मध्य और पूर्वी यूरोप (सीईई) की वित्तीय संपत्तियों और मुद्राओं के सामने इस सप्ताह कई आर्थिक परीक्षण हैं, जहां ऊर्जा कीमतों के झटके और नीतिगत रुख के कारण विदेशी मुद्रा बाजार में दबाव की स्थिति बनी हुई है। क्षेत्रीय केंद्रीय बैंकों की बैठकों, आगामी ब्याज दर फैसलों और कई प्रमुख देशों के मुद्रास्फीति आंकड़ों के मद्देनजर निवेशकों की नजर विभिन्न करेंसी जोड़ों और सरकारी बांडों के प्रतिफल पर टिकी हुई है। इसी के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक हलचलों, जिंस बाजार की चाल और डिजिटल परिसंपत्तियों में भी निरंतर फेरबदल देखने को मिल रहा है।
तुर्की और मध्य यूरोपीय देशों में महंगाई के अनुमान
तुर्की में अक्टूबर महीने के मुद्रास्फीति आंकड़े जारी होने वाले हैं, जहां अनुमानों के अनुसार मासिक आधार पर महंगाई दर 1.8 प्रतिशत से बढ़कर 2.4 प्रतिशत पर पहुंच सकती है। हालांकि, वार्षिक आधार पर इस दर के थोड़ा नरम होकर 29.6 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई जा रही है। लगातार बनी हुई ऊंची लागत और मूल्य दबाव क्षेत्रीय व्यापार और विदेशी मुद्रा विनिमय दरों पर गहरा प्रभाव डाल रहे हैं।
सप्ताह के मध्य में बुधवार को हंगरी के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े सामने आएंगे, जिनका सीधा असर देश की आर्थिक गतिविधियों के आकलन पर पड़ेगा। इसी दिन चेक गणराज्य के अक्टूबर महीने के महंगाई आंकड़े भी घोषित किए जाएंगे। चेक अर्थव्यवस्था के लिए हेडलाइन मुद्रास्फीति 2.5 प्रतिशत से बढ़कर 2.6 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि कोर मुद्रास्फीति 3.1 प्रतिशत से चढ़कर 3.3 प्रतिशत तक जा सकती है। यह निरंतर वृद्धि घरेलू मूल्य तंत्र पर बने दबाव को रेखांकित करती है।
केंद्रीय बैंकों के रुख: पोलैंड और चेक गणराज्य में मौद्रिक नीतियां
क्षेत्र के प्रमुख नीति निर्माताओं में नेशनल बैंक ऑफ पोलैंड अपनी आगामी बैठक में ब्याज दरों को 3.75 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रख सकता है। इसके साथ ही बैंक अपना नया आर्थिक पूर्वानुमान भी प्रस्तुत करेगा। पोलिश नीति चक्र के संदर्भ में अनुमान है कि पहली ब्याज दर वृद्धि 2027 की पहली तिमाही से पहले देखने को नहीं मिलेगी, जिससे पोलैंड का मौद्रिक दृष्टिकोण लंबे समय तक स्थिर रहने के संकेत मिल रहे हैं।
दूसरी ओर गुरुवार को चेक नेशनल बैंक (सीएनबी) का फैसला आने की संभावना है। चेक केंद्रीय बैंक द्वारा अपनी नीतिगत दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि करके इसे 4.00 प्रतिशत पर पहुंचाने और अपना नया पूर्वानुमान जारी करने की उम्मीद है। चेक अर्थव्यवस्था में 100 आधार अंकों की मौद्रिक सख्ती पहले से ही बाजार भावों में समाहित मानी जा रही है। ऐतिहासिक तौर पर देखा गया है कि सीएनबी की बैठकों के बाद चेक कोरुना में हल्की कमजोरी आने की प्रवृत्ति रहती है, जिसके कारण मुद्रा जोड़ी EUR/CZK के दोबारा 24.350 के स्तर से थोड़ा ऊपर जाने की संभावना जताई जा रही है, जबकि वर्तमान में यह जोड़ी 24.300 से 24.350 के दायरे में कारोबार कर रही है।
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार: डॉलर, येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की स्थिति
वैश्विक मंच पर अमेरिकी डॉलर और अन्य प्रमुख मुद्राओं के बीच द्विपक्षीय समीकरण लगातार बदल रहे हैं। सोमवार को एशियाई कारोबारी सत्र की गिरावट से उबरते हुए AUD/USD ने सकारात्मक वापसी की। पश्चिम एशिया में कूटनीतिक प्रगति को लेकर बढ़ी उम्मीदों ने निवेशकों के जोखिम लेने की क्षमता को सहारा दिया, जिससे सुरक्षित पनाहगाह माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना और जोखिम-संवेदनशील ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को बढ़त मिली। हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पिछले गुरुवार को छुए गए एक महीने के उच्चतम स्तर से नीचे बना हुआ है, क्योंकि बाजार भागीदार रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (आरबीए) के महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय से पहले नई पोजिशन लेने से बच रहे हैं।
जापानी मुद्रा के मोर्चे पर USD/JPY जोड़ी ने नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत में बढ़त हासिल की और शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान (बीओजे) के बाद दर्ज किए गए 157.00 से नीचे के निचले स्तर से उबरते हुए एशियाई सत्र के दौरान 158.00 के करीब पहुंच गई। जापान की वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा द्वारा विदेशी मुद्रा बाजार में संभावित हस्तक्षेप की ताजा चेतावनी के बावजूद येन पर बिक्री का दबाव बना रहा और डॉलर मजबूत होता दिखा।
सोने में सुस्ती और डॉजकॉइन पर गहराता तकनीकी दबाव
जिंस बाजार में सोने ने अपनी शुरुआती सीमित बढ़त का कुछ हिस्सा गंवा दिया और सोमवार के शुरुआती यूरोपीय कारोबारी सत्र में यह 3,900 डॉलर प्रति औंस के स्तर से थोड़ा नीचे कारोबार करता नजर आया। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव समाप्त करने की कूटनीतिक संभावनाओं से अमेरिकी डॉलर में नई बिकवाली देखी गई, जिससे पीली धातु को कुछ सहारा मिला। दूसरी ओर, ऊर्जा लागत से उपजी महंगाई के चलते अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाएं अभी भी बरकरार हैं। बिना ब्याज देने वाली इस सुरक्षित धातु पर ऊंची दरों की आशंका भारी पड़ रही है, जिसके चलते सोना शुक्रवार को छुए गए अक्टूबर 2025 के निचले स्तर के समीप ही बना हुआ है।
डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में मीम क्रिप्टोकरेंसी डॉजकॉइन सितंबर के अंत से लगातार पांचवें सप्ताह गिरते हुए सोमवार को लगभग 0.075 डॉलर के आसपास टिकी रही। सेंटीमेंट के आंकड़ों के अनुसार, इस टोकन में बड़े और मध्यम धारकों की गतिविधियों में विरोधाभास देखा जा रहा है। अत्यधिक बड़ी होल्डिंग वाले व्हेल निवेशक अपनी हिस्सेदारी घटा रहे हैं, जबकि अपेक्षाकृत छोटे व्हेल वॉलेट टोकन जमा करने में लगे हैं। घटते ऑन-चेन मैट्रिक्स और बिगड़ते तकनीकी परिदृश्य के कारण डॉजकॉइन में आगे और गिरावट आने की आशंका बनी हुई है।


















