अडानी समूह की थर्मल पावर उत्पादन कंपनी अडानी पावर के शेयरों में गुरुवार के कारोबारी सत्र के दौरान तेजी दर्ज की गई। यह उछाल प्रमुख घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल द्वारा शेयर पर कवरेज शुरू करते हुए 'बाय' यानी खरीदारी की रेटिंग देने के बाद देखने को मिला है। ब्रोकरेज हाउस ने कंपनी के महत्वाकांक्षी विस्तार प्रोजेक्ट्स, संकटग्रस्त पावर प्लांटों के अधिग्रहण और पुनरुद्धार के मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड तथा परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में प्रवेश की संभावनाओं को देखते हुए इस थर्मल पावर स्टॉक पर अपना सकारात्मक नजरिया पेश किया है।
टारगेट प्राइस और वैल्यूएशन का पूरा गणित
मोतीलाल ओसवाल ने अपनी शोध रिपोर्ट में अडानी पावर के शेयर के लिए 250 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज ने वित्तीय वर्ष 2028-29 (FY29E) के अनुमानित एबिटडा (EBITDA) के 16 गुना (16x) मल्टीपल पर कंपनी का मूल्यांकन किया है। इसके अलावा, कंपनी के विभिन्न निवेशों से प्रति शेयर 1 रुपये का अतिरिक्त मूल्य जोड़ा गया है। इन दोनों योगदानों के कुल योग में से शुद्ध कर्ज (Net Debt) को समायोजित करने के बाद 250 रुपये का फेयर वैल्यू या टारगेट प्राइस निकलकर आता है।
वर्तमान में अडानी पावर का शेयर वित्तीय वर्ष 2028-29 के अनुमानित एंटरप्राइज वैल्यू से एबिटडा (EV/EBITDA) के 13.8 गुना मल्टीपल पर कारोबार कर रहा है। वित्तीय अनुमानों की बात करें तो ब्रोकरेज का मानना है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2028-29 (FY26-29E) के दौरान कंपनी का एबिटडा 21 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ेगा। इसी अवधि के दौरान कंपनी के कर पश्चात लाभ (PAT) में 9 प्रतिशत की सीएजीआर से वृद्धि होने का अनुमान व्यक्त किया गया है।
क्षमता विस्तार की योजनाएं और बाजार में स्थिति
अडानी पावर देश की सबसे बड़ी निजी थर्मल पावर उत्पादक कंपनी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) तक कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता लगभग 18 गीगावाट (GW) के स्तर पर पहुंचने का अनुमान है। इस क्षमता के साथ अडानी पावर भारत में कुल निजी कोयला और लिग्नाइट आधारित बिजली उत्पादन क्षमता का 24 प्रतिशत हिस्सा संभालेगी, जबकि देश की कुल समग्र कोयला व लिग्नाइट पावर क्षमता में इसकी हिस्सेदारी 8 प्रतिशत होगी।
कंपनी आने वाले वर्षों में चरणबद्ध तरीके से अपनी क्षमता में बड़ा इजाफा करने जा रही है। ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार, अडानी पावर वित्तीय वर्ष 2026-27 (FY27) में 1.3 गीगावाट, वित्तीय वर्ष 2027-28 (FY28) में 1.6 गीगावाट और वित्तीय वर्ष 2028-29 (FY29) में 3.2 गीगावाट की अतिरिक्त क्षमता जोड़ेगी। इस तरह तीन वर्षों में कुल 6.1 गीगावाट की नई थर्मल क्षमता प्रणाली में शामिल की जाएगी।
प्रतिस्पर्धी माहौल और उद्योग का परिदृश्य
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) की योजनाओं के तहत देश में 86 गीगावाट की थर्मल क्षमता का विस्तार प्रस्तावित है। इस नए कैपेसिटी बिल्ड-आउट में अडानी पावर को मुख्य लाभार्थी माना जा रहा है, क्योंकि क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी माहौल काफी सीमित है। ब्रोकरेज रिपोर्ट में ध्यान दिलाया गया है कि सरकारी क्षेत्र की एनटीपीसी (NTPC) मुख्य रूप से विनियमित टैरिफ-लिंक्ड परियोजनाओं में ही भाग लेती है।
दूसरी तरफ, अन्य प्रमुख निजी प्रतिस्पर्धियों का ध्यान अलग क्षेत्रों पर है। टाटा पावर (Tata Power) का मुख्य ध्यान रिन्यूएबल एनर्जी यानी नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार पर केंद्रित है, जबकि जेएसडब्ल्यू एनर्जी (JSW Energy) के पास पहले से ही थर्मल और रिन्यूएबल दोनों क्षेत्रों में अपनी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की एक लंबी सूची मौजूद है। ऐसी स्थिति में अडानी पावर के पास स्वतंत्र रूप से नए थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स हासिल करने और विस्तार करने का अनुकूल अवसर बना हुआ है।
शेयर बाजार में आज के कारोबार की स्थिति
गुरुवार को सुबह 10:14 बजे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर अडानी पावर का शेयर 0.99 प्रतिशत की बढ़त के साथ 209.30 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा था। उस समय कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण (Market Cap) 4,03,628.66 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
कारोबारी सत्र के दौरान अडानी पावर के शेयर ने 211.35 रुपये प्रति शेयर का इंट्राडे उच्च स्तर (Intraday High) छुआ, जबकि इसका निचला स्तर (Intraday Low) 208.50 रुपये प्रति शेयर रहा। शेयर में आया यह उछाल ब्रोकरेज की बुलिश रिपोर्ट के बाद निवेशकों के बढ़े भरोसे को दर्शाता है।



















