वैश्विक वित्तीय बाजारों में मंगलवार को अमेरिकी डॉलर ने अपनी मजबूत बढ़त का सिलसिला जारी रखा, जिससे यह कई हफ्तों के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में अतिरिक्त बढ़ोतरी की लगातार बनी उम्मीदों ने ग्रीनबैक को सहारा दिया है। वहीं दूसरी ओर, अमेरिका, ईरान और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव को हल करने की संभावित बातचीत पर बाजार सहभागियों ने फिलहाल कोई खास सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी है। मुद्राओं, जिंसों और बॉन्ड प्रतिफल में चौतरफा हलचल देखी जा रही है क्योंकि निवेशक आगामी व्यापक आर्थिक आंकड़ों और कूटनीतिक वार्ताओं का इंतजार कर रहे हैं।
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 100 के पार और प्रमुख आर्थिक आंकड़े
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स यानी DXY ने अपनी तकनीकी और मनोवैज्ञानिक 100.00 की सीमा को पार करते हुए दो महीने के नए शिखर को छू लिया है। अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिफल में विभिन्न परिपक्वताओं पर मिला-जुला रुख रहने के बावजूद मुद्रा बाजार में डॉलर की मांग बनी हुई है। निवेशकों की निगाहें अब एसएंडपी ग्लोबल की ओर से जारी होने वाले विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के शुरुआती पीएमआई आंकड़ों पर टिकी हैं, जो अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति का संकेत देंगे। इसके अलावा, एमबीए मॉर्गेज आवेदनों के साप्ताहिक आंकड़े, अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन की साप्ताहिक कच्चे तेल भंडार रिपोर्ट, और फेडरल रिजर्व के अधिकारी बार का भाषण भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
पाउंड स्टर्लिंग और जापानी येन पर दबाव
अमेरिकी मुद्रा में मजबूती के चलते अन्य प्रमुख मुद्राओं पर दबाव साफ देखा गया। ब्रिटिश पाउंड बनाम अमेरिकी डॉलर यानी GBP/USD गिरकर जुलाई के अंत के स्तरों, लगभग 1.3320 तक नीचे आ गया। ब्रिटेन और यूरोप के निवेशक अब सितंबर महीने के शुरुआती एसएंडपी ग्लोबल विनिर्माण और सेवा पीएमआई आंकड़ों पर बारीक नजर रखे हुए हैं।
एशियाई कारोबारी सत्र में USD/JPY 157.50 के स्तर के करीब मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। मुद्रा बाजार में जापानी अधिकारियों द्वारा संभावित हस्तक्षेप के डर ने जापानी येन की गिरावट को कुछ हद तक थामने का प्रयास किया। बैंक ऑफ जापान ने अपनी अल्पकालिक ब्याज दर के लक्ष्य को 7-2 के बहुमत से 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। यह कदम मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और पड़ाव है और ब्याज दरों को 31 साल के उच्चतम स्तर पर ले आया है। हालांकि, व्यापक रूप से अनुमानित और नीतिगत रुख के अपेक्षाकृत नरम रहने के कारण येन खरीदारों को पूरी तरह मजबूती नहीं मिल सकी। दूसरी ओर, फेड का सख्त रुख और मध्य पूर्व में तनाव USD/JPY की जोड़ी को मजबूती दे रहे हैं।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की चाल और ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन पर नजर
एशियाई व्यापार सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने 0.7100 के ऊपर सकारात्मक रुख दिखाया। रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की सहायक गवर्नर सारा हंटर और गवर्नर मिशेल बुलॉक के सख्त बयानों के बाद AUD/USD में लिवाली देखी गई। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि मध्य पूर्व का बढ़ता तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व का आक्रामक दृष्टिकोण अमेरिकी डॉलर को सहारा देना जारी रखेगा, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त सीमित हो सकती है।
कूटनीतिक मोर्चे पर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग गुरुवार को वॉशिंगटन में एक अहम शिखर सम्मेलन के लिए मिलने वाले हैं। दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के शीर्ष नेताओं की यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बाजार इस बात पर करीबी नजर रखे हुए हैं कि क्या दोनों देश अपने मौजूदा व्यापारिक और कूटनीतिक समझौतों को आगे बढ़ाएंगे या फिर वैश्विक अर्थव्यवस्था नए सिरे से अनिश्चितता के दौर में प्रवेश करेगी।
कच्चे तेल में गिरावट और सोने में सुधार
ऊर्जा बाजार में, फ्रंट-मंथ डब्ल्यूटीआई क्रूड फ्यूचर्स ने अपनी जमीन खो दी और 90.00 डॉलर प्रति बैरल के अहम स्तर से नीचे गिरकर तीन सप्ताह के नए निचले स्तर पर पहुंच गया। इस तेज गिरावट का मुख्य कारण होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से सुरक्षित रूप से खोले जाने की नई उम्मीदें हैं, जिससे वैश्विक आपूर्ति बाधित होने का डर कुछ कम हुआ है।
दूसरी ओर, सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली पीली धातु सोने ने अपनी शुरुआती कमजोरी को पीछे छोड़ दिया। मंगलवार को सोने में अच्छी लिवाली लौटी और यह 4,400 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम स्तर के करीब कारोबार करता नजर आया। अमेरिकी डॉलर में मजबूती, मिश्रित ट्रेजरी प्रतिफल और मध्य पूर्व की भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच सोने की यह रिकवरी निवेशकों के सतर्क रुख को दर्शाती है।


















