अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में न्यू ज़ीलैंड डॉलर में लगातार चार सप्ताह की बिकवाली के बाद मंगलवार को तेज उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। करेंसी पेयर NZD/USD फिसलकर 0.5700 के स्तर से नीचे आ गया, जो जुलाई की शुरुआत के बाद इसका 11 हफ्तों का सबसे निचला स्तर है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी के कारण मुद्रा में निचले स्तरों से त्वरित रिकवरी देखी गई और यह वापस 0.5700 से 0.5800 के ट्रेडिंग दायरे में लौट आया। यह दायरा 16 सितंबर से लगातार बना हुआ है और फिलहाल यह करेंसी पेयर इस रेंज के निचले हिस्से में कारोबार कर रहा है। 18 सितंबर के बाद से आई प्रत्येक तेजी 0.5800 के उच्चतम स्तर के नीचे ही सीमित रही है।
घरेलू आर्थिक विकास और ब्याज दरों का अंतर
न्यू ज़ीलैंड की घरेलू अर्थव्यवस्था के आंकड़े हाल ही में सकारात्मक रहे हैं। स्टैटिस्टिक्स न्यू ज़ीलैंड की 17 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक दूसरी तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था 0.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी। यह आंकड़ा अर्थशास्त्रियों के 0.1 प्रतिशत के अनुमान और रिज़र्व बैंक ऑफ़ न्यू ज़ीलैंड (RBNZ) के शून्य वृद्धि के अनुमान से बेहतर रहा। सालाना आधार पर विकास दर 2.6 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि बाजार को 2.2 प्रतिशत की उम्मीद थी। RBNZ का अनुमान है कि 2026 के शेष समय में मुद्रास्फीति 3 प्रतिशत से ऊपर बनी रहेगी, और इसी आधार पर केंद्रीय बैंक अपनी दरों में बढ़ोतरी का रुख बनाए हुए है।
इतने मजबूत आर्थिक आंकड़ों के बावजूद करेंसी पेयर में ज्यादा तेजी नहीं आ सकी, क्योंकि इससे ठीक एक दिन पहले अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की थी। न्यू ज़ीलैंड की मुख्य ब्याज दर यानी ऑफिशियल कैश रेट (OCR) 2 सितंबर से 2.75 प्रतिशत पर स्थिर है। RBNZ के गवर्नर ब्रेमन ने उस समय स्पष्ट किया था कि दरों में एक और बढ़ोतरी संभव है, लेकिन इसका समय पूरी तरह अनिश्चित है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया था कि मौजूदा दरें अभी भी उदार यानी अकोमोडेटिव हैं, जिसका अर्थ है कि वे अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी करने के बजाय उसे समर्थन दे रही हैं। बैंक के अपने दर अनुमानों के अनुसार 28 अक्टूबर की समीक्षा में दरों में बदलाव नहीं होगा, जबकि दिसंबर में अगली बढ़ोतरी का संकेत मिलता है।
दूसरी ओर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व का मिडपॉइंट 3.875 प्रतिशत पर पहुंच चुका है। इसका सीधा मतलब यह है कि कीवी मुद्रा में जमा राशि पर अमेरिकी डॉलर की तुलना में 1.125 प्रतिशत कम ब्याज मिल रहा है। यदि RBNZ दिसंबर में एक चौथाई प्रतिशत यानी 0.25 प्रतिशत की वृद्धि करता भी है, तब भी यह अंतर लगभग एक प्रतिशत का बना रहेगा। ब्याज दरों का यह भारी फासला अमेरिकी डॉलर को लगातार मजबूत बनाए हुए है और कीवी डॉलर की बढ़त पर लगाम लगा रहा है।
कच्चे तेल की नरमी और आयात बिल का असर
मंगलवार को जब करेंसी पेयर में निचले स्तरों से सुधार आया, उस समय ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे कारोबार कर रहा था। इसके अलावा, ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए एक सशर्त प्रस्ताव पेश किए जाने के बाद कच्चे तेल में और गिरावट देखी गई। लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, कमोडिटी सेशन क्लोज-बेल पर क्रूड ऑयल (CL=F) 89.62 डॉलर पर आ गया, जो पिछले बंद भाव 95.78 डॉलर की तुलना में 6.43 प्रतिशत की तेज गिरावट दर्शाता है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 54.98 डॉलर से 119.48 डॉलर के बीच रहा है।
