी) और 'हॉक्स' (सख्तवादी)। जो सदस्य अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कम ब्याज दरों और सस्ते ऋण वाली ढीली मौद्रिक नीति की वकालत करते हैं, उन्हें डोव्स कहा जाता है। ये सदस्य 2% से थोड़ी अधिक महंगाई दर को स्वीकार करने के लिए तैयार रहते हैं यदि इससे रोजगार और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। दूसरी ओर, जो सदस्य मूल्य स्थिरता को सर्वोपरि मानते हैं और महंगाई पर सख्त नियंत्रण चाहते हैं, उन्हें हॉक्स कहा जाता है। हॉक्स उच्च ब्याज दरों का समर्थन करते हैं ताकि बचत को बढ़ावा मिले और महंगाई 2% के भीतर बनी रहे।

प्रत्येक नीतिगत बैठक की अध्यक्षता एक अध्यक्ष या प्रेसिडेंट करता है, जिसका काम हॉक्स और डोव्स के बीच सहमति बनाना होता है। मतदान में टाई की स्थिति में अध्यक्ष के पास निर्णायक वोट का अधिकार होता है। बैठकों से पहले अध्यक्ष भाषण देकर बाजार को नीतिगत रुख का संकेत देते हैं ताकि दरों या मुद्राओं में अचानक उतार-चढ़ाव न आए। इसके अतिरिक्त, बैठकों से कुछ दिन पहले 'ब्लैकआउट अवधि' लागू होती है, जिसके दौरान बोर्ड सदस्यों के सार्वजनिक बयान देने पर कानूनी रोक होती है।

अन्य प्रमुख मुद्रा जोड़ों में उतार-चढ़ाव की स्थिति

बदलते मौद्रिक परिदृश्य का असर अन्य प्रमुख विदेशी मुद्रा जोड़ों पर भी देखा जा रहा है। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान GBP/USD का जोड़ा mid-1.3600s से नीचे दबाव में कारोबार करता दिखा, जिससे पिछले दिन की बढ़त का कुछ हिस्सा कम हो गया। इसके बावजूद, ब्रिटिश पाउंड की कीमतें पिछले हफ्ते बने छह महीने के उच्चतम स्तर के करीब बनी हुई हैं। विदेशी मुद्रा व्यापारी अब अमेरिकी व्यक्तिगत उपभोग व्यय (PCE) मूल्य सूचकांक के आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

वहीं EUR/USD के जोड़े में 1.1670 के स्तर के आसपास मामूली सुधार दर्ज किया गया। अमेरिकी डॉलर में हल्की नरमी के कारण यूरो दो दिनों की गिरावट को रोक पाया और 1.1700 के स्तर के करीब बना हुआ है। अब निवेशकों की निगाहें आने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर टिकी हैं, जिनमें PCE मुद्रास्फीति और दूसरी तिमाही के GDP आंकड़े शामिल हैं।

कीमती धातुएं, क्रिप्टो संपत्तियां और आर्थिक आंकड़े

कमोडिटी और डिजिटल परिसंपत्तियों के बाजारों में भी ब्याज दरों की उम्मीदों के कारण हलचल बनी हुई है। सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई और सोना $4,650 प्रति औंस से नीचे कारोबार करता दिखा। अमेरिकी डॉलर में आई रिकवरी के कारण सोने पर दबाव देखा जा रहा है। निवेशक शुक्रवार को जैक्सन होल सिंपोजियम में फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉश के संबोधन पर नज़र बनाए हुए हैं।

दूसरी ओर, क्रिप्टो परिसंपत्तियों में पिछले हफ्ते की जोरदार तेजी के बाद मुनाफावसूली देखी जा रही है। डॉगकॉइन (DOGE), शिबा इनु (SHIB) और पेपे (PEPE) जैसे मीम कॉइन में पिछले हफ्ते की दोहरे अंकों की बढ़त के बाद अब गिरावट का रुख है। DOGE और PEPE में बिकवाली का दबाव बना हुआ है, जबकि SHIB महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर पर बना हुआ है।

सवाल-जवाब

यूरो/येन की विनिमय दर में क्यों गिरावट आ रही है?
सितंबर में बैंक ऑफ जापान द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में 25 bps की बढ़ोतरी की संभावना के कारण जापानी येन मजबूत हो रहा है और यूरो पर दबाव पड़ रहा है।
कितने प्रतिशत अर्थशास्त्रियों को सितंबर में बैंक ऑफ जापान द्वारा दरें बढ़ाने की उम्मीद है?
17 से 24 अगस्त के सर्वेक्षण के अनुसार 57% अर्थशास्त्री सितंबर में दरें 1.25% तक बढ़ाने की उम्मीद करते हैं, जबकि जुलाई में यह आंकड़ा केवल 5% था।
क्या यूरोपीय सेंट्रल बैंक भी ब्याज दरें बढ़ाने की तैयारी में है?
जी हां, यूरोज़ोन में मुद्रास्फीति के जोखिमों से निपटने के लिए यूरोपीय सेंट्रल बैंक द्वारा अगले महीने दरें बढ़ाए जाने का अनुमान है।
मुद्रास्फीति को लेकर जापानी अर्थव्यवस्था मंत्री ने क्या कहा?
अर्थव्यवस्था मंत्री मिनोरू किउची ने कहा कि मिडल ईस्ट की स्थिति और भू-राजनीतिक तनावों के बीच उपभोक्ता कीमतों में धीरे-धीरे वृद्धि होने की उम्मीद है।
प्रमुख केंद्रीय बैंकों का मुद्रास्फीति लक्ष्य क्या है?
यूएस फेडरल रिजर्व, यूरोपीय सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ इंग्लैंड जैसे प्रमुख बैंकों का प्राथमिक जनादेश मुद्रास्फीति को 2% के आसपास बनाए रखना है।
इन मौद्रिक घटनाक्रमों के बीच सोने और क्रिप्टो संपत्तियों का क्या प्रदर्शन रहा?
डॉलर में मजबूती के कारण सोना घटकर $4,650 से नीचे आ गया, जबकि डॉगकॉइन, शिबा इनु और पेपे जैसे मीम कॉइन में मुनाफावसूली के चलते गिरावट देखी गई।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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