अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) अपनी हालिया बढ़त को बरकरार रखते हुए मजबूत स्थिति में बना हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक यह जोड़ी 1.3605 के महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर से ऊपर बनी रहती है, तब तक ऊपर की ओर तेजी का रुझान बरकरार रहेगा। हालांकि, बुधवार के यूरोपियन सेशन के दौरान पाउंड में 1.3650 के नीचे मामूली गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि निवेशक अमेरिका के आगामी पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) प्राइस इंडेक्स के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। इसके साथ ही व्यापक वित्तीय बाजारों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है, जहां सोने की कीमतों में नरमी है और मेम कॉइन्स पिछले हफ्ते की तेजी के बाद मुनाफावसूली का सामना कर रहे हैं।
GBP/USD का तकनीकी आउटलुक: 1.3605 का स्तर है बेहद अहम
यूओबी (UOB) के विश्लेषणात्मक आकलन के अनुसार, 24 घंटे के अल्पकालिक परिदृश्य में पाउंड के दायरे में कारोबार करने की संभावना है। सोमवार की मूल्य गतिविधियों के बाद मंगलवार को भी मोमेंटम में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया था। यूओबी ने शुरुआत में अनुमान जताया था कि GBP 1.3615 से 1.3660 के दायरे में रहेगा, लेकिन यह 1.3623 से 1.3655 के और भी संकीर्ण दायरे में कारोबार करने के बाद 0.15% की बढ़त के साथ 1.3650 पर बंद हुआ। बाजार के अंतर्निहित सकारात्मक रुख को देखते हुए आज के लिए 1.3630 से 1.3665 का उच्च दायरा रहने का अनुमान है।
लंबी अवधि यानी 1 से 3 हफ्तों के दृष्टिकोण पर नजर डालें तो यूओबी का रुख 17 अगस्त को 1.3540 के स्तर पर पाउंड को लेकर सकारात्मक हुआ था। इसके बाद 21 अगस्त को जब यह 1.3640 के स्तर पर पहुंचा, तब विश्लेषकों ने संकेत दिया था कि GBP बढ़कर 1.3700 तक पहुंच सकता है। वर्तमान में इस दृष्टिकोण में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, नीचे की ओर जोखिम के मामले में 1.3605 के स्तर को मजबूत सपोर्ट माना गया है, जो पहले 1.3585 पर था। यदि GBP इस 1.3605 के स्तर से नीचे टूटता है, तो 1.3700 का लक्ष्य हासिल होना असंभव हो जाएगा।
यूरोपीय सत्र में मेजर करेंसी जोड़ियों का हाल और मैक्रो ट्रिगर्स
बुधवार को यूरोपियन ट्रेड के दौरान GBP/USD में 1.3650 के नीचे नकारात्मक दबाव देखा गया, जिससे पिछले दिन दर्ज की गई मजबूत बढ़त का कुछ हिस्सा घट गया। इसके बावजूद, यह करेंसी पेयर पिछले शुक्रवार को बने अपने छह महीने के उच्चतम स्तर के करीब ही बना हुआ है। व्यापारी अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति समझने के लिए US PCE डेटा की रिलीज की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जो फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है।
दूसरी ओर, EUR/USD में भी कमजोरी देखने को मिल रही है और यह यूरोपीय सत्र में 1.1650 के स्तर की तरफ नीचे बना हुआ है। अमेरिकी डॉलर में मुनाफावसूली और मिडल ईस्ट में जारी अनिश्चितता के कारण मामूली सुधार देखने को मिला है। निवेशकों के लिए बुधवार का दिन काफी हलचल भरा रहने वाला है, क्योंकि PCE मुद्रास्फीति डेटा के साथ-साथ अमेरिका की दूसरी तिमाही (Q2) के GDP आंकड़ों का नया संशोधन भी जारी होना है।
गोल्ड मार्केट और जैक्सन होल सम्मेलन पर नजर
कमोडिटी बाजार में सोना यूरोपीय सत्र की शुरुआत से पहले $4,650 के स्तर से नीचे मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। हालांकि, सोने में मंदी का बहुत मजबूत रुझान नहीं है और यह पिछले दिन के व्यापक ट्रेडिंग रेंज के भीतर ही सीमित है। अमेरिकी डॉलर में आई तेजी का असर सोने पर दबाव बना रहा है।
निवेशकों की नजरें शुक्रवार को आयोजित होने वाले जैक्सन होल संगोष्ठी (Jackson Hole Symposium) पर भी टिकी हुई हैं। इस सम्मेलन में फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉश (Kevin Warsh) के भाषण से भविष्य में ब्याज दरों के रास्ते को लेकर महत्वपूर्ण संकेत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
मेम कॉइन्स में मुनाफावसूली: DOGE, SHIB और PEPE पर दबाव
क्रिप्टोकरेंसी मार्केट की बात करें तो मेम कॉइन्स पिछले सप्ताह की दोहरे अंकों की बढ़त के बाद अपना तेजी का मोमेंटम खोते दिख रहे हैं। डॉजकॉइन (DOGE), शिबा इनु (SHIB) और पेपे (PEPE) में मुनाफावसूली के चलते गिरावट का दबाव बना हुआ है। DOGE और PEPE में आगे भी गिरावट का जोखिम नजर आ रहा है, जबकि SHIB फिलहाल अपने निचले सपोर्ट लेवल को बचाने में सफल रहा है।



