न्यू ज़ीलैंड अपनी जरूरत का पूरा पेट्रोल और डीजल विदेशों से आयात करता है। दूसरी तिमाही में देश के भीतर महंगाई दर बढ़कर 4.1 प्रतिशत तक पहुंच गई थी, जिसमें ईंधन की ऊंची कीमतों का बड़ा हाथ था। कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय भाव घटने से देश का आयात बिल घट जाता है। इसका व्यावहारिक अर्थ यह है कि ईंधन आयात के भुगतान के लिए अमेरिकी डॉलर खरीदने के वास्ते विदेशी मुद्रा बाजार में कम न्यू ज़ीलैंड डॉलर बेचने पड़ते हैं। इस संतुलन ने कीवी मुद्रा को त्वरित सहारा दिया।
कमोडिटी के तकनीकी संकेतकों को देखें तो क्रूड ऑयल का 14-दिवसीय आरएसआई 45 के स्तर पर है। एमएसीडी 3.57 पर है, जो सिग्नल लाइन 4.22 से नीचे होने के कारण मंदी का रुझान दिखाता है। 20-दिवसीय ईएमए 94.40 डॉलर, 50-दिवसीय ईएमए 89.38 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 79.60 डॉलर दर्ज किया गया है। 50-दिवसीय एसएमए 87.12 डॉलर और 200-दिवसीय एसएमए 81.02 डॉलर पर है, जो लंबी अवधि के अपट्रेंड और गोल्डन क्रॉस को बनाए हुए है। 20-दिवसीय बॉलिंजर बैंड 78.68 डॉलर से 108.34 डॉलर के बीच फैला है, जिसका मध्य बिंदु 93.51 डॉलर है। एडीएक्स 31 पर ट्रेंडिंग स्थिति दर्शाता है, जबकि स्टोकेस्टिक फास्ट लाइन 5 और सिग्नल लाइन 41 पर है। 14-दिवसीय एटीआर 4.57 डॉलर पर दैनिक अस्थिरता दर्शाता है। तेल के लिए 20-दिवसीय सपोर्ट 79.62 डॉलर और रेजिस्टेंस 106.75 डॉलर पर है, जबकि तात्कालिक पिवट 89.75 डॉलर, रेजिस्टेंस 89.87 डॉलर व 90.13 डॉलर और सपोर्ट 89.49 डॉलर व 89.37 डॉलर पर आंका गया है।
चीन-अमेरिका शिखर सम्मेलन और क्षेत्रीय आर्थिक आंकड़े
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 23 से 25 सितंबर तक वाशिंगटन के दौरे पर हैं और गुरुवार को व्हाइट हाउस में उनकी मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से होगी। वर्ष 2015 के बाद किसी चीनी राष्ट्रप्रमुख की यह पहली राजकीय अमेरिकी यात्रा है। न्यू ज़ीलैंड के दृष्टिकोण से यह कूटनीतिक बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि चीन उसका सबसे बड़ा निर्यात बाजार है। यदि दोनों देशों के बीच किसी समझौते के तहत चीनी सामानों पर अमेरिकी टैरिफ में नरमी आती है, तो इससे चीन में न्यू ज़ीलैंड के डेयरी और मांस उत्पादों की मांग को बड़ा समर्थन मिलेगा। वैश्विक मुद्रा व्यापारी अक्सर इस व्यापारिक परिदृश्य के प्रॉक्सी के रूप में कीवी डॉलर की खरीदारी करते हैं। इस शिखर वार्ता की तारीख तय है, लेकिन इसका नतीजा अनिश्चित है, और मंगलवार को बाजार में दिखी रिकवरी तभी टिक पाएगी जब यह वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़े।
इसके साथ ही, ऑस्ट्रेलिया का अगस्त महीने का रोजगार डेटा गुरुवार को 01:30 जीएमटी पर जारी होना है, जिसमें 20,000 नई नौकरियों के जुड़ने का अनुमान है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और न्यू ज़ीलैंड डॉलर ऐतिहासिक रूप से एक साथ आगे बढ़ते हैं। रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया (RBA) की बैठक 29 सितंबर को होनी है, जिसमें ब्याज दरों में एक और वृद्धि पर चर्चा की जाएगी। यदि ऑस्ट्रेलियाई रोजगार के आंकड़े मजबूत आते हैं, तो यह दोनों मुद्राओं को गति देगा और न्यू ज़ीलैंड की घरेलू स्थिति में बदलाव के बिना ही कीवी डॉलर को अपनी ट्रेडिंग रेंज के ऊपरी स्तर तक धकेल सकता है।
तकनीकी स्तर और बाजार का रुझान
मुद्रा जोड़ी के तकनीकी ढांचे पर नजर डालें तो पहला रेजिस्टेंस 0.5750 पर स्थित है, जहां मंगलवार की तेजी थमी थी। इसके बाद प्रमुख बाधा 0.5800 पर है, जो 16 सितंबर से बनी ट्रेडिंग रेंज की ऊपरी सीमा है। इस दायरे से बाहर निकलने पर 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 0.5850 के पास मौजूद है, जिसे सितंबर की शुरुआत में नीचे टूटने के बाद से दोबारा नहीं परखा गया है।
