अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग रिंग में भारत की युवा मुक्केबाज अरुंधति चौधरी ने एक बार फिर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है। फिनलैंड में 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित प्रतिष्ठित तम्मेर कप बॉक्सिंग टूर्नामेंट में अरुंधति ने शानदार मुक्केबाजी करते हुए गोल्ड मेडल जीता। राजस्थान के कोटा की रहने वाली अरुंधति ने टूर्नामेंट के शुरुआती दौर से लेकर खिताबी मुकाबले तक लगातार तीन फाइट्स में जीत दर्ज कर यह मुकाम हासिल किया।
क्वार्टर फाइनल से फाइनल तक का अजेय सफर
कोटा महाबली स्पोर्ट्स एकेडमी से जुड़ी अरुंधति चौधरी ने प्रतियोगिता के पहले ही मुकाबले से आक्रामक रणनीति अपनाई। उनके बेसिक कोच अशोक गौतम के अनुसार टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में अरुंधति का सामना मेजबान फिनलैंड की मुक्केबाज विलमा कूसीक्को से हुआ। इस मुकाबले में अरुंधति ने विपक्षी खिलाड़ी पर शुरू से दबाव बनाए रखा और जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की।
सेमीफाइनल में अरुंधति की भिड़ंत न्यूजीलैंड की मुक्केबाज बीलोओलुना से हुई। इस मुकाबले में भी उन्होंने अपने बेहतरीन पंचों और मजबूत डिफेंस के दम पर विपक्षी खिलाड़ी को संभलने का मौका नहीं दिया और मुकाबला जीतकर सीधे फाइनल का टिकट कटा लिया।
फाइनल में आयरलैंड की खिलाड़ी को दी मात
स्वर्ण पदक के लिए हुए खिताबी मुकाबले में अरुंधति का सामना आयरलैंड की मुक्केबाज एवलिन ईघरो से हुआ। रिंग में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, लेकिन भारतीय मुक्केबाज ने सटीक वार करते हुए मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी। अरुंधति ने यह फाइनल मुकाबला 4-1 के अंतर से जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। लगातार तीन मुकाबले जीतकर उन्होंने पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल किया।
ओलंपिक भार वर्ग के शीर्ष आठ खिलाड़ियों में मुकाबला
तम्मेर कप अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित बॉक्सिंग प्रतियोगिताओं में गिना जाता है। इस आयोजन में ओलंपिक भार वर्ग के शीर्ष आठ खिलाड़ियों ने अलग-अलग देशों का प्रतिनिधित्व किया। भारत की ओर से इस पूरे टूर्नामेंट में सात महिला और सात पुरुष मुक्केबाजों के दल ने हिस्सा लिया था। ऐसे कड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के बीच अरुंधति ने तीनों बाउट्स जीतकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
कोटा में जश्न का माहौल, परिजनों और कोच ने दी बधाई
अरुंधति की इस अंतरराष्ट्रीय सफलता की खबर मिलते ही कोटा में खुशी का माहौल बन गया। कोटा बॉक्सिंग संघ के अध्यक्ष और अरुंधति के पिता सुरेश चौधरी तथा माता सुनीता चौधरी ने बेटी की इस शानदार जीत पर खुशी व्यक्त की। कोच अशोक गौतम और खेल जगत से जुड़े लोगों ने भी उन्हें बधाई दी और भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं।
























