अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियन डॉलर गुरुवार को भारी उतार-चढ़ाव के बीच फिसल गया। घरेलू श्रम बाजार के सकारात्मक आंकड़ों ने शुरुआत में मुद्रा को संभलने का मौका दिया, मगर अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आए तेज उछाल और व्यापक आर्थिक चुनौतियों के चलते यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं सकी। शुरुआती कारोबार में आई तीव्र बिकवाली के बाद इसमें सीमित सुधार जरूर देखा गया, लेकिन अमेरिकी डॉलर में जारी मजबूती के सामने यह दबाव से पूरी तरह उबरने में असफल रहा।
ऑस्ट्रेलिया में रोजगार विस्तार के बीच बढ़ी बेरोजगारी दर
ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था ने अगस्त के महीने में शानदार प्रदर्शन करते हुए 39.5K नए रोजगार जोड़े। यह संख्या वित्तीय विश्लेषकों द्वारा जताए गए 20K नौकरियों के अनुमान की तुलना में लगभग दोगुनी दर्ज की गई। कार्यबल में इस प्रकार की मजबूत वृद्धि सामान्यतः आर्थिक सेहत के लिए बेहद सकारात्मक मानी जाती है, लेकिन इसी अवधि में सामने आए एक अन्य आंकड़े ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
अगस्त के आधिकारिक आंकड़ों में देश की बेरोजगारी दर चढ़कर 4.6% तक पहुंच गई। इससे पहले की अवधि में यह आंकड़ा 4.5% पर बना हुआ था और बाजार को इस बार भी 4.5% पर स्थिर रहने की अपेक्षा थी। कार्यबल में लोगों की बढ़ती भागीदारी और नौकरी चाहने वालों की कतार लंबी होने के चलते रोजगार सृजन के प्रभावशाली आंकड़ों के बावजूद कुल बेरोजगारी अनुपात में यह मामूली उछाल दर्ज हुआ, जिससे मुद्रा बाजार में शुरुआती तेजी की रफ्तार मंद पड़ गई।
रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की मौद्रिक नीति पर प्रभाव
नौकरियों में निरंतर मजबूती का यह रुझान रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के नीति निर्धारकों के लिए एक पेचीदा स्थिति पैदा कर रहा है। मजबूत श्रम बाजार आम तौर पर घरेलू स्तर पर मुद्रास्फीति के दबाव को ऊंचा बनाए रखता है, जिसके चलते केंद्रीय बैंक को अपनी मौद्रिक नीति में किसी भी तरह की ढील देने से पहले कई बार सोचना पड़ सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि रोजगार सृजन की यही गति जारी रही, तो ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक अपनी सख्त मौद्रिक नीति को अधिक समय तक लागू रख सकता है। नीतिगत दरों में संभावित कटौती की संभावनाओं के सीमित होने के बावजूद, अमेरिकी बॉन्ड बाजार में आई तेजी ने स्थानीय मुद्रा की इस संभावित मजबूती को पीछे धकेल दिया है।
19 साल के शिखर पर पहुंची अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड
अमेरिकी डॉलर को घरेलू ऋण बाजार से जबर्दस्त समर्थन हासिल हो रहा है। गुरुवार के कारोबारी सत्र में 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड उछलकर 5.15% तक पहुंच गई, जो बीते 19 वर्षों में इसका सर्वाधिक स्तर है। सरकारी प्रतिभूतियों पर मिलने वाले इस रिकॉर्ड रिटर्न ने दुनिया भर के निवेशकों को ग्रीनबैक की ओर आकर्षित किया है, जिसके परिणामस्वरूप अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं में कमजोरी दर्ज की जा रही है।
ट्रेजरी यील्ड में इस इजाफे से अमेरिकी डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ है और इसी वजह से ऑस्ट्रेलियन डॉलर दिन के शुरुआती नुकसान की पूरी भरपाई करने में नाकाम रहा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख की उम्मीदों ने बॉन्ड प्रतिफल को लगातार ऊंचाई पर बनाए रखा है, जिससे डॉलर परिसंपत्तियों की मांग दिन भर बनी रही।
ट्रंप और शी चिनफिंग की अहम वार्ता पर निवेशकों का ध्यान
वैश्विक वित्तीय बाजारों की निगाहें अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच गुरुवार को होने वाली उच्चस्तरीय बैठक पर टिक गई हैं। दोनों शीर्ष नेताओं के बीच चर्चा का एजेंडा काफी व्यापक होने की संभावना है, जिसमें द्विपक्षीय व्यापार समझौते, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), उन्नत प्रौद्योगिकी प्रतिबंध, ताइवान का मुद्दा और मध्य पूर्व से ऊर्जा आपूर्ति के महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।