सपोर्ट के मोर्चे पर 0.5700 का स्तर इस ट्रेडिंग रेंज का निचला सिरा है। मंगलवार को बाजार कुछ पिप्स के लिए इसके नीचे गया था, लेकिन जल्द ही वापस आ गया। यदि यह स्तर निर्णायक रूप से टूटता है, तो अगला बड़ा सपोर्ट जुलाई का निचला स्तर है, जो 0.5600 के ठीक ऊपर स्थित है।
मौजूदा तकनीकी बायस 0.5750 के नीचे मंदी का बना हुआ है। नीचे की ओर पहला लक्ष्य 0.5700 और दूसरा लक्ष्य 0.5600 के ठीक ऊपर जुलाई का निचला स्तर है। दैनिक स्टोकेस्टिक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (Stoch RSI) 6 के निचले स्तर पर आ चुका है और 16 सितंबर से वहीं सपाट बना हुआ है। यह दर्शाता है कि बिकवाली जरूरत से ज्यादा हो चुकी है। इसलिए तकनीकी मंदी के दृष्टिकोण में बदलाव किए बिना यह दायरा कुछ और कारोबारी सत्रों तक टिक सकता है। हालांकि, यदि दैनिक आधार पर 0.5800 के ऊपर क्लोजिंग मिलती है, तो यह मंदी का परिदृश्य अमान्य हो जाएगा।
वैश्विक मुद्राओं की स्थिति और केंद्रीय बैंकों की नीतियां
व्यापक विदेशी मुद्रा बाजार में जापानी येन (JPY) पर भी निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है। जापानी येन दुनिया की सबसे अधिक कारोबार वाली मुद्राओं में से एक है। इसका मूल्य जापानी अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन, बैंक ऑफ़ जापान (BoJ) की नीतियों, जापानी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के अंतर तथा बाजार में जोखिम धारणा से तय होता है। बैंक ऑफ़ जापान के मुख्य दायित्वों में मुद्रा नियंत्रण शामिल है, इसलिए इसके कदम येन के लिए निर्णायक होते हैं। हालांकि प्रमुख व्यापारिक साझेदारों की राजनीतिक चिंताओं के कारण केंद्रीय बैंक बार-बार हस्तक्षेप से बचता है, फिर भी उसने मुद्रा को कमजोर रखने के लिए समय-समय पर बाजार में सीधा दखल दिया है।
वर्ष 2013 से 2024 के बीच बैंक ऑफ़ जापान की अल्ट्रा-लूज मॉनेटरी पॉलिसी ने वैश्विक केंद्रीय बैंकों के साथ नीतिगत अंतर को बढ़ा दिया था, जिसके चलते येन में भारी गिरावट आई। विशेष रूप से अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख के कारण 10-वर्षीय अमेरिकी और जापानी बॉन्ड प्रतिफल का अंतर काफी चौड़ा हो गया था, जिससे अमेरिकी डॉलर को येन के मुकाबले मजबूती मिली। हालांकि 2024 में इस अति-उदार नीति को धीरे-धीरे समाप्त करने के BoJ के फैसले और अन्य प्रमुख बैंकों की दरों में कटौती ने इस अंतर को पाटने में मदद की है। बैंक ऑफ़ जापान ने हाल ही में 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर के लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है, जो मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में 31 साल के उच्चतम स्तर पर उठाया गया कदम है।
तनाव और अनिश्चितता के दौर में जापानी येन को अक्सर सुरक्षित निवेश यानी सेफ-हेवन माना जाता है। एशियाई कारोबारी सत्र में मंगलवार को USD/JPY लगभग 157.50 के आसपास मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था, जहां संभावित सरकारी हस्तक्षेप की आशंका ने येन के नुकसान को सीमित किया। वहीं, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) सोमवार की सुस्ती को बढ़ाते हुए प्रमुख 0.7100 के स्तर से नीचे फिसलकर तीन दिन के निचले स्तर पर आ गया। अमेरिकी डॉलर में मजबूती और ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन को लेकर बनी सतर्कता ने इस पर दबाव बनाए रखा। दूसरी ओर, सुरक्षित निवेश की मांग के चलते सोना अपनी बढ़त बनाए रखते हुए मंगलवार को 4,400 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम आंकड़े के करीब पहुंच गया, जिसे डॉलर की मजबूती और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भी समर्थन मिला।
















