यूरोपीय अर्थव्यवस्था को लेकर निवेशकों के रुख में अक्टूबर के दौरान सुस्ती दर्ज की गई है। यूरोज़ोन के सेंटिक्स निवेशक विश्वास सूचकांक में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली है, जो सितंबर के 5.1 के स्तर से फिसलकर अक्टूबर में 2.7 पर आ गया है। इस आंकड़े को वित्तीय बाजारों में निवेशकों के मनोबल का एक अहम पैमाना माना जाता है। इस सुस्ती के बीच अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार और कमोडिटी क्षेत्र में अमेरिकी डॉलर का दबदबा साफ नजर आ रहा है, जिससे कई प्रमुख संपत्तियों और मुद्राओं की चाल प्रभावित हुई है।
यूरो में भारी फिसलन और ऊर्जा संकट की चिंताएं
यूरोपीय मुद्रा EUR/USD पर लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है और यह मई 2025 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। यह करेंसी जोड़ी बुधवार को 1.1312 के स्तर तक नीचे चली गई थी, जो जनवरी में दर्ज किए गए 1.2082 के उच्चतम स्तर से काफी नीचे है। यूरो में आई इस कमजोरी की मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर की व्यापक मजबूती है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक अनिश्चितता और यूरोप पर महंगे ऊर्जा मूल्यों के बढ़ते असर को लेकर उपजी चिंताओं ने भी यूरो पर भारी दबाव डाला है।
सोने की कीमतों में सुस्ती और डॉलर का नया शिखर
कमोडिटी बाजार में सोने के भाव एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहे हैं। यूरोपीय कारोबारी सत्र की शुरुआत तक सोना 4,150 डॉलर प्रति औंस के नीचे बना रहा और पिछले एक हफ्ते से चल रहे दायरे में ही फंसा दिखा। शुक्रवार को आए अमेरिकी रोजगार के कमजोर आंकड़ों को पीछे छोड़ते हुए अमेरिकी डॉलर ने एक बार फिर जबरदस्त तेजी पकड़ी है। डॉलर इंडेक्स अप्रैल 2025 के बाद के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया है, जिसने सोने की कीमतों की बढ़त पर ब्रेक लगा दिया है। हालांकि, फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें कमजोर पड़ने से सोने में बहुत भारी गिरावट भी नहीं देखी जा रही है।
एशियाई सत्र में डॉलर के मुकाबले येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की स्थिति
सोमवार को एशियाई कारोबार के अंतिम घंटों में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर AUD/USD में नई बिकवाली देखी गई, जिससे यह फिसलकर 0.6900 के स्तर की तरफ बढ़ गया। डॉलर की ताजा मजबूती के साथ-साथ पश्चिम एशिया और रूस-यूक्रेन के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव ने इस जोड़ी पर दबाव बनाया। बाजार अब कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड और ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक RBA से जुड़ी उम्मीदों पर नजर बनाए हुए हैं। दूसरी ओर, USD/JPY ने शुरुआती नुकसान की भरपाई करते हुए एशियाई सत्र में 158.00 का स्तर फिर से हासिल कर लिया और यह पिछले एक सप्ताह के दायरे में ही बना रहा। भू-राजनीतिक अनिश्चितता डॉलर को सहारा दे रही है, भले ही फेड द्वारा दरें बढ़ाने की संभावनाएं घट रही हों। हालांकि, बैंक ऑफ जापान यानी BoJ के सख्त रुख और संभावित सरकारी हस्तक्षेप के जोखिम के कारण येन में ज्यादा कमजोरी सीमित रह सकती है।
क्रिप्टो बाजार में बीएनबी का रुख
डिजिटल एसेट बाजार में बाइनेंस के टोकन BNB में सोमवार को हल्की गिरावट दर्ज की गई और यह 790 डॉलर के करीब कारोबार करता दिखा। इससे पहले बीएनबी ने लगातार तीन हफ्तों तक बढ़त हासिल की थी। इस मामूली नरमी के बावजूद डेरिवेटिव्स बाजार में ओपन इंटरेस्ट बढ़ रहा है और फंडिंग रेट्स सकारात्मक बने हुए हैं, जो यह संकेत देते हैं कि वायदा बाजार में निवेशकों की तेजी वाली स्थिति मजबूत हो रही है।















