विदेशी मुद्रा बाजार में जापानी येन में चल रही तीव्र उठापटक के बीच जापान सरकार ने विनिमय दरों को स्थिर रखने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। जापानी वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा ने सोमवार को कहा कि अमेरिका के साथ हुआ संयुक्त विदेशी मुद्रा समझौता पूरी तरह बरकरार है और यदि मुद्रा बाजार में अत्यधिक तथा अव्यवस्थित गतिविधियां देखी जाती हैं, तो सरकार आवश्यक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले जापानी येन पर दबाव बना हुआ है और विनिमय दर में स्थिरता बनाए रखना नीति निर्माताओं की प्राथमिकताओं में शामिल हो गया है।
मुद्रा की चाल और सरकारी रुख पर वित्त मंत्री की टिप्पणी
वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा ने किसी विशिष्ट मुद्रा स्तर पर सीधा रुख व्यक्त करने से परहेज किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वे विदेशी मुद्रा के मौजूदा स्तरों को न तो अच्छा बता सकती हैं और न ही बुरा। हालांकि, उन्होंने इस बात पर बल दिया कि बाजार के लिए अव्यवस्थित और अशांत उतार-चढ़ाव से बचना अत्यंत आवश्यक है। वित्त मंत्री ने उल्लेख किया कि बाजार की मौजूदा परिस्थितियां पहले की तुलना में बेहतर हुई हैं, लेकिन विदेशी मुद्रा बाजार में स्थायित्व बनाए रखना आर्थिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, कातायामा ने राजस्व अनुमानों की सटीकता बढ़ाने और कर संग्रह प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता लाने के प्रशासनिक प्रयासों पर भी जोर दिया।
प्रधानमंत्री ताकाइची की चिंता और कमजोर येन की चुनौतियां
जापान के शीर्ष नेतृत्व में मुद्रा के मूल्यांकन को लेकर गंभीर विमर्श चल रहा है। प्रधानमंत्री ताकाइची ने कहा है कि येन का अत्यधिक अवमूल्यन देश की अर्थव्यवस्था के लिए नई समस्याएं और चुनौतियां उत्पन्न करता है। जब राष्ट्रीय मुद्रा कमजोर होती है, तो आयात पर निर्भर रहने वाले जापानी उद्योगों और उपभोक्ताओं के लिए कच्चे माल, ऊर्जा और वस्तुओं की लागत बढ़ जाती है। यही कारण है कि सरकारी गलियारों में मुद्रा की अत्यधिक कमजोरी को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। हालांकि नीति निर्माता लगातार संतुलित रुख अपना रहे हैं, लेकिन बाजार के असंतुलन को रोकने के लिए निगरानी बेहद कड़ी कर दी गई है।
विदेशी मुद्रा बाजार में येन की स्थिति और अमेरिकी डॉलर की चाल
सोमवार को एशियाई व्यापार सत्र के दौरान विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में दबाव देखने को मिला। यूएसडी/जेपीवाई (USD/JPY) करेंसी पेअर 0.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 157.80 के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले शुक्रवार को यह पेअर 157.00 के निचले स्तर तक फिसला था, जहां से सोमवार को इसने फिर से सकारात्मक गति पकड़ी। बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा अगली ब्याज दर वृद्धि के समय को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे येन की धारणा प्रभावित हो रही है। दूसरी ओर, पश्चिम एशिया में कूटनीतिक वार्ताओं की उम्मीदों के चलते सुरक्षित निवेश माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर की तेजी भी एक सीमित दायरे में सिमट गई है, जबकि निवेशकों में यह अटकलें भी तेज हैं कि जापानी अधिकारी मुद्रा को सहारा देने के लिए बाजार में दखल दे सकते हैं।
बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति और वैश्विक नीतिगत अंतर
जापानी येन दुनिया की सबसे अधिक कारोबार वाली प्रमुख मुद्राओं में शामिल है। इसका मूल्य व्यापक स्तर पर जापानी अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन, बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक दिशा, अमेरिकी और जापानी बॉन्ड प्रतिफल के बीच के अंतर तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार में जोखिम की भावना से तय होता है। बैंक ऑफ जापान के प्रमुख दायित्वों में मुद्रा का स्थायित्व सुनिश्चित करना शामिल है। अतीत में भी केंद्रीय बैंक ने मुद्रा बाजार में सीधे हस्तक्षेप किए हैं, हालांकि प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के राजनीतिक सरोकारों के कारण वह बार-बार ऐसा कदम उठाने से बचता रहा है। वर्ष 2013 से 2024 के बीच बैंक ऑफ जापान की अत्यंत ढीली मौद्रिक नीति (अल्ट्रा-लूज मॉनेटरी पॉलिसी) के कारण येन में अन्य वैश्विक मुद्राओं की तुलना में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। इस अवधि में अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों, विशेषकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी से 10 वर्षीय अमेरिकी और जापानी सरकारी बॉन्ड के प्रतिफल का अंतर काफी चौड़ा हो गया था, जिसने अमेरिकी डॉलर को येन के मुकाबले मजबूत बनाए रखा। हालांकि, वर्ष 2024 में बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी अत्यधिक ढीली मौद्रिक नीति को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के निर्णय और अन्य केंद्रीय बैंकों में दरों में कटौती की संभावनाओं ने इस अंतर को कम करना शुरू किया है, जिससे येन को कुछ सहारा भी मिला है।
वैश्विक जोखिम, सुरक्षित निवेश और कमोडिटी बाजार
अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली में जापानी येन को पारंपरिक रूप से संकट के समय सुरक्षित पनाहगाह (सेफ-हेवन) के तौर पर देखा जाता है। जब भी वैश्विक बाजारों में तनाव या अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक विश्वसनीयता और स्थिरता के चलते अपनी पूंजी येन में स्थानांतरित करना पसंद करते हैं। वैश्विक बाजार के अन्य क्षेत्रों में, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) ने एशियाई सत्र में शुरुआती गिरावट से उबरते हुए मजबूती दिखाई। ईरान को लेकर कूटनीतिक प्रगति की नई उम्मीदों ने निवेशकों के भरोसे को बढ़ाया, जिससे सुरक्षित निवेश वाले अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना और जोखिम-संवेदनशील ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को बल मिला। हालांकि, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के आगामी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले निवेशक सतर्क नजर आए और भाव पिछले गुरुवार के एक महीने के उच्चतम स्तर से नीचे ही रहे। वहीं सोने की कीमतों में भी सप्ताह की शुरुआत सकारात्मक रही। शुक्रवार को अक्टूबर 2025 के बाद के अपने निचले स्तर पर पहुंचने के बाद सर्राफा बाजार में हल्की रिकवरी दर्ज की गई, क्योंकि डॉलर की मजबूती पर कूटनीतिक उम्मीदों ने लगाम लगाई। हालांकि, फेडरल रिजर्व द्वारा संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी के दावों और महीने की शुरुआत में आने वाले अहम अमेरिकी व्यापक आर्थिक आंकड़ों, जिनमें आईएसएम मैन्युफैक्चरिंग तथा शुक्रवार को जारी होने वाली गैर-कृषि पेरोल (NFP) रिपोर्ट शामिल हैं, पर निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं।

















