महाराष्ट्र के ठाणे जिले के उल्हासनगर से अंधविश्वास और कथित तांत्रिक क्रियाओं के नाम पर लाखों की ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। एक महिला को परिवार पर संकट और अनिष्ट का डर दिखाकर उससे भारी नकदी और सोने के जेवरात ऐंठने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इतना ही नहीं, संकट निवारण और अघोरी तंत्र के बहाने पीड़िता के घर के अंदर बने पूजा स्थल में गड्ढा खोदकर रहस्यमयी वस्तुएं दफनाने का दावा भी किया गया है। पीड़िता का कहना है कि घर में हुई यह पूरी संदिग्ध गतिविधि वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में दर्ज हो चुकी है।
उल्हासनगर कैंप नंबर-5 से पुलिस तक पहुंचा विवाद
यह मामला उल्हासनगर कैंप नंबर-5 का है, जहां की रहने वाली रेखा सुनील भोईर ने हिललाइन पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत देकर इंसाफ की गुहार लगाई है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में तीन व्यक्तियों पम्मी गुरु, बब्बू गुरु और गणेश पवार उर्फ गणेश गुरु को नामजद किया है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई है। शिकायत के मुताबिक, इन तीनों लोगों ने तंत्र-मंत्र, वशीकरण और अघोरी विद्या के जरिए परिवार के सामने आने वाले भारी संकट को टालने का झांसा दिया। धीरे-धीरे उन्होंने महिला के मन में ऐसा खौफ पैदा कर दिया कि वह उनके कहे अनुसार चलने को मजबूर हो गई।
डर और धमकी के साये में 4 लाख रुपये और सोने के गहने वसूले
पीड़िता रेखा सुनील भोईर ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने लगातार यह चेतावनी दी कि यदि उनकी बताई रस्में पूरी नहीं की गईं और तय रकम नहीं दी गई, तो उनके परिवार के साथ बहुत बड़ा अनिष्ट हो जाएगा। परिवार की सुरक्षा के खौफ में महिला से कथित तौर पर करीब 4 लाख रुपये की नकद राशि और बेशकीमती सोने के आभूषण ले लिए गए। शिकायत में यह भी दर्ज कराया गया है कि जब पीड़िता ने आगे पैसे देने से इनकार करने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उसे और उसके परिजनों के साथ भयानक अनहोनी होने की धमकियां दीं। डर के इसी सिलसिले में महिला अपनी गाढ़ी कमाई और जेवर गंवाती चली गई।
पूजा घर में गड्ढा खोदकर वस्तुएं दबाईं, सीसीटीवी और डिजिटल साक्ष्य मौजूद
इस पूरे मामले की सबसे चौंकाने वाली कड़ी घर के मंदिर यानी देवघर से जुड़ी है। पीड़िता के मुताबिक, आरोपियों ने तथाकथित अघोरी विधि के नाम पर घर के पूजा स्थल के फर्श पर गड्ढा खोदा और उसमें कुछ अज्ञात एवं रहस्यमयी सामग्री दफना दी। महिला का दावा है कि आरोपियों द्वारा मंदिर में गड्ढा खोदने और उसमें चीजें दबाने का पूरा घटनाक्रम घर के भीतर सक्रिय सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है। इसके अलावा, पीड़िता ने बताया कि उसके पास आरोपियों के साथ हुए आर्थिक लेन-देन, फोन पर हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग और संदेशों के रूप में कई अन्य ठोस सबूत भी मौजूद हैं, जो उसने जांच अधिकारियों के सामने पेश करने की बात कही है।
जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग
पीड़िता ने हिललाइन पुलिस से आग्रह किया है कि घर के सीसीटीवी फुटेज, बैंक व अन्य आर्थिक लेन-देन और मोबाइल फोन की बातचीत की गहनता से पड़ताल की जाए। साथ ही आरोपियों द्वारा कथित रूप से लिए गए सोने के आभूषणों और 4 लाख रुपये की बरामदगी की दिशा में कदम उठाए जाएं। महिला ने मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराकर सभी नामजद व्यक्तियों पर उचित धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस को दी गई इस शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है और पुलिस की आधिकारिक जांच के निष्कर्षों का इंतजार किया जा रहा है।
महाराष्ट्र में अंधविश्वास से ठगी का पूर्व इतिहास
अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के बहाने भोले-भाले लोगों को आर्थिक चपत लगाने का यह पहला वाकया नहीं है। इससे पहले महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में भी अंधविश्वास के जाल में फंसाकर ठगी का एक बड़ा रैकेट पकड़ा गया था। उस मामले में खुद को चमत्कारी और दैवीय शक्तियों से संपन्न बताने वाली एक मुख्य महिला आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। चंद्रपुर में आरोपी महिला ने धूनी का पाउडर देने, पवित्र चिट्ठी के प्रयोग और पूजा-पाठ के नाम पर एक अन्य महिला को झांसे में लेकर 25.90 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि ठग ली थी।





