चीन के साथ ऑस्ट्रेलिया के गहरे आर्थिक और व्यापारिक रिश्ते होने के कारण इस कूटनीतिक संवाद का सीधा असर ऑस्ट्रेलियन डॉलर पर पड़ना तय माना जा रहा है। चूंकि चीन ऑस्ट्रेलियाई लौह अयस्क और अन्य जिंसों का सबसे बड़ा आयातक है, इसलिए दोनों महाशक्तियों के बीच व्यापारिक तनाव में किसी भी तरह की कमी या नए टकराव की आशंका सीधे तौर पर ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा के मूल्यांकन को प्रभावित करती है।
AUD/USD का तकनीकी विश्लेषण और प्रमुख स्तर
घंटे के चार्ट पर तकनीकी संकेतकों का अध्ययन करने पर पता चलता है कि AUD/USD का भाव 0.7022 के आसपास कारोबार कर रहा है। वर्तमान में यह जोड़ी 0.7094 पर स्थित 100-अवधि के साधारण मूविंग एवरेज (SMA) और 0.7108 पर स्थित 200-अवधि के SMA के नीचे बनी हुई है, जो अल्पावधि में मंदी के रुख को पुष्ट करती है। तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि 0.7075 से 0.7108 के बीच बना सघन अवरोध क्षेत्र किसी भी तात्कालिक तेजी को सीमित कर सकता है।
इसके साथ ही 14-अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 33.7 पर बना हुआ है, जो दर्शाता है कि बाजार ओवरसोल्ड क्षेत्र के करीब तो है लेकिन अत्यधिक बिकवाली के स्तर तक नहीं पहुंचा है। यह स्थिति लगातार जारी मध्यम दबाव की ओर इशारा करती है। दैनिक टाइमफ्रेम पर 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज 0.7126, 50-दिवसीय EMA 0.7104 और 200-दिवसीय EMA 0.6961 पर स्थित हैं। हालांकि 50-दिवसीय और 200-दिवसीय मूविंग एवरेज के बीच गोल्डन क्रॉस का ढांचा दीर्घकालिक तेजी का संकेत देता है, मगर मौजूदा कीमत 0.7153 के मध्य बैंड और 0.7054 के निचले बोलिंजर बैंड से नीचे फिसल चुकी है। सत्र के दौरान धुरी बिंदु (पिवट) 0.7030 पर है, जबकि तत्काल प्रतिरोध R1 0.7039 और R2 0.7056 पर मौजूद हैं। नीचे की तरफ पहला मजबूत समर्थन S1 0.7013 और दूसरा समर्थन S2 0.7003 पर बना हुआ है, जबकि 52-सप्ताह का दायरा 0.6422 से 0.7277 के बीच फैला है।
एशियाई सत्र में 0.7000 के स्तर की ओर फिसलन
गुरुवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान मुद्रा जोड़ी 0.7000 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर की ओर लुढ़कती दिखाई दी। रोजगार आंकड़ों के मिश्रित संकेतों और वाशिंगटन व बीजिंग के बीच वार्ता के नतीजों को लेकर बनी अनिश्चितता ने सटोरियों को सतर्क रुख अपनाने पर मजबूर किया है। जब तक भू-राजनीतिक मोर्चे पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक बाजार सहभागियों द्वारा बड़े दांव लगाने से बचने की प्रवृत्ति देखी जा रही है।
जापानी येन, सोना और वैश्विक केंद्रीय बैंकों के फैसले
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा पटल पर अन्य परिसंपत्तियों में भी अहम हलचल देखी गई। यूएस डॉलर के मुकाबले जापानी येन में मजबूती आई और USD/JPY तीन सप्ताह के उच्चतम स्तर से फिसलकर 158.00 के करीब आ गया। जापान के बॉन्ड प्रतिफल में आई उछाल और मुद्रा हस्तक्षेप की बढ़ती चिंताओं ने येन को सहारा दिया, यद्यपि अमेरिकी डॉलर अपने दो महीने के उच्च स्तर के इर्द-गिर्द टिका रहा। बैंक ऑफ जापान (BoJ) ने अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 7-2 के बहुमत से 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया, जो कि बाजार के व्यापक पूर्वानुमानों के अनुरूप ही रहा।
उधर बहुमूल्य धातुओं के मोर्चे पर सोने की कीमतों में लगातार दूसरे कारोबारी दिन कमजोरी का रुख जारी रहा। यूरोपीय सत्र के पहले हिस्से में पीली धातु $4,300 के स्तर से नीचे फिसलकर एक सप्ताह के निचले स्तर पर आ गई। दोनों महाशक्तियों के बीच तकनीकी पाबंदियों, दुर्लभ खनिजों (रेयर अर्थ) की आपूर्ति और मौजूदा व्यापार युद्ध विराम के विस्तार पर किसी ठोस सहमति की उम्मीदें फिलहाल बेहद सीमित हैं। इस बीच स्विस नेशनल बैंक (SNB) ने अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर को 0% पर अपरिवर्तित रखा है। स्विस केंद्रीय बैंक ने वर्ष 2026 के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान 0.6% से बढ़ाकर 0.7% कर दिया है और स्पष्ट किया है कि घरेलू अर्थव्यवस्था के लिए प्रमुख जोखिम वैश्विक आर्थिक विकास की अनिश्चित परिस्थितियों से जुड़ा हुआ है।















